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Shamli News: 15 लाख की लागत से बना पक्का घाट चार माह में ही उखड़ा
Wed, 20 May 2026 12:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 20 May 2026 12:30 AM IST
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भैंसवाल गांव में उखड़ा पड़ा पक्का घाट। ग्रामीण
शामली। भैंसवाल गांव के पास पूर्वी यमुना नहर पर लोगों की सुविधा के लिए करीब 15 लाख रुपये की लागत से बनाया गया पक्का घाट महज चार माह में ही उखड़कर नहर में समा गया। ग्रामीणों ने निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मुख्य यमुना नहर परियोजना के तहत पूर्वी यमुना नहर के पुनर्स्थापना और सुंदरीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसी योजना के अंतर्गत गांव भैंसवाल में ग्रामीणों और पशुओं की सुविधा के लिए पक्का घाट और रैंप बनाया गया था। अब निर्माण के महज चार माह बाद ही घाट का रैंप उखड़कर नहर में जा गिरा। घाट पर डाली गई स्लैब टूटकर बिखर गई, जबकि ईंट-सीमेंट से बनाई गई दीवार भी नहर में समा गई। इससे यहां हादसे की आशंका भी बढ़ गई है।
ग्रामीण सचिन कुमार, सुधीर कुमार का आरोप है कि निर्माण में मानक सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया, जिसके कारण घाट पहली ही बरसात से पहले धराशायी हो गया। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की।
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सिंचाई विभाग के एक्सईएन विवेक कुमार ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच टीम मौके पर भेजी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और घाट का निर्माण दोबारा कराया जाएगा।
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मुख्य यमुना नहर परियोजना के तहत पूर्वी यमुना नहर के पुनर्स्थापना और सुंदरीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसी योजना के अंतर्गत गांव भैंसवाल में ग्रामीणों और पशुओं की सुविधा के लिए पक्का घाट और रैंप बनाया गया था। अब निर्माण के महज चार माह बाद ही घाट का रैंप उखड़कर नहर में जा गिरा। घाट पर डाली गई स्लैब टूटकर बिखर गई, जबकि ईंट-सीमेंट से बनाई गई दीवार भी नहर में समा गई। इससे यहां हादसे की आशंका भी बढ़ गई है।
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ग्रामीण सचिन कुमार, सुधीर कुमार का आरोप है कि निर्माण में मानक सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया, जिसके कारण घाट पहली ही बरसात से पहले धराशायी हो गया। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की।
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सिंचाई विभाग के एक्सईएन विवेक कुमार ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच टीम मौके पर भेजी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और घाट का निर्माण दोबारा कराया जाएगा।