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जनपद के विकास को लग जाएंगे पंख
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:57 AM IST
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एनसीआर मैप
- फोटो : मैप
एनसीआर में शामली जिले को शामिल करने की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद जनपदवासियों में खुशी का माहौल है। माना जा रहा है कि एनसीआर में शामिल होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र विकसित होगा, जिससे रोजगार के अवसर बढे़ंगे और बिजली व यातायात की सुविधाएं बढे़गी।
एनसीआर में हरियाणा के जींद, करनाल और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले को भी शामिल किया गया है। एनसीआर में दिल्ली के अलावा शामिल जिलों की संख्या अब 22 हो गई है।
यूपी सरकार मथुरा, शामली, अलीगढ़, हाथरस, बिजनौर को भी एनसीआर में शामिल कराना चाहती थी, लेकिन सिर्फ मुजफ्फरनगर को ही मंजूरी मिल सकी।
एनसीआर बोर्ड की दिल्ली में मंगलवार को हुई बैठक में शामली को एनसीआर में शामिल करने का फैसला लिया गया। मथुरा के बारे में राज्य सरकार ने अपना पक्ष नहीं रखा है, हालांकि इस पर आगे विचार के लिए समिति का गठन किया गया है।
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एनसीआर में हरियाणा के जींद, करनाल और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले को भी शामिल किया गया है। एनसीआर में दिल्ली के अलावा शामिल जिलों की संख्या अब 22 हो गई है।
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यूपी सरकार मथुरा, शामली, अलीगढ़, हाथरस, बिजनौर को भी एनसीआर में शामिल कराना चाहती थी, लेकिन सिर्फ मुजफ्फरनगर को ही मंजूरी मिल सकी।
एनसीआर बोर्ड की दिल्ली में मंगलवार को हुई बैठक में शामली को एनसीआर में शामिल करने का फैसला लिया गया। मथुरा के बारे में राज्य सरकार ने अपना पक्ष नहीं रखा है, हालांकि इस पर आगे विचार के लिए समिति का गठन किया गया है।
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