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वृक्षासन से करें पैरों की मांस पेशियों को मजबूत
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शामली। राष्ट्रीय सेवा योजना शामली के वर्चुअल दस दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन योग प्रशिक्षक डॉ. श्रीपाल धामा ने शिविरार्थियों को योग का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि पैरों की मांस पेशियों को मजबूत करने में वृक्षासन बहुत सहायक होता है।
शनिवार को प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन एनएसएस उप्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक श्रोती ने किया। योग प्रशिक्षक डॉ. श्रीपाल सिंह धामा ने सूक्ष्म यौगिक क्रियाओं के साथ खड़े होकर किए जाने वाले आसनों का अभ्यास कराया। उन्होंने ग्रीवा संचालन, स्कंद संचालन, कटी संचालन और घुटना संचालन क्रियाओं के साथ ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, सर्व त्रिकोणासन का अभ्यास कराया।
बताया कि ग्रीवा संचालन की क्रियाओं से ग्रीवा कंठ की सभी नाड़िया लचीली और दृढ़ बनती हैं। वृक्षासन पैरों की मांसपेशियां, लिगामेंट को मजबूत करने में सहायक है। पादहस्तासन पाचन अंगों की मालिश के साथ कब्ज और अजीर्ण को नष्ट करता है। कमर दर्द वाले लोगों को इस आसन में नीचे तक नहीं झुकना चाहिए। अर्ध चक्रासन मेरुदंड और उससे संबंधित नाड़ियों को मजबूत और लचीला बनाता है। उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों को इस आसन से बचना चाहिए।
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त्रिकोणासन धड़ के दोनों बगल की पेशियों, कमर और पैरों के पृष्ठ भाग को प्रभावित करता है। तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित कर अवसाद को दूर करता है। इसके बाद जिला नोडल अधिकारी डॉ. अजय बाबू शर्मा और सह जिला नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह ने सभी का धन्यवाद किया। संचालन डॉ. रितु जैन ने किया। कार्यक्रम में डॉ. बाला, लखेंद्र बनारस, बीना अग्रवाल, डॉ. एसबी सिंह, राटिल और शिवाक्षी आदि ने भाग लिया।
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शनिवार को प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन एनएसएस उप्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक श्रोती ने किया। योग प्रशिक्षक डॉ. श्रीपाल सिंह धामा ने सूक्ष्म यौगिक क्रियाओं के साथ खड़े होकर किए जाने वाले आसनों का अभ्यास कराया। उन्होंने ग्रीवा संचालन, स्कंद संचालन, कटी संचालन और घुटना संचालन क्रियाओं के साथ ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, सर्व त्रिकोणासन का अभ्यास कराया।
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बताया कि ग्रीवा संचालन की क्रियाओं से ग्रीवा कंठ की सभी नाड़िया लचीली और दृढ़ बनती हैं। वृक्षासन पैरों की मांसपेशियां, लिगामेंट को मजबूत करने में सहायक है। पादहस्तासन पाचन अंगों की मालिश के साथ कब्ज और अजीर्ण को नष्ट करता है। कमर दर्द वाले लोगों को इस आसन में नीचे तक नहीं झुकना चाहिए। अर्ध चक्रासन मेरुदंड और उससे संबंधित नाड़ियों को मजबूत और लचीला बनाता है। उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों को इस आसन से बचना चाहिए।
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त्रिकोणासन धड़ के दोनों बगल की पेशियों, कमर और पैरों के पृष्ठ भाग को प्रभावित करता है। तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित कर अवसाद को दूर करता है। इसके बाद जिला नोडल अधिकारी डॉ. अजय बाबू शर्मा और सह जिला नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह ने सभी का धन्यवाद किया। संचालन डॉ. रितु जैन ने किया। कार्यक्रम में डॉ. बाला, लखेंद्र बनारस, बीना अग्रवाल, डॉ. एसबी सिंह, राटिल और शिवाक्षी आदि ने भाग लिया।