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शाखा प्रबंधक को बैंक में ही बनाया बंधक

Sat, 10 Dec 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Sat, 10 Dec 2016 12:06 AM IST
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Mortgages made in the bank branch manager
public news - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद। बैंक में नो कैश का बोर्ड लगते ही गुस्साए लोगों ने बैंक कर्मियों को बाहर निकालकर कर शाखा प्रबंधक को बंधक बना लिया। बैंक में तालाबंदी करते हुए दिल्ली सहारनपुर हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। 
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जलालाबाद में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित पीएनबी शाखा में सुबह सात बजे से लाइन में लगे उपभोक्ताओं के सब्र का बांध उस वक्त टूट गया, जब 10 बजे बैंक खुलते ही शाखा प्रबंधक ने नो कैश का बोर्ड लगा दिया। महिलाओं ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी की। बैंक स्टाफ को बाहर निकालकर शाखा प्रबंधक को बैंक में ही बंदकर बाहर से ताला लगा दिया।
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उपभोक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची जलालाबाद चौकी पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, परंतु लोग नहीं माने। इसके बाद थानाध्यक्ष थानाभवन नरेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा जाम खुलवाने का प्रयास किया। बाद समझा बुझाकर उन्होंने बैंक शाखा का ताला खुलवाया और प्रबंधक से बातचीत की। 
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ग्राहकों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मी प्रभावशाली लोगों का काला धन सफेद करने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि आम उपभोक्ताओं को नो कैश कहकर लौटा दिया जाता है। इस बीच भीड़ में एक युवक बेहोश होकर गिर पड़ा। थानाध्यक्ष से वार्ता में शाखा प्रबंधक ने बताया कि नोट बंदी के बाद से उन्होंने पांच से छह करोड़ रुपये उपभोक्ताओं को बांटे हैं।

बैंक शाखा में चालीस हजार खाते हैं, जिसके चलते यहां भीड़ रहती है एवं लाईन में लगे अधिकांश उपभोक्ताओं को कैश वितरण का प्रयास किया जाता है। अभी कैश आने के बाद टोकन सिस्टम से ग्राहकों को कैश दिया जाएगा। थानाध्यक्ष ने शीघ्र ही कैश की समस्या दूर होने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। उधर, कस्बे की एसबीआई शाखा में भी उपभोक्ताओं की लंबी लाईन लगी रही, परंतु वहां पर कैश की किल्लत नहीं हुई।

बैंक शाखाओं पर कैश के लिए रही मारामारी ः झिंझाना। कस्बा झिंझाना के बैंकों में शुक्रवार को भी कैश के लिए मारामारी होती रही। पुलिस ने मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया। पीएनबी शाखा प्रबंधक सुनील कुमार ने बताया कि आठ लाख रुपये कैश था, जो ग्राहकों को बांट दिया गया है। एसबीआई के शाखा प्रबंधक आरके शर्मा ने बताया की 17 लाख रुपये आया था, जिसमें कुछ पेंशनरों के अलावा अन्य खाताधारकों को वितरित किया गया है।

बैंक शाखा पर ग्राहकों में मारपीट
कांधला। नोटबंदी के एक माह बीत जाने के बाद भी बैंक शाखाओं के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ कम नहीं हो पा रही है। कहीं बैंक शाखा में पैसा न होने के कारण, तो किसी शाखा पर जरूरत के अनुसार कैश न मिलने के कारण हंगामा हो रहा है। शुक्रवार को गांव गंगेरू और एलम स्थित बैंक शाखा में कैश देर से आने पर उपभोक्ताओं ने हंगामा किया। इस दौरान मारपीट तक हो गई।

बैंकों में कैश कम होने, कैश देर से आने को लेकर आए दिन बैंकों के बाहर हंगामे हो रहे हैं। शुक्रवार को कस्बा एलम में सुबह से लाइन में लगे लोगों ने पैसा न मिलने के कारण जमकर हंगामा किया। उपेंद्र, देवेंद्र और अमित आदि का कहना है कि बैंक कर्मी पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। परिचितों को पैसा अंदर बुलाकर दे रहें, जबकि लोग लाइनों के लगे है। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उधर, क्षेत्र के गांव गंगेरू स्थित पीएनबी शाखा में सुबह छह बजे से ही लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। कैश देर से आने के कारण लोगों ने बैंक के बाहर हंगामा कर दिया। इस बीच गांव के कालू और उमरदीन दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। 


ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना के बाद भी पुलिस ने मौके पर जाना गवारा नहीं किया। बाद में ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझाबुझाकर शांत किया। वहीं, कस्बा कांधला स्थित पीएनबी और एसबीआई शाखा के बाहर भी उपभोक्ताओं ने कैश देर से आने पर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया।
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