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एक बार चेहरा तो दिखा दो...

Mon, 25 Sep 2017 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Mon, 25 Sep 2017 12:04 AM IST
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Let's face once ...
accident - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। हादसे में अनिल कुमार गर्ग और जिज्ञासु के चेहरे भी खराब हो गए। इस कारण उनका चेहरा भी परिजनों को नहीं दिखाया जा सका। इस कारण सास रीता और बहू रितिका रो रोकर बस यही कहती रही कि हमें एक बार चेहरा तो दिखा दो।
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हृदय विदारक इस मंजर को देखकर मौके पर लोगों की आंखें भी छलक आईं। रेलवे रोड से एक साथ दो अर्थी उठने पर आसपड़ोस के लोग भी रो पड़े। इसके अलावा हादसे की खबर मिलते ही आसपास के क्षेत्र के लोग भी मृतक के घर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच गए। हादसे के बाद से पूरे परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। 
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वहीं, अनिल और जिज्ञासु की मौत के बाद व्यापारी का परिवार भी दोराहे पर आ गया है। दुकान पर ताला बंद हो गया है। परिवार में बच्चे अभी छोटे हैं, जिसके चलते अब परिवार को संभालने की जिम्मेदारी सास बहू पर आ गई। 
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इन हादसों का जिम्मेदार कौन  

प्रशासन ः मेरठ रोड पर काबड़ौत कृष्णा नदी पुल संकरा है। एक बार में सिर्फ एक ही वाहन निकल पाता है। पुल संकरा होने के साथ ही तीव्र मोड़ भी है, जिस कारण आए दिन हादसे होते हैं। समय समय पर पुल चौड़ीकरण की मांग उठती रही, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर समस्या का समाधान कराने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा सका।  
लोक निर्माण विभाग ः मेरठ-करनाल हाईवे के निर्माण और चौड़ीकरण पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। डेढ़ साल पूर्व इसका निर्माण पूरा हुआ, लेकिन काबड़ौत कृष्णा नदी पुल का चौड़ीकरण नहीं कराया गया। अधिकारी दावा करते हैं कि इस पुल के निर्माण का प्रस्ताव पूर्व में कई बार भेजा गया, लेकिन शासन से धनराशि जारी नहीं हो सकी।  

 सांसद और विधायक भी उठा चुके हैं मुद्दा  
कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने पिछले दिनों ही लोक निर्माण विभाग मंत्री एवं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर काबड़ौत कृष्णा नदी पुल के चौड़ीकरण की मांग रखी। वहीं, शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस पुल के निर्माण की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके पुल का चौड़ीकरण नहीं हो पाया है।  

काबड़ौत का पुल बन गया खूनी पुल
1. एक महीना पूर्व ही पंजाब से आ रहे मिनी ट्रक में काबड़ौत पुल के पास ही सामने से आए वाहन ने टक्कर मारी। हादसे के बाद मिनी ट्रक में आग लगी, जिस कारण चालक और उसका साथी क्षतिग्रस्त मिनी ट्रक में फंसे रहने के कारण कोयला बन गए थे।  
2. 20 दिन पूर्व शामली कोतवाली क्षेत्र के गांव झाल निवासी युवक शामली से साइकिल पर अपने गांव लौट रहा था। काबड़ौत पुल के पास अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से उसकी मौत हुई।  

3. चार दिन पूर्व ही कांधला क्षेत्र के गांव सल्फा निवासी रामपाल बाइक से अपने गांव लौट रहा था। मेरठ रोड पर झाल गेट के पास अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से उसकी मौत हुई।  
4. एक साल पूर्व हरियाणा से मुरादाबाद जाती मिल्क वैन को ट्रक ने टक्कर मारी, मिल्क वैन चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी।  
5. डेढ़ साल पूर्व कागज की कतरन से लदा कृष्णा नदी पुल की रैलिंग तोड़ते हुए नदी में गिर गया था, जिसमें चालक और उसके साथी की मौत  हो गई थी।  
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