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आने वाली है बरसात, नालों की सफाई हुई क्या
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Wed, 04 May 2016 11:22 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। बरसात आने वाली है और नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। तो तैयार हो जाइये, फिर से जलभराव की समस्या झेलने को। क्योंकि अब तक नगरपालिका परिषद ने नालों की सफाई का कार्य शुरू नहीं कराया है।
शहर में बरसात के दिनों में जलभराव की भयंकर समस्या हो जाती है। हल्की सी बरसात में ही नाले चौक हो जाते हैं। आलम यह है कि नगरपालिका कार्यालय भी जलभराव से अछूता नहीं रहता तथा उसके पास सटे नेहरू मार्केट में तो सड़क पर जलभराव होते ही नाले का गंदा पानी दुकानों में घुस जाता है। इसकी वजह से व्यापारियों को भारी नुकसान होता है। ऐसा नहीं है कि नगरपालिका परिषद इस समस्या से अनजान है।
हर साल ऐसे ही हालात होते हैं, बावजूद इसके शहर वासियों की समस्या को लेकर पालिका अधिकारी गंभीर नजर नहीं आते।
गौरतलब है कि शहर में एक बड़ा नाला है, जो माजरा रोड पर नवीन मंडी से मोहल्ला शांतिनगर होता हुआ बैंड मार्केट से गांधी चौक होता हुआ एमएसके रोड से बुढ़ाना रोड को जोड़ता है दयानंदनगर की तरफ जाता है। यह नाला करीब डेढ़ किमी लंबा है। इसके अलावा शहर में करीब 12 अन्य नाले हैं। इन नालों की सफाई पर पालिका प्रशासन की शायद नजर नहीं है।
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सफाई पर इस बार 20 लाख होंगे खर्च
शहर के बड़े नाले की सफाई ठेके पर कराई जाती है। पिछले दिनों नगरपालिका परिषद शामली ने टेंडर छोड़ दिया है। पालिका अधिकारियों के मुताबिक इस बार नाले की सफाई कार्य पर करीब 20 लाख खर्च किया जाएगा। गौरतलब है कि बीते वर्ष जब बरसात में शहर में जलभराव की समस्या भयावह हो गई थी, तो कांग्रेस विधायक पंकज मलिक ने भी विधायक निधि से करीब 11 लाख रुपये नाला सफाई को दिए थे। तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई थी।
जलभराव से प्रभावित रहने वाले इलाके
नगरपालिका कार्यालय के पास नेहरू मार्केट, पटेलनगर, माजरा रोड, मोहल्ला बड़ीआल, कबाड़ी बाजार, टंकी रोड, बीच की आल, पंजाबी कालोनी रेलपार, सीबी गुप्ता कालोनी, नोकुआ रोड प्रमुख स्थान हैं, जहां जलभराव की समस्या सबसे ज्यादा परेशान करती है।
नाले की सफाई का टेंडर हो चुका है। चार जोन में बांटकर नाले की सफाई कराई जानी है। जल्दी ही सफाई का कार्य शुरू कराया जाएगा और मई में ही सफाई कार्य पूर्ण कराना है। इसके अलावा छोटे नालों की सफाई के लिए अलग से 10 कर्मचारियों का गैंग बनाया हुआ है। - शैलेंद्र मिश्र, प्रभारी अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद शामली
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शहर में बरसात के दिनों में जलभराव की भयंकर समस्या हो जाती है। हल्की सी बरसात में ही नाले चौक हो जाते हैं। आलम यह है कि नगरपालिका कार्यालय भी जलभराव से अछूता नहीं रहता तथा उसके पास सटे नेहरू मार्केट में तो सड़क पर जलभराव होते ही नाले का गंदा पानी दुकानों में घुस जाता है। इसकी वजह से व्यापारियों को भारी नुकसान होता है। ऐसा नहीं है कि नगरपालिका परिषद इस समस्या से अनजान है।
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हर साल ऐसे ही हालात होते हैं, बावजूद इसके शहर वासियों की समस्या को लेकर पालिका अधिकारी गंभीर नजर नहीं आते।
गौरतलब है कि शहर में एक बड़ा नाला है, जो माजरा रोड पर नवीन मंडी से मोहल्ला शांतिनगर होता हुआ बैंड मार्केट से गांधी चौक होता हुआ एमएसके रोड से बुढ़ाना रोड को जोड़ता है दयानंदनगर की तरफ जाता है। यह नाला करीब डेढ़ किमी लंबा है। इसके अलावा शहर में करीब 12 अन्य नाले हैं। इन नालों की सफाई पर पालिका प्रशासन की शायद नजर नहीं है।
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सफाई पर इस बार 20 लाख होंगे खर्च
शहर के बड़े नाले की सफाई ठेके पर कराई जाती है। पिछले दिनों नगरपालिका परिषद शामली ने टेंडर छोड़ दिया है। पालिका अधिकारियों के मुताबिक इस बार नाले की सफाई कार्य पर करीब 20 लाख खर्च किया जाएगा। गौरतलब है कि बीते वर्ष जब बरसात में शहर में जलभराव की समस्या भयावह हो गई थी, तो कांग्रेस विधायक पंकज मलिक ने भी विधायक निधि से करीब 11 लाख रुपये नाला सफाई को दिए थे। तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई थी।
जलभराव से प्रभावित रहने वाले इलाके
नगरपालिका कार्यालय के पास नेहरू मार्केट, पटेलनगर, माजरा रोड, मोहल्ला बड़ीआल, कबाड़ी बाजार, टंकी रोड, बीच की आल, पंजाबी कालोनी रेलपार, सीबी गुप्ता कालोनी, नोकुआ रोड प्रमुख स्थान हैं, जहां जलभराव की समस्या सबसे ज्यादा परेशान करती है।
नाले की सफाई का टेंडर हो चुका है। चार जोन में बांटकर नाले की सफाई कराई जानी है। जल्दी ही सफाई का कार्य शुरू कराया जाएगा और मई में ही सफाई कार्य पूर्ण कराना है। इसके अलावा छोटे नालों की सफाई के लिए अलग से 10 कर्मचारियों का गैंग बनाया हुआ है। - शैलेंद्र मिश्र, प्रभारी अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद शामली