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रोजी, रोटी गई छिन, लाइन में बीत रहा दिन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 22 Dec 2016 12:01 AM IST
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बैंक के बाहर लगी भीड़।
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शामली। नोटबंदी के चलते बैंकों में कैश की किल्लत ने लोगों का सुकून छीन लिया है। लोग अपने सभी काम छोड़कर कैश निकालने के लिए लाइन में खडे़ होने को मजबूर हैं।
नोटबंदी को एक महीने से भी अधिक का समय हो गया, लेकिन लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को शहर के बैंकों के बाहर लाइन में खड़े विलेंद्र कासमपुर निवासी ने बताया कि वह गांव में वेल्डिंग की दुकान करता है, लेकिन सुबह से ही दुकान छोड़कर सामान ले जाने के लिए एटीएम पर लाइन में खड़ा हूं लेकिन अब तक कैश नहीं मिल पाया है।
जिसके कारण दुकान का काम बिल्कुल ठप हो गया है। छात्र कुलदीप निवासी खंद्रावली ने बताया कि वह बीएसएसी का छात्र है। ट्यूशन व अन्य किताबें खरीदने के लिए तीन दिन से पढ़ाई छोड़कर एटीएम की लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
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सपना मलिक निवासी गोहरपुर ने बताया कि सुबह 9 बजे से स्टेट बैंक की लाइन में कैश निकालने के लिए खड़ी हूं। हरिदत्त शर्मा खंद्रावली का कहना है कि गेहूं में पानी चलाना व खाद डालना था, लेकिन सुबह से ही बच्चों की फीस व घर के सामान के लिए पैसे निकालने के लिए लाइन में लगने की मजबूरी है। सुरेंद्र पंवार ने बताया कि उनकी शहर में किताबों की दुकान है, लेकिन कैश के लिए दुकान बंद कर लाइन में लगा हूं। जिसके कारण दुकान का सारा धंधा चौपट हो गया है।
वहीं राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की छात्रा रीना, मीनाक्षी भी मेस के पैसे जमा करने के लिए पढ़ाई छोड़कर एटीएम पर चक्कर काटती नजर आई। कि कई दिनों से पढ़ाई छोड़कर एटीएम पर घूम रही है पर कैश नहीं मिल रहा है। वही शिक्षक अनुज, सचिन, मोनू, राजेंद्र, विजय नारायण भी स्कूल छोड़कर कैश निकालने के लिए बैंक की लाइन में खडे़ मिले।
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नोटबंदी को एक महीने से भी अधिक का समय हो गया, लेकिन लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को शहर के बैंकों के बाहर लाइन में खड़े विलेंद्र कासमपुर निवासी ने बताया कि वह गांव में वेल्डिंग की दुकान करता है, लेकिन सुबह से ही दुकान छोड़कर सामान ले जाने के लिए एटीएम पर लाइन में खड़ा हूं लेकिन अब तक कैश नहीं मिल पाया है।
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जिसके कारण दुकान का काम बिल्कुल ठप हो गया है। छात्र कुलदीप निवासी खंद्रावली ने बताया कि वह बीएसएसी का छात्र है। ट्यूशन व अन्य किताबें खरीदने के लिए तीन दिन से पढ़ाई छोड़कर एटीएम की लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
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सपना मलिक निवासी गोहरपुर ने बताया कि सुबह 9 बजे से स्टेट बैंक की लाइन में कैश निकालने के लिए खड़ी हूं। हरिदत्त शर्मा खंद्रावली का कहना है कि गेहूं में पानी चलाना व खाद डालना था, लेकिन सुबह से ही बच्चों की फीस व घर के सामान के लिए पैसे निकालने के लिए लाइन में लगने की मजबूरी है। सुरेंद्र पंवार ने बताया कि उनकी शहर में किताबों की दुकान है, लेकिन कैश के लिए दुकान बंद कर लाइन में लगा हूं। जिसके कारण दुकान का सारा धंधा चौपट हो गया है।
वहीं राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की छात्रा रीना, मीनाक्षी भी मेस के पैसे जमा करने के लिए पढ़ाई छोड़कर एटीएम पर चक्कर काटती नजर आई। कि कई दिनों से पढ़ाई छोड़कर एटीएम पर घूम रही है पर कैश नहीं मिल रहा है। वही शिक्षक अनुज, सचिन, मोनू, राजेंद्र, विजय नारायण भी स्कूल छोड़कर कैश निकालने के लिए बैंक की लाइन में खडे़ मिले।