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Shamli News: नकली नोटों से कैराना का है पुराना नाता

Fri, 23 Jun 2023 12:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Fri, 23 Jun 2023 12:43 AM IST
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Kairana has an old association with fake notes
कैराना (शामली)। नकली नोटों से कैराना का करीब 30 साल पुराना नाता रहा है। यहां पहले भी नकली नोट से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। शुरू में यहां सोने की तस्करी तक की गई।
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कैराना में 90 के दशक में गठरी व्यवसाय अपने चरम पर था। कैराना के लोगों की रिश्तेदारी पाकिस्तान में होने के कारण यहां के लोग पाकिस्तान आते जाते रहते थे। शुरू में लोग मुनाफा कमाने के लिए यहां से पान सुपारी ले जाते थे तथा पाक से डिस्को नामक कपड़ा व मिर्जा चप्पल लेकर आते थे। लालच बढ़ा तो सोने की तस्करी होने लगी। सोने के बिस्कुट मिर्जा चप्पल के एडी के सोल में पाक बार्डर पर कई बार पकड़ी गई थी।
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कैराना के दिलशाद मिर्जा, इकबाल काना गठरी व्यवसाय में महिला अथवा पुरुष को एक बार पाक आने जाने के लिए सारा खर्चा और तीन हजार रुपये देते थे। इकबाल काना भारत की सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए पाकिस्तान भाग गया था। 90 के दशक के अंत में सोने की तस्करी बंद हो गई तो भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए पाकिस्तान ने नकली नोटों का सहारा लिया।
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फरवरी 2023 में मेरठ की लिसाड़ी गेट पुलिस ने आफताब को 2-2 हजार के 10 नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। आफताब ने पूछताछ में बताया था कि नकली नोट कैराना निवासी उसका जीजा शाहिद बनाता है। मेरठ पुलिस ने कई बार शाहिद की गिरफ्तारी के लिए कैराना में दबिश दी थी। बाद में शाहिद की गिरफ्तारी के लिए मेरठ एसपी ने 25 का इनाम घोषित किया था। फिलहाल शाहिद जमानत पर बाहर बताया जा रहा है।

- दिल्ली स्पेशल सेल की दबिश के बाद खुफिया विभाग ने डेरा डाला

कैराना। दिल्ली स्पेशल सेल ने नगर में दबिश देकर नकली करेंसी के मामले में एक सराफा व्यापारी व एक युवक को उठाया। जिसके बाद खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया। बृहस्पतिवार को ही खुफिया विभाग की टीम जामा मस्जिद के पास इरशाद उर्फ भूरी तथा मोहल्ला खैल कलां काजी का बाग में फरीद अंसारी के बारे में जानकारी जुटाने में लगी रही। सूत्रों के अनुसार खुफिया विभाग दोनों की आय के साधन व अर्जित संपत्ति को ब्यौरा एकत्र कर रही है। देर शाम तक खुफिया विभाग कैराना में ही डेरा डाले रही।
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