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चीनी से भरे हैं शुगर मिलों के गोदाम

Mon, 05 Oct 2020 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2020 12:06 AM IST
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Sugar mills warehouses are full of sugar
शामली। नया गन्ना पेराई सत्र शुरू होने वाला है और शुगर मिलों के गोदाम चीनी से भरे हुए हैं। चीनी की मांग कम होने के कारण उठान नहीं हो रहा है। किसानों को भुगतान के बदले चीनी देने की योजना भी सफल साबित नहीं हो पाई।
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जिले की शामली, ऊन और थानाभवन चीनी मिलों ने पूरे सीजन में 42 लाख 82 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन किया था। इसमें से 28 लाख 28 हजार क्विंटल चीनी की बिक्री कर पाई हैं। मिलों के गोदामों में 13 लाख 99 हजार क्विंटल चीनी स्टॉक है। गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार शामली 79 प्रतिशत, ऊन 66 प्रतिशत और थानाभवन चीनी मिल 59 प्रतिशत चीनी की बिक्री कर पाई है। ऊन मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत का कहना है कि वह पूरे सीजन में 50 करोड़ मूल्य की चार लाख 78 हजार क्विंटल चीनी एक्सपोर्ट कर पाए हैं। बाजार में चीनी का मूल्य 3240 रुपये प्रति क्विंटल है। पिछले दिनों मिल के साथ व्यापारियों द्वारा चीनी बेचने का करार हुआ था, चीनी के भाव को देखते हुए व्यापारियों द्वारा खरीद की गई लेकिन चीनी का उठान नहीं किया गया। थानाभवन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक जेबी चौधरी कहते हैं कि चीनी की बिक्री बजाज समूह के लखनऊ मुख्यालय से ही होती है। व्यापारियों द्वारा किए गए करार के बाद चीनी का उठान नहीं हो पाया है।---------
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शुगर मिलों पर 523.89 करोड़ का बकाया
जिले की शुगर मिलों पर 523.89 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है जबकि 3240 रुपये प्रति क्विंटल के रेट पर देखें तो शुगर मिलों के गोदामों में लगभग 453.27 करोड़ रुपये की ही चीनी का स्टॉक है। थानाभवन मिल पर 218 करोड़ 98 लाख रुपये, शामली मिल पर 165 करोड़ 35 लाख रुपये, ऊन मिल पर 139 करोड़ 55 लाख रूपये बकाया है। मिल अधिकारी भुगतान नहीं होने के पीछे चीनी का उठान नहीं होने को वजह बता रहे हैं।
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चीनी मिल बिक्री का कोटा निर्धारित
प्रत्येक चीनी मिलों का प्रतिमाह से चीनी बिक्री का कोटा निर्धारित होता है। कोरोना संक्रमण काल में चीनी की मांग भी कम रही है, जिसके चलते चीनी का उठान कम रहा है।
- विजय बहादुर सिंह, डीसीओ, शामली।
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