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रैली में दिखा रालोद का पुराना गठजोड़
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 22 Sep 2016 12:25 AM IST
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political
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। रालोद की थानाभवन में हुई सद्भावना रैली दूसरे राजनीतिक दलों की धड़कन बढ़ा गई। रैली में मुस्लिमों की भारी संख्या ने रालोद के उसी पुराने गठजोड़ (मुस्लिम-जाट) की मजबूती प्रदर्शित की। वहीं, बसपा और सपा के समीकरण में भी सेंध लगाने का काम किया।
देखना यह है कि आगामी चुनाव में यह समीकरण रालोद को कितनी मजबूती प्रदान करता है। दरअसल, थानाभवन क्षेत्र में रालोद के पास मुस्लिम चेहरे के रूप में अशरफ अली खान थे। वह कुछ समय पूर्व पार्टी छोड़कर बसपा में चले गए। उसके बाद से अशरफ अली खान की भरपाई करना रालोद के लिए परेशानी भरा हो गया था।
राव जावेद ने रालोद में आकर काफी हद तक उस कमी को पूरा करने का प्रयास किया। बुधवार को सद्भावना रैली में मुस्लिमों की भारी संख्या ने यह साबित भी कर दिया। रैली में आई भीड़ को देखकर रालोद महासचिव जयंत चौधरी भी गदगद नजर आए। मंच से कहा भी कि कुछ राजनीतिक दल समाज को बांटकर अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं, मगर जनता अब समझ चुकी है। जनता किसी के बहकावे में आने वाली नहीं है।
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दंगे के बाद बिखर गया था समीकरण
मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे के बाद रालोद का जाट मुस्लिम समीकरण बिखर गया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में जाटों का रुझान भाजपा की तरफ बढ़ गया था, तो नाराजगी में मुस्लिमों ने भी किनारा कर लिया था। उसके बाद से रालोद नेताओं का यही प्रयास रहा कि फिर से उस समीकरण में जान फूंकी जाए। कैराना में पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन कराया गया था। अब थानाभवन में सद्भावना रैली का आयोजन कर मुस्लिमों को रालोद से जोड़ने का प्रयास किया।
बसपा की बढ़ेगी मुश्किल
थानाभवन क्षेत्र में रालोद नेता जावेद राव ने जिस तरह राजनीतिक रूप से खुद को मजबूत किया है, वह बसपा के अब्दुल राव वारिश के लिए मुश्किलें बढ़ाएगा। अभी तक थानाभवन सीट पर एकमात्र अब्दुल वारिस ही मुस्लिम प्रत्याशी हैं। अभी तक वह ज्यादा संख्या में मुस्लिम वोट लेने की मंशा बनाए थे। वहीं, सपा प्रत्याशी किरणपाल कश्यप हैं, जो कश्यप और मुस्लिम वोटरों के सहारे अपनी नैया पार करना चाहते हैं। यदि थानाभवन सीट पर रालोद ने राव जावेद को टिकट दिया, तो मुस्लिम वोटों में बंटवारा तय है, जो बसपा के राव अब्दुल वारिश के लिए परेशानी बढ़ाएगा।
सिख समाज ने भेंट की तलवार
सद्भावना रैली में रालोद महासचिव जयंत चौधरी को सिख समाज की ओर से सरदार गुलाब सिंह के नेतृत्व में तलवार और पटका भेंट किया गया। वहीं, शामली से थानाभवन जाते समय बुढ़ाना मोड़, वर्मा मार्केट, शिवचौक, धीमानपुरा पर युवा रालोद जिलाध्यक्ष रजनीश कोरी और नगर अध्यक्ष विकास धीमान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से जयंत चौधरी का स्वागत किया। जमकर नारेबाजी की गई। वहीं, धीमानपुरा रेलवे क्रासिंग के पास पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद जयंत चौधरी का काफिला थानाभवन की ओर रवाना हो गया।
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देखना यह है कि आगामी चुनाव में यह समीकरण रालोद को कितनी मजबूती प्रदान करता है। दरअसल, थानाभवन क्षेत्र में रालोद के पास मुस्लिम चेहरे के रूप में अशरफ अली खान थे। वह कुछ समय पूर्व पार्टी छोड़कर बसपा में चले गए। उसके बाद से अशरफ अली खान की भरपाई करना रालोद के लिए परेशानी भरा हो गया था।
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राव जावेद ने रालोद में आकर काफी हद तक उस कमी को पूरा करने का प्रयास किया। बुधवार को सद्भावना रैली में मुस्लिमों की भारी संख्या ने यह साबित भी कर दिया। रैली में आई भीड़ को देखकर रालोद महासचिव जयंत चौधरी भी गदगद नजर आए। मंच से कहा भी कि कुछ राजनीतिक दल समाज को बांटकर अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं, मगर जनता अब समझ चुकी है। जनता किसी के बहकावे में आने वाली नहीं है।
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दंगे के बाद बिखर गया था समीकरण
मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे के बाद रालोद का जाट मुस्लिम समीकरण बिखर गया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में जाटों का रुझान भाजपा की तरफ बढ़ गया था, तो नाराजगी में मुस्लिमों ने भी किनारा कर लिया था। उसके बाद से रालोद नेताओं का यही प्रयास रहा कि फिर से उस समीकरण में जान फूंकी जाए। कैराना में पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन कराया गया था। अब थानाभवन में सद्भावना रैली का आयोजन कर मुस्लिमों को रालोद से जोड़ने का प्रयास किया।
बसपा की बढ़ेगी मुश्किल
थानाभवन क्षेत्र में रालोद नेता जावेद राव ने जिस तरह राजनीतिक रूप से खुद को मजबूत किया है, वह बसपा के अब्दुल राव वारिश के लिए मुश्किलें बढ़ाएगा। अभी तक थानाभवन सीट पर एकमात्र अब्दुल वारिस ही मुस्लिम प्रत्याशी हैं। अभी तक वह ज्यादा संख्या में मुस्लिम वोट लेने की मंशा बनाए थे। वहीं, सपा प्रत्याशी किरणपाल कश्यप हैं, जो कश्यप और मुस्लिम वोटरों के सहारे अपनी नैया पार करना चाहते हैं। यदि थानाभवन सीट पर रालोद ने राव जावेद को टिकट दिया, तो मुस्लिम वोटों में बंटवारा तय है, जो बसपा के राव अब्दुल वारिश के लिए परेशानी बढ़ाएगा।
सिख समाज ने भेंट की तलवार
सद्भावना रैली में रालोद महासचिव जयंत चौधरी को सिख समाज की ओर से सरदार गुलाब सिंह के नेतृत्व में तलवार और पटका भेंट किया गया। वहीं, शामली से थानाभवन जाते समय बुढ़ाना मोड़, वर्मा मार्केट, शिवचौक, धीमानपुरा पर युवा रालोद जिलाध्यक्ष रजनीश कोरी और नगर अध्यक्ष विकास धीमान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से जयंत चौधरी का स्वागत किया। जमकर नारेबाजी की गई। वहीं, धीमानपुरा रेलवे क्रासिंग के पास पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद जयंत चौधरी का काफिला थानाभवन की ओर रवाना हो गया।