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Shamli News: विरासत वृक्ष डायरी में शामली का 100 साल पुराना पिलखन का पेड़ भी शामिल

Sat, 25 May 2024 02:53 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2024 02:53 AM IST
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Shamli's 100 year old Pilkhan tree also included in heritage tree diary
शामली। शहर में सहकारी गन्ना समिति कार्यालय के पास पिलखन के 100 साल पुराने पेड़ को यूपी सरकार की विरासत वृक्ष डायरी में जगह मिली है। विरासत वृक्षों के संरक्षण और उनके बारे में लोगों को जानकारी देने के उद्देश्य से डायरी को तैयार कराया गया है।
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वन विभाग ने जिलेभर के पुराने पेड़ों का सर्वे कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी। जिसमें शामली जिले से दो सौ साल से पुराने दो पेड़ शामिल थे। इसमें सहकारी गन्ना समिति शामली के परिसर में लगा पिलखन का पेड़ और दूसरा जलालाबाद गांव में बरगद का पेड़ शामिल था, जो ग्राम पंचायत की भूमि में खड़ा है।
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क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि यूपी सरकार की तरफ से जारी की गई विरासत वृक्ष डायरी में शामली की गन्ना सोसाइटी में खड़े 100 साल पुराने पिलखन के पेड़ को भी जगह मिली है। शामली शहर के रहने वाले रोहताश और रमेश का कहना है कि बचपन से इस पिलखन के पेड़ को ऐसा ही देखा है। उनका मानना है यह पेड़ सौ साल से बहुत ज्यादा पुराना है। खास बात यह है कि इस पेड़ के नीचे किसान भी बैठक आदि करते रहते हैं।
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सरकार ने इस पेड़ को डायरी में शामिल करते हुए कहा है कि यह पेड़ जहां विश्राम करने वालों को छाया प्रदान करता है वहीं पेड़ के चबूतरे पर बैठकर लोग वार्ता के साथ बैठक भी करते हैं। जलालाबाद के पीपल के पेड़ को डायरी में स्थान नहीं मिल सका है। यह भी सौ साल से अधिक पुराना है।


विरासत पेड़ से तैयार की जा रही पौध, विरासत वन वाटिका में लगेगी
क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि शामली के पिलखन और जलालाबाद के बरगद के पेड़ की टहनियों, तने, बीज आदि से पौध तैयार की जा रही है। यूपी में विभिन्न स्थानों पर विरासत वन और वाटिका बनाई जाएगी, जिसमें शामली में तैयार पौध को भेजा जाएगा। जिसके लिए तीन टीमें लगाई गई है।
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