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जांच में खुलेगी निर्माण की पोल
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:03 AM IST
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investigation
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। प्रदेश सरकार ने कब्रिस्तानों की चहारदीवरी बनवाए जाने में गड़बड़ी की आशंका के चलते जांच कराने का आदेश अधिकारियों को दिया है। जांच कमेटी गठित कर दी गई है, जिसके चलते विभिन्न जनपदों में कब्रिस्तानों की चहारदीवरी के निर्माण में बरती गई खामियों की पोल खुल जाएगी। शामली जनपद भी इससे अछूता नहीं है, क्योंकि निर्माण में मानकों का पालन करने में यहां भी लापरवाही कम नहीं बरती गई हैं।
जिले में कुल 752 कब्रिस्तान हैं। पिछली प्रदेश की सपा सरकार के कार्यकाल में कब्रिस्तानों की चहारदीवरी का कार्य शुरू कराया गया था, जिसके चलते 2012 से अब तक जिले में 118 कब्रिस्तानों की चहारदीवरी का निर्माण कराया जा चुका है।
शामली जनपद में भी कब्रिस्तानों की चहारदीवरी का निर्माण एजेंसी सीएनडीएस से कराया गया। गौरतलब है कि निवर्तमान मुख्य विकास अधिकारी ने ऊन और कैराना क्षेत्र के कई गांवों में कब्रिस्तानों की चहारदीवरी का स्थलीय निरीक्षण किया था, तो निर्माण में खामियां पाई गई थीं। अब शासन के निर्देश पर गंभीरता से जांच शुरू हुई, तो शामली जनपद में भी मानकों के साथ किए गए खिलवाड़ की पोल खुल सकती है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार का कहना है कि कब्रिस्तान की चहारदीवरी के संबंध में जांच के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। यदि शासन से आदेश प्राप्त होता है, तो जांच कराई जाएगी।
वहीं, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रसून राय ने बताया कि जिले में 752 कब्रिस्तान हैं। 2012 से अब तक 118 कब्रिस्तानों में चहारदीवरी का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य सीएनडीएस की देखरेख में हुआ। चहारदीवरी का निर्माण मानक के अनुरूप कराया गया। पहली किस्त खर्च होने पर दूसरी किस्त तभी जारी की जाती है, जब पहली किस्त खर्च होने का सत्यापन कर लिया जाता है।
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जिले में कुल 752 कब्रिस्तान हैं। पिछली प्रदेश की सपा सरकार के कार्यकाल में कब्रिस्तानों की चहारदीवरी का कार्य शुरू कराया गया था, जिसके चलते 2012 से अब तक जिले में 118 कब्रिस्तानों की चहारदीवरी का निर्माण कराया जा चुका है।
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शामली जनपद में भी कब्रिस्तानों की चहारदीवरी का निर्माण एजेंसी सीएनडीएस से कराया गया। गौरतलब है कि निवर्तमान मुख्य विकास अधिकारी ने ऊन और कैराना क्षेत्र के कई गांवों में कब्रिस्तानों की चहारदीवरी का स्थलीय निरीक्षण किया था, तो निर्माण में खामियां पाई गई थीं। अब शासन के निर्देश पर गंभीरता से जांच शुरू हुई, तो शामली जनपद में भी मानकों के साथ किए गए खिलवाड़ की पोल खुल सकती है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार का कहना है कि कब्रिस्तान की चहारदीवरी के संबंध में जांच के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। यदि शासन से आदेश प्राप्त होता है, तो जांच कराई जाएगी।
वहीं, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रसून राय ने बताया कि जिले में 752 कब्रिस्तान हैं। 2012 से अब तक 118 कब्रिस्तानों में चहारदीवरी का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य सीएनडीएस की देखरेख में हुआ। चहारदीवरी का निर्माण मानक के अनुरूप कराया गया। पहली किस्त खर्च होने पर दूसरी किस्त तभी जारी की जाती है, जब पहली किस्त खर्च होने का सत्यापन कर लिया जाता है।