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कुख्यात विपुल खूनी को 14 साल पुराने अवैध हथियार के मुकदमें में सजा सुनाई
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- कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेस के जरिए मुजरिम की उपस्थिति की सुनिश्चित
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। दर्जनों गंभीर अपराधों में अदालतों में विचाराधीन चल रहे कुख्यात विपुल खूनी को 14 साल पुराने अवैध हथियार के मुकदमे में दोष सिद्ध पाए जाने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण सिंह ने ढाई साल कारावास व 4 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक अभियोजन अधिकारी तबस्सुम व पैरोकार अक्षय चौधरी ने बताया कि 15 जनवरी 2008 को कांधला पुलिस ने कांधला क्षेत्र के गांव भभीसा निवासी विपुल खूनी को 315 बोर के तमंचे व एक कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने विपुल खूनी को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जमानत पर बाहर आने के बाद विपुल खूनी ने कई संगीन अपराध किए थे। विपुल खूनी पर विभिन्न अदालतों में 27 मुकदमे विचाराधीन चल रहे हैं, जिनमें से कई अपराध बहुत गंभीर है।
अभियोजन पक्ष की ओर से 3 गवाह पेश किए गए। सोमवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण सिंह ने मुजरिम विपुल खूनी को दोषी करार देते हुए ढाई साल के कारावास व 4 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंस के जरिये मुजरिम की उपस्थिति सुनिश्चित की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। दर्जनों गंभीर अपराधों में अदालतों में विचाराधीन चल रहे कुख्यात विपुल खूनी को 14 साल पुराने अवैध हथियार के मुकदमे में दोष सिद्ध पाए जाने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण सिंह ने ढाई साल कारावास व 4 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक अभियोजन अधिकारी तबस्सुम व पैरोकार अक्षय चौधरी ने बताया कि 15 जनवरी 2008 को कांधला पुलिस ने कांधला क्षेत्र के गांव भभीसा निवासी विपुल खूनी को 315 बोर के तमंचे व एक कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने विपुल खूनी को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जमानत पर बाहर आने के बाद विपुल खूनी ने कई संगीन अपराध किए थे। विपुल खूनी पर विभिन्न अदालतों में 27 मुकदमे विचाराधीन चल रहे हैं, जिनमें से कई अपराध बहुत गंभीर है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से 3 गवाह पेश किए गए। सोमवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण सिंह ने मुजरिम विपुल खूनी को दोषी करार देते हुए ढाई साल के कारावास व 4 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंस के जरिये मुजरिम की उपस्थिति सुनिश्चित की गई।
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