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Shamli News: डिजिटल अरेस्ट का डर दिखा खाते से रकम उड़ाई
Sun, 20 Jul 2025 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 20 Jul 2025 12:31 AM IST
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थानाभवन। आप पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस है, तुरंत रकम सरकार के खाते में जमा करें, नहीं तो अरेस्ट वारंट जारी होगा। नगर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी विष्णु स्वरूप को फोन पर इसी तरह से धमकाया गया। व्हाट्सएप कॉल पर भेजे गए फर्जी लिंक को खोलते ही उनके खाते से 4999 रुपये उड़ा दिए। पीड़ित व्यापारी विष्णु स्वरूप पुरानी घास मंडी में किताबों के दुकानदार हैं। उन्होंने शनिवार को थाने में तहरीर देकर बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 1:10 बजे उनके फोन पर एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके ऊपर आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनके खाते में जमा रकम अवैध है।
व्यापारी को धमकी दी गई कि अगर तुरंत सारी रकम सरकार के खाते में जमा नहीं की गई तो उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया जाएगा। व्यापारी को एक लिंक भेजा गया और कहा गया कि उस पर क्लिक कर वे अपने मुकदमों की जानकारी ले सकते हैं। जैसे ही व्यापारी ने लिंक खोला, उनके खाते से 4999 की रकम ट्रांसफर हो गई। व्यापारी ने समय रहते बैंक से संपर्क कर बाकी ट्रांजेक्शन रुकवा दी।
जब व्यापारी ने उसी नंबर पर दोबारा कॉल किया तो वह बंद मिला। पीड़ित व्यापारी ने इसकी जानकारी व्यापारी नेताओं को दी। जिससे उनमें नाराजगी फैल गई। व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों ने पीड़ित व्यापारी के साथ थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों का कहना था कि इस तरह के मामले अक्सर हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोके और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सावधानी जरूरी: एसपी
एसपी रामसेवक गौतम ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, व्हाट्सएप मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। सरकारी संस्थाएं इस तरह से अरेस्ट वारंट या पेमेंट की धमकी नहीं देतीं। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले साइबर सेल या पुलिस से संपर्क करें। समय पर जानकारी दे देनी चाहिए।
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व्यापारी को धमकी दी गई कि अगर तुरंत सारी रकम सरकार के खाते में जमा नहीं की गई तो उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया जाएगा। व्यापारी को एक लिंक भेजा गया और कहा गया कि उस पर क्लिक कर वे अपने मुकदमों की जानकारी ले सकते हैं। जैसे ही व्यापारी ने लिंक खोला, उनके खाते से 4999 की रकम ट्रांसफर हो गई। व्यापारी ने समय रहते बैंक से संपर्क कर बाकी ट्रांजेक्शन रुकवा दी।
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जब व्यापारी ने उसी नंबर पर दोबारा कॉल किया तो वह बंद मिला। पीड़ित व्यापारी ने इसकी जानकारी व्यापारी नेताओं को दी। जिससे उनमें नाराजगी फैल गई। व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों ने पीड़ित व्यापारी के साथ थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों का कहना था कि इस तरह के मामले अक्सर हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोके और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सावधानी जरूरी: एसपी
एसपी रामसेवक गौतम ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, व्हाट्सएप मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। सरकारी संस्थाएं इस तरह से अरेस्ट वारंट या पेमेंट की धमकी नहीं देतीं। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले साइबर सेल या पुलिस से संपर्क करें। समय पर जानकारी दे देनी चाहिए।