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सरकारी स्कूल लगा रहे सरकार को चूना
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 01 Jan 2017 12:04 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जनपद में प्राथमिक स्कूल व उच्च प्राथमिक स्कूलों को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कुछ समय पहले सभी प्रधानाध्यापकों को बल्ब व बड़ी ट्यूब लाइटों को हटाकर एलईडी बल्बों का प्रयोग कर बिजली बचत करने के निर्देश दिए गए थे। मगर अभी तक किसी स्कूल में निर्देश का पालन नहीं किया गया। जिससे सरकार को बड़ी मात्रा में चूना लगाया जा रहा है।
जिलेभर में 529 प्राथमिक और 224 उच्च प्राथमिक स्कूल है। जिनमें बिजली बचत करने के यूपी के सभी जिलों में स्कूलों को बल्ब व ज्यादा वाट वाली ट्यूब लाइटें उतारकर उनके स्थान पर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए एलईडी बल्बों को लगाकर बिजली बचत के लिए निर्देश दिया गया था। जिसके बाद सभी बीएसए ने अपने अपने जिलों मेें स्कूलों में पत्र भेजकर एलईडी बल्ब लगाकर बिजली बचत करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद भी जिले के अधिकांश स्कूलों में आज भी 100 से 200 वाट के बल्ब व 40 वाट तक की ट्यूब लाइटें लगी हुई है।
जिनके कारण स्कूलों का बड़ी मात्रा में बिल आने के कारण आज से पहले शहर के कई स्कूलों का बिल ज्यादा होने के कारण बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया है। जिसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश का कोई पालन नहीं हो सका है।
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कुछ स्कूलों का 30 से 40 रुपये बिल होने के बाद कई सालों से बिजली कनेक्शन कटा हुआ है। लेकिन जिन स्कूलों में बिजली है उनमें ज्यादातर स्कूलों में आज भी वही बड़ी ट्यूब लाइट लगी है। किसी में भी निर्देश के बाद भी कोई एलईडी बल्ब नहीं लग सका है। निर्देशोें पर कार्रवाई कैसे हो जब बीएसए ऑफिस में ही आज भी बड़ी ट्यूब लाइट लगी हुई है ।
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जिलेभर में 529 प्राथमिक और 224 उच्च प्राथमिक स्कूल है। जिनमें बिजली बचत करने के यूपी के सभी जिलों में स्कूलों को बल्ब व ज्यादा वाट वाली ट्यूब लाइटें उतारकर उनके स्थान पर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए एलईडी बल्बों को लगाकर बिजली बचत के लिए निर्देश दिया गया था। जिसके बाद सभी बीएसए ने अपने अपने जिलों मेें स्कूलों में पत्र भेजकर एलईडी बल्ब लगाकर बिजली बचत करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद भी जिले के अधिकांश स्कूलों में आज भी 100 से 200 वाट के बल्ब व 40 वाट तक की ट्यूब लाइटें लगी हुई है।
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जिनके कारण स्कूलों का बड़ी मात्रा में बिल आने के कारण आज से पहले शहर के कई स्कूलों का बिल ज्यादा होने के कारण बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया है। जिसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश का कोई पालन नहीं हो सका है।
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कुछ स्कूलों का 30 से 40 रुपये बिल होने के बाद कई सालों से बिजली कनेक्शन कटा हुआ है। लेकिन जिन स्कूलों में बिजली है उनमें ज्यादातर स्कूलों में आज भी वही बड़ी ट्यूब लाइट लगी है। किसी में भी निर्देश के बाद भी कोई एलईडी बल्ब नहीं लग सका है। निर्देशोें पर कार्रवाई कैसे हो जब बीएसए ऑफिस में ही आज भी बड़ी ट्यूब लाइट लगी हुई है ।