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ऊन मिल पर टकराव की ओर बढ़ रहे हालात
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2016 12:47 AM IST
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ऊन शुगर मिल पर धरने के दौरान सीओ झिंझाना से वार्ता करते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली के ऊन में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर ऊन शुगर मिल गेट पर क्षेत्र के किसानों का धरना 32 वें दिन भी जारी रहा। एसडीएम ऊन और सीओ झिंझाना ने मिल गेट खोल दिया, जिससे किसानों में गुस्सा भड़क गया। किसानों ने हंगामा प्रदर्शन कर गेट पर वेल्डिंग करा दी। इससे किसानों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
ऊन चीनी मिल पर क्षेत्र के किसान अपनी बकाया भुगतान की मांग को लेकर 32 दिन से लगातार शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं। बृहस्पतिवार सुबह एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी और सीओ कुलदीप कुकरेती पुलिस और पीएसी के जवान साथ लेकर मिल पर पहुंचे तथा मिल गेट पर लगा ताला खुलवा दिया। इसकी जानकारी होते ही क्षेत्र के गांवों से बड़ी संख्या में किसान मिल गेट पर पहुंच गए और दोबारा से मिल गेट पर ताला जड़ दिया। किसानों का गुस्सा देख पुलिस प्रशासन भी मौन रहा। इसके बाद अधिकारी वहां से चले गए।
फिर शाम को किसानों के बीच पहुंचे एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी ने किसानों से मिल गेट खुलवाने के लिए कहा, लेकिन धरनारत किसानों ने बगैर भुगतान लिए गेट खोलने से मना कर दिया। धरने पर बैठे किसानों ने एसडीएम से कहा कि पहले ताला आपने ही नायाब तहसीलदार के द्वारा लगवाया था अब बगैर भुगतान हुए ताला कैसे खोल दिया गया। किसानों ने डीएम पर भी आरोप लगाया है कि वह किसानों में फूट डालने तथा मिल प्रबंधक का पक्ष ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि वह अब पीछे नहीं हटेंगे, चाहे प्रशासन उनकी गिरफ्तारी भी कर ले।
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किसानों ने आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान भी कर दिया। उधर, इसी दौरान देर शाम किसानों ने मिल गेट पर वेल्डिंग करने लगे। विरोध करने पर एसडीएम से किसानों की तीखी नोकझोंक हुई। किसान नहीं माने, तो एसडीएम वहां से चले गए। अब किसानों ने 28 अक्तूबर (आज) को महापंचायत करने की घोषणा कर दी है। धरने पर राजवीर ऊन, संजीव पिंडोरा, पप्पू प्रधान गागोर, नीटू ऊन, मोनू चिकारा, देवेंद्र, कपिल चौधरी, भास्कर चौधरी, वेदपाल चिकारा, रवि सिरोही, जावेद तोमर, जगमेर, तेजपाल गुर्जर, मनोज, राजवीर मुंडेट आदि शामिल रहे।
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ऊन चीनी मिल पर क्षेत्र के किसान अपनी बकाया भुगतान की मांग को लेकर 32 दिन से लगातार शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं। बृहस्पतिवार सुबह एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी और सीओ कुलदीप कुकरेती पुलिस और पीएसी के जवान साथ लेकर मिल पर पहुंचे तथा मिल गेट पर लगा ताला खुलवा दिया। इसकी जानकारी होते ही क्षेत्र के गांवों से बड़ी संख्या में किसान मिल गेट पर पहुंच गए और दोबारा से मिल गेट पर ताला जड़ दिया। किसानों का गुस्सा देख पुलिस प्रशासन भी मौन रहा। इसके बाद अधिकारी वहां से चले गए।
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फिर शाम को किसानों के बीच पहुंचे एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी ने किसानों से मिल गेट खुलवाने के लिए कहा, लेकिन धरनारत किसानों ने बगैर भुगतान लिए गेट खोलने से मना कर दिया। धरने पर बैठे किसानों ने एसडीएम से कहा कि पहले ताला आपने ही नायाब तहसीलदार के द्वारा लगवाया था अब बगैर भुगतान हुए ताला कैसे खोल दिया गया। किसानों ने डीएम पर भी आरोप लगाया है कि वह किसानों में फूट डालने तथा मिल प्रबंधक का पक्ष ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि वह अब पीछे नहीं हटेंगे, चाहे प्रशासन उनकी गिरफ्तारी भी कर ले।
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किसानों ने आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान भी कर दिया। उधर, इसी दौरान देर शाम किसानों ने मिल गेट पर वेल्डिंग करने लगे। विरोध करने पर एसडीएम से किसानों की तीखी नोकझोंक हुई। किसान नहीं माने, तो एसडीएम वहां से चले गए। अब किसानों ने 28 अक्तूबर (आज) को महापंचायत करने की घोषणा कर दी है। धरने पर राजवीर ऊन, संजीव पिंडोरा, पप्पू प्रधान गागोर, नीटू ऊन, मोनू चिकारा, देवेंद्र, कपिल चौधरी, भास्कर चौधरी, वेदपाल चिकारा, रवि सिरोही, जावेद तोमर, जगमेर, तेजपाल गुर्जर, मनोज, राजवीर मुंडेट आदि शामिल रहे।