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डीलरों को सीधे राशन पहुंचाने की व्यवस्था लागू नहीं
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थानाभवन (शामली)। जिले में अब तक एफसीआई गोदाम से राशन सीधे डीलरों के यहां पहुंचने की व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। संबंधित अफसर अप्रैल से जून के बीच यह व्यवस्था लागू करने की बात कह रहे हैं लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए यह व्यवस्था शीघ्र लागू होने के आसार नहीं हैं।
अब तक हर महीने उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार राशन डीलरों का कोटा जारी किया जाता है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम से राशन आरएफसी के अंतर्गत आने वाले एसएमआई गोदाम पर पहुंचता है, जहां से उस राशन को डीलरों के यहां सप्लाई किया जाता है। एसएमआई गोदाम हमेशा ही सवालों के घेरे में रहते हैं। इसके मद्देनजर तीन माह पहले सरकारी आदेश जारी किए गए थे कि भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से अब राशन सीधे राशन डीलरों को दिया जाए। इसके बाद कांधला ब्लॉक में एक माह इस योजना का ट्रायल किया गया था, जो सफल भी रहा था। बावजूद इसके अब तक यह योजना जिले में लागू नहीं हो पाई है।
पुराने दाम पर तैयार नहीं ढुलाई ठेकेदार
भले ही आरएफसी के अफसर इस योजना को अप्रैल से जून के बीच लागू करने की बात कर रहे हों लेकिन ठेकेदारों पुराने दाम पर ढुलाई को तैयार नहीं हैं। आरएफसी के अधिकारी चाहते हैं कि ठेकेदार एसएमआई के गोदाम के बराबर किराये से ही भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से राशन की ढुलाई करें। एसएमआई का गोदाम प्रत्येक ब्लॉक में है, जबकि भारतीय खाद्य निगम का गोदाम मुजफ्फरनगर में है। ऐसे में अतिरिक्त पैसा न मिलने के कारण ठेकेदार पुराने किराये पर राशन की ढुलाई करने को तैयार नहीं हैं।
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राशन डीलरों के पास नहीं अलग कांटों की व्यवस्था
जब एफसीआई के गोदाम से ट्रक राशन लेकर डीलर तक पहुंचाने के लिए चलेगा, तो उसके लिए अलग से तौल की व्यवस्था करनी होगी क्योंकि प्रत्येक राशन डीलर अपने हिस्से का राशन तौल कर ही लेगा। वह पीछे की तुलाई पर भरोसा नहीं करेगा। इसके लिए आरएफसी को जगह-जगह अलग से कांटों की व्यवस्था करनी होगी। जिसमें काफी दिक्कतें आ रही हैं।
योजना को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। उसके लिए शामली सहित सभी जिलों में ट्रायल भी कराया गया है। सभी संसाधनों को जुटाकर उम्मीद है कि अप्रैल से जून के बीच इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।
-सरयू प्रसाद, रीजनल फूड कंट्रोलर सहारनपुर।
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अब तक हर महीने उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार राशन डीलरों का कोटा जारी किया जाता है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम से राशन आरएफसी के अंतर्गत आने वाले एसएमआई गोदाम पर पहुंचता है, जहां से उस राशन को डीलरों के यहां सप्लाई किया जाता है। एसएमआई गोदाम हमेशा ही सवालों के घेरे में रहते हैं। इसके मद्देनजर तीन माह पहले सरकारी आदेश जारी किए गए थे कि भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से अब राशन सीधे राशन डीलरों को दिया जाए। इसके बाद कांधला ब्लॉक में एक माह इस योजना का ट्रायल किया गया था, जो सफल भी रहा था। बावजूद इसके अब तक यह योजना जिले में लागू नहीं हो पाई है।
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पुराने दाम पर तैयार नहीं ढुलाई ठेकेदार
भले ही आरएफसी के अफसर इस योजना को अप्रैल से जून के बीच लागू करने की बात कर रहे हों लेकिन ठेकेदारों पुराने दाम पर ढुलाई को तैयार नहीं हैं। आरएफसी के अधिकारी चाहते हैं कि ठेकेदार एसएमआई के गोदाम के बराबर किराये से ही भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से राशन की ढुलाई करें। एसएमआई का गोदाम प्रत्येक ब्लॉक में है, जबकि भारतीय खाद्य निगम का गोदाम मुजफ्फरनगर में है। ऐसे में अतिरिक्त पैसा न मिलने के कारण ठेकेदार पुराने किराये पर राशन की ढुलाई करने को तैयार नहीं हैं।
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राशन डीलरों के पास नहीं अलग कांटों की व्यवस्था
जब एफसीआई के गोदाम से ट्रक राशन लेकर डीलर तक पहुंचाने के लिए चलेगा, तो उसके लिए अलग से तौल की व्यवस्था करनी होगी क्योंकि प्रत्येक राशन डीलर अपने हिस्से का राशन तौल कर ही लेगा। वह पीछे की तुलाई पर भरोसा नहीं करेगा। इसके लिए आरएफसी को जगह-जगह अलग से कांटों की व्यवस्था करनी होगी। जिसमें काफी दिक्कतें आ रही हैं।
योजना को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। उसके लिए शामली सहित सभी जिलों में ट्रायल भी कराया गया है। सभी संसाधनों को जुटाकर उम्मीद है कि अप्रैल से जून के बीच इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।
-सरयू प्रसाद, रीजनल फूड कंट्रोलर सहारनपुर।