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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   "Mhare worst come, save the robbers'

‘म्हारे बुरे दिन आ गए, लुटेरों से बचा लो’

Wed, 05 Oct 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Wed, 05 Oct 2016 12:41 AM IST
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"Mhare worst come, save the robbers'
political - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। राहुल संग खाट सभा में किसानों ने बेबाकी से अपनी पीड़ा सुनाई। किसानों ने स्पष्ट कहा कि अच्छे दिन का पता नहीं, म्हारे तो बुरे दिन आ गए।       आप बड़े नेता हो, किसानों के हक में लड़ते हो, हम आपके साथ हैं। थाने, तहसील में दलालों का राज है, हमें इन लुटेरों से बचा लो। 
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मंच के चारों तरफ बिछाई गई खाट और मूढ़ों पर बैठे किसानों के बीच से ही कुछ की सूची राहुल  गांधी के आने से पूर्व ही तैयार कर ली गई थी। जब राहुल मंच पर पहुंचे, तो उन्हीं किसानों से उनका संवाद कराया गया। सीधे संवाद  के दौरान जब कोई किसान माइक से बोलता, तो राहुल धैर्यपूर्वक उन्हें सुनते और जवाब देते। 
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 राहुल ने किसानों से यही कहा कि समस्याओं से निजात पाना है, तो सत्ता में बदलाव लाओ और पहचानो कांग्रेस ही किसानों की हितैषी है। राहुल गांधी ने कहा कि मैं सिस्टम को जानता हूं, समस्याओं का समाधान कराने में ज्यादा समय नहीं लगता। सिर्फ दस दिन में समाधान हो सकता है, पर तभी जब कोई करना चाहे। 
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बिजली वालों ने लूट मचा रखी
लिलौन गांव के पूर्व प्रधान मदनपाल शर्मा ने कहा कि नया विद्युत कनेक्शन लेना हो, या खराब बिल ठीक कराना हो, हर काम में बिजली वाले अवैध वसूली करते हैं। बकायादारी के नाम पर किसानों का उत्पीड़न किया जाता है। 

बकाया भुगतान नहीं दे रहे मिल मालिक ः गांव कांजरहेड़ी निवासी बालेंद्र सिंह ने कहा कि चीनी मिल मालिक बेशर्मी साधकर बैठे हैं। हमने उन्हें गन्ना दिया, पर भुगतान नहीं मिल रहा। भुगतान ना मिलने की वजह से बच्चों की पढ़ाई, बीमारी और शादी का खर्च उठाना भी भारी पड़ रहा है। 

खेत से मिट्टी उठवाना भी गुनाह हो गया है ः गांव सोंटा निवासी इंद्रपाल सिंह ने कहा कि किसान इतना असहाय है कि अपने खेत से मिट्टी भी नहीं उठवा सकता। मिट्टी उठवाने पर उसका उत्पीड़न किया जा रहा है तथा जुर्माना लगा दिया जाता है। 

मत्स्य पालक किसानों के लिए बने नीति ः गांव मीमला निवासी योगेश कश्यप ने कहा कि मत्स्य पालक किसानों के लिए भी नीति बनी चाहिए। ताकि मत्स्य पालन को बढ़ावा मिल सके। प्रदेश और केंद्र की सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही।

बहुत दुख झेल लिए, अब निजात दिलाओ ः गांव गंगेरू निवासी मतलूब जंग ने कहा कि 27 साल से प्रदेश का किसान त्रस्त है। थाने जाएं, तो वहां सुनवाई नहीं होती, तहसील जाएं तो दलाल बैठे हैं। हम मजबूर हैं, जाएं तो कहां जाएं। बहुत झेल लिया, अब इससे निजात दिलाओ।

धान खरीद को नीति बननी चाहिए ः भाकियू नेता कुलदीप पंवार ने कहा कि शामली क्षेत्र का किसान धान की फसल का वाजिब दाम ना मिलने से बहुत दुखी है। पड़ोसी राज्य हरियाणा में धान खरीद केंद्र  बनते है, मगर यहां का किसान परेशान रहता है। ऐसी नीति बननी चाहिए कि धान उत्पादक किसानों को बढ़ावा मिल सके। 


बुरे दिनों को ठीक करा दो ः गांव भंदौडा निवासी अमित शर्मा ने कहा कि म्हारे तो बुरे दिन आ गए, लुटेरों की सरकार बैठी है। इनका इलाज करा दो, नहीं तो किसान उग्र हो जाएगा।
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