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लांक और लिसाढ़ के लोगों से आपत्ति मांगी जाएगी
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शामली। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे की जद में जिले के दो गांव लांक और लिसाढ़ की 5.83 हेक्टेयर भूमि की केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने तीन ए की अधिसूचना जारी कर दी है। लांक और लिसाढ़ गांवों की 5.83 हेक्टेयर भूमि की जद में कृषि भूमि, पेड़, नलकूप आदि का सत्यापन करके किसानों की आपात्तियां ली जाएगी। आपात्तियों की सुनवाई करने के बाद अवार्ड घोषित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली से मुआवजा मांगा जाएगा।
भारत माला परियोजना के तहत दिल्ली-देहरादून इकनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुुरू होकर बागपत जिले से गुजरने वाले ईस्टर्न एक्सप्रेेेस हाईवे से लेकर बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर के गणेशपुर चौक से होता देहरादून तक जाएगा। छह लेन का दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक ग्रीन कॉरिडोर जिले के 22 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले के दो गांव लांक और लिसाढ़ गांव चकबंदी में विवाद चल रहा था। 16 गांवों को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली को अवार्ड भेजकर मुआवजा मांगा गया था। जिले में 11 गांवों के किसानों का 265 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त होचुका है।
चकबंदी में विवादित लांक-लिसाढ़ गांवों की जिला प्रशासन की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली को तीन ए की अधिसूचना प्रकाशन के लिए भेजी गई थी। प्राधिकरण ओर से शुक्रवार को लांक-लिसाढ़ गांव की अधिसूचना जारी कर दी गई है। बागपत के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस हाईवे से लेकर बागपत जिले के लोहड्डा तक 27 किमी और सहारनपुर जिले से सीमा से गणेशपुर चौक 35 किमी तक मेरठ की कृष्णा कंपनी के साथ अनुबंध किया जा चुका है।
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सक्षम अधिकारी एसडीएम सदर संदीप सिंह ने बताया कि दिल्ली- देहरादून इकनॉमिक ग्रीन कॉरिडोर में शामली जिले में चकबंदी के अंदर आने वाले लांक-लिसाढ़ के किसानों की तीन एक की अधिसूचना जारी हो जाने के बाद दोनों गांवों की 5.83 हेक्टेयर भूमि की जद में कृषि भूमि, पेड़, नलकूप आदि का सत्यापन करके किसानों की आपत्तियां ली जाएंगी। आपत्तियों की सुनवाई करने के बाद तीन डी की कार्रवाई करते हुए अवार्ड घोषित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली से मुआवजा मांगा जाएगा।
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जिले में दिल्ली- देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे पर एक नजर
कुल लंबाई - 54 किमी
कुल भूमि - 215.7428 हेक्टेयर भूमि
जिले के गांव अब्दुलापुर मोर माजरा, बाबरी, बंतीखेड़ा, इस्लामपुर भैसानी, भाजू, भिक्का माजरा, बुटराड़ा, चूनसा, गोगवान जलालपुर, हसनपुर लुहारी, कैडी, कांजरहेड़ी, कासमपुर, खानपुर, खेड़ीपट्टी, ख्यावड़ी, लांक, नांगल, नसीरपुर, रायपुर आदि गांव।
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भारत माला परियोजना के तहत दिल्ली-देहरादून इकनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुुरू होकर बागपत जिले से गुजरने वाले ईस्टर्न एक्सप्रेेेस हाईवे से लेकर बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर के गणेशपुर चौक से होता देहरादून तक जाएगा। छह लेन का दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक ग्रीन कॉरिडोर जिले के 22 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले के दो गांव लांक और लिसाढ़ गांव चकबंदी में विवाद चल रहा था। 16 गांवों को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली को अवार्ड भेजकर मुआवजा मांगा गया था। जिले में 11 गांवों के किसानों का 265 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त होचुका है।
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चकबंदी में विवादित लांक-लिसाढ़ गांवों की जिला प्रशासन की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली को तीन ए की अधिसूचना प्रकाशन के लिए भेजी गई थी। प्राधिकरण ओर से शुक्रवार को लांक-लिसाढ़ गांव की अधिसूचना जारी कर दी गई है। बागपत के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस हाईवे से लेकर बागपत जिले के लोहड्डा तक 27 किमी और सहारनपुर जिले से सीमा से गणेशपुर चौक 35 किमी तक मेरठ की कृष्णा कंपनी के साथ अनुबंध किया जा चुका है।
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सक्षम अधिकारी एसडीएम सदर संदीप सिंह ने बताया कि दिल्ली- देहरादून इकनॉमिक ग्रीन कॉरिडोर में शामली जिले में चकबंदी के अंदर आने वाले लांक-लिसाढ़ के किसानों की तीन एक की अधिसूचना जारी हो जाने के बाद दोनों गांवों की 5.83 हेक्टेयर भूमि की जद में कृषि भूमि, पेड़, नलकूप आदि का सत्यापन करके किसानों की आपत्तियां ली जाएंगी। आपत्तियों की सुनवाई करने के बाद तीन डी की कार्रवाई करते हुए अवार्ड घोषित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली से मुआवजा मांगा जाएगा।
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जिले में दिल्ली- देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे पर एक नजर
कुल लंबाई - 54 किमी
कुल भूमि - 215.7428 हेक्टेयर भूमि
जिले के गांव अब्दुलापुर मोर माजरा, बाबरी, बंतीखेड़ा, इस्लामपुर भैसानी, भाजू, भिक्का माजरा, बुटराड़ा, चूनसा, गोगवान जलालपुर, हसनपुर लुहारी, कैडी, कांजरहेड़ी, कासमपुर, खानपुर, खेड़ीपट्टी, ख्यावड़ी, लांक, नांगल, नसीरपुर, रायपुर आदि गांव।