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ग्राम पंचायतें बनाएंगी अपना वन ईयर प्लान
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 12 Jun 2016 12:42 AM IST
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शामली में ग्राम पंचायत स्तर विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और अधिक से अधिक विकास कराने के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की एडवांस एक वर्षीय विकास योजना बनानी होगी।
पंचायती राज मंत्रालय से गाइड लाइन जारी होने के बाद प्रदेश शासन से मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है। उसमें कहा गया है कि ग्राम पंचायतों के समग्र विकास हेतु ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार की जाएगी, जिसे नाम दिया गया है हमारी योजना, हमारा विकास।
उल्लेखनीय है कि 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत उत्तर प्रदेश को वर्ष 2015-16 में 3862 करोड़ रुपये की धनराशि विकास कार्यों के संपादन के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, जिसे सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में हस्तांतरित किया जाना है।
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ग्राम पंचायतों में नियोजन एवं संसाधनों के अधिकतम उपयोग, मूलभूत सुविधाओं पर प्रभावी एवं सरल रूप में पहुंच बनाया जाना इसका उद्देश्य है। इसके अलावा 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर परफारमेंस ग्रांट पाने के लिए ग्राम पंचायतों को स्वयं की आय प्रतिवर्ष बढ़ाया जाना भी अनिवार्य होगा, जिसके लिए ग्राम पंचायतों को आय के स्रोत बढ़ाने के रास्ते खुद ही तलाशने होंगे। जिलाधिकारी सुजीत कुमार का कहना है कि इस संबंध में मीटिंग कर सभी अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
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पंचायती राज मंत्रालय से गाइड लाइन जारी होने के बाद प्रदेश शासन से मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है। उसमें कहा गया है कि ग्राम पंचायतों के समग्र विकास हेतु ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार की जाएगी, जिसे नाम दिया गया है हमारी योजना, हमारा विकास।
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उल्लेखनीय है कि 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत उत्तर प्रदेश को वर्ष 2015-16 में 3862 करोड़ रुपये की धनराशि विकास कार्यों के संपादन के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, जिसे सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में हस्तांतरित किया जाना है।
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ग्राम पंचायतों में नियोजन एवं संसाधनों के अधिकतम उपयोग, मूलभूत सुविधाओं पर प्रभावी एवं सरल रूप में पहुंच बनाया जाना इसका उद्देश्य है। इसके अलावा 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर परफारमेंस ग्रांट पाने के लिए ग्राम पंचायतों को स्वयं की आय प्रतिवर्ष बढ़ाया जाना भी अनिवार्य होगा, जिसके लिए ग्राम पंचायतों को आय के स्रोत बढ़ाने के रास्ते खुद ही तलाशने होंगे। जिलाधिकारी सुजीत कुमार का कहना है कि इस संबंध में मीटिंग कर सभी अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।