फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   second day 40 people varifcation

कांधला में दूसरे दिन 40 लोगों का हुआ सत्यापन

Sun, 19 Jun 2016 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Sun, 19 Jun 2016 12:54 AM IST
विज्ञापन
second day 40 people varifcation
सत्यापन मामले में लेखपाल से जानकारी लेते विधायक। - फोटो : अमर उजाला
 
विज्ञापन

कांधला/शामली। भाजपा सांसद द्वारा जारी कांधला से पलायन करने वालों की सूची का सत्यापन दूसरे दिन भी प्रशासनिक टीम करती रही। दो दिन में 40 लोगों का सत्यापन किया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने रंगदारी की धमकी और पुलिस के ढुलमुल रवैये  के कारण कस्बा छोड़ना बताया, तो ज्यादातर लोगों के रोजगार, शिक्षा और कारोबार के सिलसिले में कस्बे से बाहर जाना बताया गया। वहीं, वीरसेन नामक व्यक्ति के कांधला में रहने की पुष्टि ही नहीं हो सकी। 

भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने 63 परिवारों की सूची जारी कर कहा था कि गुंडागर्दी की दहशत में उक्त लोग कांधला से पलायन कर गए हैं। शुक्रवार से जिला प्रशासन ने कांधला की सूची का सत्यापन शुरू कराया। सत्यापन कार्य में चार टीमें लगी हुई हैं। शनिवार को भी टीमें कांधला में डोर टू डोर घूमकर सूची में शामिल नामों के सत्यापन करने में लगी रहीं। इस दौरान मोहल्ला सरावज्ञान निवासी सतेन्द्र जैन ने टीम को बताया कि रंगदारी की धमकियों के कारण उनके छह बेटों ने कस्बा छोड़ दिया है। शीघ्र ही वह भी कस्बे को छोड़कर जाएंगे। इसी मोहल्ले के अजय ने टीम को फोन पर बताया कि लूट और चोरी होने के कारण उसने कस्बा छोड़ दिया है।
विज्ञापन


सुन्दरलाल सैनी के पड़ोसियों ने बताया कि वह पुलिस की कार्यप्रणाली से परेशान होकर कस्बा छोड़ गया है। सूची में शामिल आयुष जैन यहां का मूल निवासी न होकर किरायेदार बताया गया है। गौरव सैनी के पड़ोसी ने बताया वह लोग व्यापार के कारण कस्बे से गए हैं। शीला के पड़ोसी ने बताया कि उनके बेटे का स्थानांतरण हो गया था इसलिए वह कस्बे से चले गए हैं। सतीश मित्तल के घर पर पहुंचे तो वहां से जानकारी मिली कि वह लोग दिल्ली अपने बेटों के पास चले गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सतीश सेठी के समाज के लोग बताते हैं कि यह लोग अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए कस्बे से गए हैं। इनके साथ गजे सिंह ने भी कस्बे से बाहर जाकर अपना बड़ा कारोबार खड़ा कर लिया है। उधर, सूची में 54 नंबर दर्ज वीरसेन पुत्र धरमी निवासी शेखजादगान की पुष्टि नहीं हो सकी। मोहल्ले के लोगों ने इस नाम के व्यक्ति के रहने बारे में जानकारी से इंकार कर दिया। जांच टीम में शामिल राजस्व प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम ने बताया कि सत्यापन पूरा होने पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed