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पुराना बकाया दिया नहीं, नया चढ़ना शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 18 Dec 2016 12:03 AM IST
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चीनी मिल
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शामली। जिले की चीनी मिलों ने पिछले गन्ना पेराई सत्र का बकाया मूल्य भुगतान अब तक नहीं किया, जबकि इस सत्र का भुगतान चीनी मिलों पर लगातार चढ़ता जा रहा है। पिछले सत्र और इस सीजन के 14 दिन का मिलाकर करीब 176 करोड़ रुपये चीनी मिलों पर किसानों का बकाया हो गया है।
एक तरफ जहां नोटबंदी के बाद बैंकों में कैश की किल्लत की वजह से किसान अपने खातों से पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं, वहीं चीनी मिलों द्वारा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करके किसानों का उत्पीड़न करने में लगे हुए हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने चीनी मिलों के यूनिट हेड और प्रबंधकों की बैठक लेकर निर्देश दिया था कि बीते पेराई सत्र का भुगतान 15 दिसंबर तक हो जाना चाहिए। वह समय भी निकल गया, लेकिन चीनी मिलों ने बकाया भुगतान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।
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आलम यह है कि शुगर मिल शामली, ऊन, थानाभवन मिल पर पिछले पेराई सत्र वर्ष 2015-16 का 69 करोड़ 63 लाख रुपये बकाया हैं। जिसमें शामली चीनी मिल पर 22 करोड़ 55 लाख रुपये, ऊन चीनी मिल पर 44 करोड़ आठ लाख रुपये और थानाभवन चीनी मिल पर दो करोड़ 50 लाख रुपये बकाया हैं।
वहीं, मौजूदा पेराई सत्र में तीनों चीनी मिलों द्वारा 55 लाख 36 हजार कुंतल गन्ना पेराई किया जा चुका है। जिसमें शामली चीनी मिल 22 लाख 40 हजार कुंतल, ऊन चीनी मिल 2 लाख 23 हजार कुंतल, थानाभवन 30 लाख 73 हजार कुंतल गन्ना पेराई कर चुका है। इस लिहाज से करीब महज 14 दिन का ही करीब 106 करोड़ 56 लाख रुपये चीनी मिलों पर बकाया हो गया है। जिला गन्ना अधिकारी डाक्टर अनिल भारती का कहना है कि जिले की तीनों चीनी मिलों पर पुराना व नया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, किंतु चीनी मिलों द्वारा किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है।
उधर, अपर दोआब शुगर मिल शामली के वाइस प्रेसीडेंट आरबी खोखर ने बताया कि पिछले साल का 15 करोड़ 17 लाख रुपये का बकाया भुगतान शनिवार को ही गन्ना समिति को भेज दिया गया है। शेष भुगतान जल्द दिया जाएगा।
गत वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य
शुगर मिल बकाया धनराशि
शामली 22 करोड़ 55 लाख रुपये
थानाभवन 2 करोड़ पचास लाख रुपये
ऊन 44 करोड़ आठ लाख रुपये
कुल बकाया धनराशि 69 करोड़ 13 लाख रुपये
इस सत्र के 14 दिन का बकाया
शुगर मिल बकाया धनराशि
शामली 45 करोड़ 48 लाख रुपये
थानाभवन 61 करोड़ आठ लाख रुपये
कुल बकाया 106 करोड़ 56 लाख रुपये
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एक तरफ जहां नोटबंदी के बाद बैंकों में कैश की किल्लत की वजह से किसान अपने खातों से पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं, वहीं चीनी मिलों द्वारा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करके किसानों का उत्पीड़न करने में लगे हुए हैं।
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गौरतलब है कि पिछले दिनों जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने चीनी मिलों के यूनिट हेड और प्रबंधकों की बैठक लेकर निर्देश दिया था कि बीते पेराई सत्र का भुगतान 15 दिसंबर तक हो जाना चाहिए। वह समय भी निकल गया, लेकिन चीनी मिलों ने बकाया भुगतान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।
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आलम यह है कि शुगर मिल शामली, ऊन, थानाभवन मिल पर पिछले पेराई सत्र वर्ष 2015-16 का 69 करोड़ 63 लाख रुपये बकाया हैं। जिसमें शामली चीनी मिल पर 22 करोड़ 55 लाख रुपये, ऊन चीनी मिल पर 44 करोड़ आठ लाख रुपये और थानाभवन चीनी मिल पर दो करोड़ 50 लाख रुपये बकाया हैं।
वहीं, मौजूदा पेराई सत्र में तीनों चीनी मिलों द्वारा 55 लाख 36 हजार कुंतल गन्ना पेराई किया जा चुका है। जिसमें शामली चीनी मिल 22 लाख 40 हजार कुंतल, ऊन चीनी मिल 2 लाख 23 हजार कुंतल, थानाभवन 30 लाख 73 हजार कुंतल गन्ना पेराई कर चुका है। इस लिहाज से करीब महज 14 दिन का ही करीब 106 करोड़ 56 लाख रुपये चीनी मिलों पर बकाया हो गया है। जिला गन्ना अधिकारी डाक्टर अनिल भारती का कहना है कि जिले की तीनों चीनी मिलों पर पुराना व नया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, किंतु चीनी मिलों द्वारा किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है।
उधर, अपर दोआब शुगर मिल शामली के वाइस प्रेसीडेंट आरबी खोखर ने बताया कि पिछले साल का 15 करोड़ 17 लाख रुपये का बकाया भुगतान शनिवार को ही गन्ना समिति को भेज दिया गया है। शेष भुगतान जल्द दिया जाएगा।
गत वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य
शुगर मिल बकाया धनराशि
शामली 22 करोड़ 55 लाख रुपये
थानाभवन 2 करोड़ पचास लाख रुपये
ऊन 44 करोड़ आठ लाख रुपये
कुल बकाया धनराशि 69 करोड़ 13 लाख रुपये
इस सत्र के 14 दिन का बकाया
शुगर मिल बकाया धनराशि
शामली 45 करोड़ 48 लाख रुपये
थानाभवन 61 करोड़ आठ लाख रुपये
कुल बकाया 106 करोड़ 56 लाख रुपये