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11 साल बाद भी विकसित नहीं हो सका शामली
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एनआईए और एटीएस की कार्रवाई से कई हुए भूमिगत
कैराना । एनआईए व एटीएस की कार्रवाई से जिले में पीएफआई से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है। कई लोग भूमिगत हो गए है।
पिछले सप्ताह गांव मामौर में छापेमारी करते हुए वर्तमान प्रधान पति मौलाना साजिद को गिरफ्तार किया था। यह पीएफआई का सक्रिय सदस्य है। इसके अलावा पश्चिमी यूपी से तीन अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तार किया गया था। एटीएस ने खुलासा किया था कि आरोपी देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर भारतवर्ष को खंडित कर देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाने का षड्यंत्र रच रहे थे। मंगलवार को फिर से हुई छापेमारी में हिरासत में लिया गया। मौलाना साजिद का छोटा भाई साबिर भी वर्ष 2019 में सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ पोस्टरों के साथ गिरफ्तार हो चुका हैं। वहीं सरवर अली भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका हैं। एनआईए व एटीएस द्वारा हिरासत में लिया गया जाबिर एसडीपीआई के वार्ड-12 से जिला पंचायत सदस्य परवेज अली का बड़ा भाई हैं।
2022 विधानसभा चुनाव में एसडीपीआई प्रत्याशी रह चुका है सरवर
विधानसभा-2022 चुनाव में एसडीपीआई ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। उस समय कैराना विधानसभा सीट से सरवर अली को एसडीपीआई ने अपना प्रत्याशी बनाया था। जिसने नामांकन करने के कुछ दिन बाद ही सपा प्रत्याशी नाहिद हसन को अपना समर्थन दें दिया था। फिलहाल सरवर से भी सुरक्षा जांच एजेंसियां पूछताछ करने में जुटी हुई हैं।
मदरसा संचालक हैं मौलाना जाहिद
बताया जा रहा हैं कि एनआईए व एटीएस द्वारा हिरासत में लिए गए मौलाना जाहिद गांव मामौर में ही मदरसा दारूल उलूम रहमानिया का संचालन करता हैं। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल उनसे पूछताछ के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं कर रहीं हैं। पूछताछ के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा।
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भड़काऊ पोस्टर बांटते हुए गिरफ्तारी हुआ था नफीस
शामली। क्षेत्र के गांव टपराना में एटीएस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से पीएफआई से जुड़े युवक को उठाकर अपने साथ ले गई। जिससे झिंझाना थाने में पूछताछ करने के बाद पुलिस ने धारा 151 में चालानी कार्रवाई करते हुए एसडीएम कोर्ट में पेश दिया। मेरठ-करनाल हाईवे स्थित क्षेत्र के गांव टपराना निवासी नफीस पुत्र हनीफ को एटीएस टीम ने झिंझाना पुलिस के सहयोग से सुबह सवेरे उठाया और अपने साथ ले गई। थाना प्रभारी निरीक्षक हरीश कुमार राजपूत ने बताया की एटीएस की टीम ने टपराना से नफीस को गिरफ्तार किया है। उसने पूछताछ में बताया कि केरल में अपने लैपटॉप के माध्यम से कुछ संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया था। जिसकी जांच एटीएस ने की जा रही है। फिलहाल उनकी तहरीर पर नफीस को 151 में एसडीएम कोर्ट पेश किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नफीस गांव में ही प्रिंटिंग प्रेस, विजिटिंग कार्ड डिजाइन करने का कार्य तथा अन्य कई लैपटॉप से जुड़े कार्य किया करता था और यह भी बताया गया कि यह लैपटॉप स्कूल की पढ़ाई में नफीस को मिला था।
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कैराना । एनआईए व एटीएस की कार्रवाई से जिले में पीएफआई से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है। कई लोग भूमिगत हो गए है।
पिछले सप्ताह गांव मामौर में छापेमारी करते हुए वर्तमान प्रधान पति मौलाना साजिद को गिरफ्तार किया था। यह पीएफआई का सक्रिय सदस्य है। इसके अलावा पश्चिमी यूपी से तीन अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तार किया गया था। एटीएस ने खुलासा किया था कि आरोपी देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर भारतवर्ष को खंडित कर देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाने का षड्यंत्र रच रहे थे। मंगलवार को फिर से हुई छापेमारी में हिरासत में लिया गया। मौलाना साजिद का छोटा भाई साबिर भी वर्ष 2019 में सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ पोस्टरों के साथ गिरफ्तार हो चुका हैं। वहीं सरवर अली भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका हैं। एनआईए व एटीएस द्वारा हिरासत में लिया गया जाबिर एसडीपीआई के वार्ड-12 से जिला पंचायत सदस्य परवेज अली का बड़ा भाई हैं।
2022 विधानसभा चुनाव में एसडीपीआई प्रत्याशी रह चुका है सरवर
विधानसभा-2022 चुनाव में एसडीपीआई ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। उस समय कैराना विधानसभा सीट से सरवर अली को एसडीपीआई ने अपना प्रत्याशी बनाया था। जिसने नामांकन करने के कुछ दिन बाद ही सपा प्रत्याशी नाहिद हसन को अपना समर्थन दें दिया था। फिलहाल सरवर से भी सुरक्षा जांच एजेंसियां पूछताछ करने में जुटी हुई हैं।
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मदरसा संचालक हैं मौलाना जाहिद
बताया जा रहा हैं कि एनआईए व एटीएस द्वारा हिरासत में लिए गए मौलाना जाहिद गांव मामौर में ही मदरसा दारूल उलूम रहमानिया का संचालन करता हैं। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल उनसे पूछताछ के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं कर रहीं हैं। पूछताछ के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा।
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भड़काऊ पोस्टर बांटते हुए गिरफ्तारी हुआ था नफीस
शामली। क्षेत्र के गांव टपराना में एटीएस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से पीएफआई से जुड़े युवक को उठाकर अपने साथ ले गई। जिससे झिंझाना थाने में पूछताछ करने के बाद पुलिस ने धारा 151 में चालानी कार्रवाई करते हुए एसडीएम कोर्ट में पेश दिया। मेरठ-करनाल हाईवे स्थित क्षेत्र के गांव टपराना निवासी नफीस पुत्र हनीफ को एटीएस टीम ने झिंझाना पुलिस के सहयोग से सुबह सवेरे उठाया और अपने साथ ले गई। थाना प्रभारी निरीक्षक हरीश कुमार राजपूत ने बताया की एटीएस की टीम ने टपराना से नफीस को गिरफ्तार किया है। उसने पूछताछ में बताया कि केरल में अपने लैपटॉप के माध्यम से कुछ संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया था। जिसकी जांच एटीएस ने की जा रही है। फिलहाल उनकी तहरीर पर नफीस को 151 में एसडीएम कोर्ट पेश किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नफीस गांव में ही प्रिंटिंग प्रेस, विजिटिंग कार्ड डिजाइन करने का कार्य तथा अन्य कई लैपटॉप से जुड़े कार्य किया करता था और यह भी बताया गया कि यह लैपटॉप स्कूल की पढ़ाई में नफीस को मिला था।