कांधला। कस्बे में टैंकर पलटने से मारे गए चारों लोगों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांवों में किया गया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बुधवार को एलम बाईपास पर टैंकर की चपेट में आकर मोनू कश्यप की मौत हो गई थी। इसके बाद चालक टैंकर को लेकर भाग निकला था और कांधला में बस स्टैंड बुढ़ाना तिराहे के निकट जाकर पलट गया। यहां हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। चार घंटे बाद टैंकर को जेसीबी व हाइड्रा की मदद से हटाया गया था। हादसे में मोनू कश्यप निवासी एलम, कांधला निवासी विशाल, फारुख व ओमवीर मलिक की मौत हो गई थी। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस-प्रशासन ने शवों को परिजनों के हवाले कर दिया। जनपद बागपत के गांव चंदनहेड़ी निवासी ओमवीर का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। जहां पर परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने बताया कि ओमवीर मलिक किसान परिवार से है और उनकी पत्नी मोहल्ला शेखजादगान कांधला में क्लीनिक चलती है। जनपद बागपत के गांव के मूल सूजती निवासी विशाल का शव सुबह उनके पैतृक गांव ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया। विशाल और उसका भाई विक्की मोहल्ला खैल कांधला में अपने नाना इंद्रपाल के यहां रहते थे। विक्की कांधला में बस स्टैंड पर किराये पर कन्फैक्शनरी की दुकान करता है। हादसे के वक्त वह दुकान पर था। एलम निवासी मोनू कश्यप का शव गांव में पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। मोनू के तीन बच्चे हैं, जिसमें बड़े बच्चे की उम्र 11 साल है। जनपद मुजफ्फरनगर के तितावी क्षेत्र के गांव छतैला के मूल निवासी फारुख का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके पैतृक गांव पहुंचा। वहां पर गमगीन माहौल में परिजनों ने शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया। परिजनों के अनुसार फारुख की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कांधला के मोहल्ला राजयादगान में उसकी बहन रहती थी। काम के सिलसिले में वह काफी समय पूर्व कांधला आ गया था। उसके चार पुत्री व एक पुत्र है। उधर, हादसे में घायलों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।