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सफलता के लिए संयम और अच्छे संस्कार जरूरी
Fri, 10 May 2019 11:23 PM IST
NAVEEN GUPTA
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Fri, 10 May 2019 11:23 PM IST
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file photo
- फोटो : amarujala
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अमर उजाला अपराजिता अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को शहर के बुढ़ाना रोड स्थित गोल्ड स्टार रायफल क्लब की शूटिंग रेंज पर स्कूली छात्राओं का निशानेबाजी शिविर का आयोजन किया गया। नेशनल शूटर रिचा मलिक ने छात्राओं को निशानेबाजी के गुर सिखाए। एसपी अजय कुमार ने निशाने साधे। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए संयम, संघर्ष और संस्कार का सबसे ज्यादा महत्व है।
शिविर का शुभारंभ एसपी अजय कुमार ने किया। कहा कि हर किसी की रुचि अलग होती है। रुचि को ध्यान में रखकर भी करियर चुनना चाहिए। कोई भी काम हो, उसमें सफल होनेे के लिए तीन चीजें बहुत जरूरी हैं। समय, संयम, संघर्ष और संस्कार। काम करने में समय का महत्व समझना चाहिए। काम करने में अड़चनें बहुत आएंगी इसलिए संयम और सहनशीलता से संघर्ष करें। अच्छे संस्कार भी बहुत जरूरी हैं। उन्होंने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के टिप्स देते हुए बताया कि बेटियों को तन के साथ मन सेेेे भी मजबूत बनना चाहिए तभी वे आवाज उठा सकती हैं। इस दिशा में अमर उजाला की अपराजिता मुहिम बेमिसाल है, जो बेटियों को भावनात्मक रुप से मजबूत कर रही है।
शिविर में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज की सीनियर छात्राएं भी पहुंचीं। उन्हें गोल्ड स्टार शूटिंग रेंज की कोच नेशनल शूटर रिचा मलिक और सिपंल चौधरी ने 10 मीटर एयर रायफल और एयर पिस्टल के बारे में टिप्स दिए। बताया कि सबसे पहले अपने हाथ की ग्रिप बनाएं। अपनी आंख उंगली और दिमाग को तीनों का इसमें अहम योगदान है। आंखें लक्ष्य साधेंगी, ऊंगली ट्रिगर चलाएगी और दिमाग दोनों चीजों का संतुलन बनाकर रखेगा। इस मौके पर पुष्पा मलिक, रिया, कविता, बिमलेश मलिक, नदीम मंसूरी, वशु खैवाल, मंजीत कुमार ,अजय कुमार, आकाश मलिक आदि मौजूद रहे।
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निशानेबाजी में व्यायाम और एकाग्रता बहुत जरूरी : रिचा मलिक
नेशनल शूटर रिचा मलिक ने बताया कि निशानेबाजी सीखने से पहले सबसे पहले अपने शरीर का बैलेंस बनाना जरूरी है। हाथ का कंपन खत्म होने वाली एक्सरसाइज करेंगे। जैसे ताड़ासन आदि। शरीर को फिट बनाएंगे। इसके बाद रेंज पर पॉजिशन लेंगे। पॉजिशन में जितनी कंधों की चौड़ाई होती है, उतने ही अपने पैरों की चौड़ाई वाली पॉजीशन ली जाती है। इसके बाद देखेंगे की हम लक्ष्य के सामने हैं या नहीं। इसके बाद बांये हाथ से पिस्टल उठाकर दाएं हाथ की ग्रिप बनाएंगे। इसके बाद पिस्टल से अपनी बैक साइड से फोर साइट देखते हुए सामने लगे टारगेट के ब्लैक रिंग के नीचे मिलाते हुए ट्रिगर चलाएंगे। निशानेबाजी सीखने से पहले व्यायाम बहुत जरूरी होता है। निशानेबाजी सीखने का समय सीखने वाले की काबलियत पर निर्धारित करता है। अच्छी एकाग्रता से सीखें तो करीब तीन महीने में भी अच्छा निशाना लगने लगता है।
एसपी ने भी लगाए सटीक निशाने
शिविर में एसपी अजय कुमार ने भी एयर रायफल और पिस्टल से सटीक निशाने लगाए। उन्होंने दोनों से पांच पांच निशाने लगाए। एयर पिस्टल में उन्होंने 50 में से 42 और रायफल में 50 में से 38 नंबर लिए। एसपी के सटीक निशाने देख वहां मौजूद छात्राओं ने भी तालियां बजाकर उन्हें बधाई दी।
छात्राएं बोली हम भी बनेंगी शूटर
सरस्वती विधा मंदिर इंटर कालेज की छात्राओं ने बड़े ही एकाग्रता ओर उत्साह के साथ टिप्स लिए। उन्होंने रेंज पर 10 मीटर रायफल और पिस्टल दोनों के निशाने भी साधे। कई छात्राओं ने पहली बार पिस्टल और रायफल पकड़ी थी। दीपा, पारुल, आदि कई छात्राओं ने तो शूटर बनने की इच्छा जताई। कालेज की शिक्षिका कविता गर्ग ने भी निशाने लगाए। कहा कि छात्राओं के लिए ये एक नया और अच्छा अनुभव था। अमर उजाला का प्रयास वास्तव में सराहनीय है।
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शिविर का शुभारंभ एसपी अजय कुमार ने किया। कहा कि हर किसी की रुचि अलग होती है। रुचि को ध्यान में रखकर भी करियर चुनना चाहिए। कोई भी काम हो, उसमें सफल होनेे के लिए तीन चीजें बहुत जरूरी हैं। समय, संयम, संघर्ष और संस्कार। काम करने में समय का महत्व समझना चाहिए। काम करने में अड़चनें बहुत आएंगी इसलिए संयम और सहनशीलता से संघर्ष करें। अच्छे संस्कार भी बहुत जरूरी हैं। उन्होंने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के टिप्स देते हुए बताया कि बेटियों को तन के साथ मन सेेेे भी मजबूत बनना चाहिए तभी वे आवाज उठा सकती हैं। इस दिशा में अमर उजाला की अपराजिता मुहिम बेमिसाल है, जो बेटियों को भावनात्मक रुप से मजबूत कर रही है।
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शिविर में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज की सीनियर छात्राएं भी पहुंचीं। उन्हें गोल्ड स्टार शूटिंग रेंज की कोच नेशनल शूटर रिचा मलिक और सिपंल चौधरी ने 10 मीटर एयर रायफल और एयर पिस्टल के बारे में टिप्स दिए। बताया कि सबसे पहले अपने हाथ की ग्रिप बनाएं। अपनी आंख उंगली और दिमाग को तीनों का इसमें अहम योगदान है। आंखें लक्ष्य साधेंगी, ऊंगली ट्रिगर चलाएगी और दिमाग दोनों चीजों का संतुलन बनाकर रखेगा। इस मौके पर पुष्पा मलिक, रिया, कविता, बिमलेश मलिक, नदीम मंसूरी, वशु खैवाल, मंजीत कुमार ,अजय कुमार, आकाश मलिक आदि मौजूद रहे।
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निशानेबाजी में व्यायाम और एकाग्रता बहुत जरूरी : रिचा मलिक
नेशनल शूटर रिचा मलिक ने बताया कि निशानेबाजी सीखने से पहले सबसे पहले अपने शरीर का बैलेंस बनाना जरूरी है। हाथ का कंपन खत्म होने वाली एक्सरसाइज करेंगे। जैसे ताड़ासन आदि। शरीर को फिट बनाएंगे। इसके बाद रेंज पर पॉजिशन लेंगे। पॉजिशन में जितनी कंधों की चौड़ाई होती है, उतने ही अपने पैरों की चौड़ाई वाली पॉजीशन ली जाती है। इसके बाद देखेंगे की हम लक्ष्य के सामने हैं या नहीं। इसके बाद बांये हाथ से पिस्टल उठाकर दाएं हाथ की ग्रिप बनाएंगे। इसके बाद पिस्टल से अपनी बैक साइड से फोर साइट देखते हुए सामने लगे टारगेट के ब्लैक रिंग के नीचे मिलाते हुए ट्रिगर चलाएंगे। निशानेबाजी सीखने से पहले व्यायाम बहुत जरूरी होता है। निशानेबाजी सीखने का समय सीखने वाले की काबलियत पर निर्धारित करता है। अच्छी एकाग्रता से सीखें तो करीब तीन महीने में भी अच्छा निशाना लगने लगता है।
एसपी ने भी लगाए सटीक निशाने
शिविर में एसपी अजय कुमार ने भी एयर रायफल और पिस्टल से सटीक निशाने लगाए। उन्होंने दोनों से पांच पांच निशाने लगाए। एयर पिस्टल में उन्होंने 50 में से 42 और रायफल में 50 में से 38 नंबर लिए। एसपी के सटीक निशाने देख वहां मौजूद छात्राओं ने भी तालियां बजाकर उन्हें बधाई दी।
छात्राएं बोली हम भी बनेंगी शूटर
सरस्वती विधा मंदिर इंटर कालेज की छात्राओं ने बड़े ही एकाग्रता ओर उत्साह के साथ टिप्स लिए। उन्होंने रेंज पर 10 मीटर रायफल और पिस्टल दोनों के निशाने भी साधे। कई छात्राओं ने पहली बार पिस्टल और रायफल पकड़ी थी। दीपा, पारुल, आदि कई छात्राओं ने तो शूटर बनने की इच्छा जताई। कालेज की शिक्षिका कविता गर्ग ने भी निशाने लगाए। कहा कि छात्राओं के लिए ये एक नया और अच्छा अनुभव था। अमर उजाला का प्रयास वास्तव में सराहनीय है।