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मां शाकुंभरी की शोभायात्रा में झूमे श्रद्धालु
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Wed, 11 Jan 2017 12:19 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कांधला। शाकुंभरी जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को कस्बे में श्रद्धालुओं ने धूमधाम से शोभायात्रा निकाली। शोभा यात्रा का विभिन्न स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया।
मोहल्ला रायजादगान स्थित श्री सिद्धपीठ सिद्धेश्वर महादेव मंदिर सूरज कुंड मंदिर की ओर से शोभायात्रा का आयोजन किया गया। मंदिर महंत ब्रह्रमचारी बलबीर शर्मा के द्वारा मां शाकुंभरी की अष्टभुजा प्रतिमा का विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। जिसके पश्चात मां व गणेश भगवान की प्रतिमा को रथ पर विराजमान कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया।
यात्रा मोहल्ला रायजादगान आर्य समाज मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर मैन बाजार, जैन स्थानक, जैन मंदिर, कांधला कैराना रोड, महिला कॉलेज मार्ग से निकली। कई स्थानों पर यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। जिसके बाद मां की मंगला आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर महंत बलबीर शर्मा ने बताया कि आज यज्ञ अनुष्ठान कर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। रात्रि में जागरण होगा।
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सद्भावना और कल्याण के लिए यज्ञ ः मुजफ्फरनगर। आर्य समाज गांधी कॉलोनी के तत्वावधान में सुभाष नगर में राष्ट्र में शांति, सद्भावना एवं कल्याण के लिए सामवेद परायण यज्ञ किया गया। इस अवसर पर आचार्य विष्णुमित्र वैदिक को गुरुदत्त आर्य ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
आचार्य विष्णुमित्र ने कहा कि वेद ईश्वरीय ज्ञान है। सृष्टि के आदिकाल में परमात्मा ने सब मनुष्यों के कल्याण के लिए संपूर्ण ज्ञान वेदों में दिया। विश्व की संस्कृति, सभ्यता, धर्म एवं ज्ञान विज्ञान के मूल स्रोत वेद हैं। वेदों में आध्यात्मिक, आदि भौतिक और आदि वैदिक चराचर जगत की उत्पत्ति, स्थिति एवं पढ़ने का ज्ञान है।
आर्यरत्न गुरुदत्त आर्य ने कहा वेदानुकूल आचरण से ही संस्कृति की रचना संभव है। यज्ञ, योग हमारी संस्कृति के प्राण हैं। यज्ञ संसार का सबसे श्रेष्ठ कर्म हैं। यज्ञ में गुग्गल, केसर, किशमिश, गिलोय, कपूर, चंदन और गाय के घी से आहुति देने से मनुष्य स्वस्थ, निरोगी और दीर्घायु होकर मोक्ष को प्राप्त करता है। जगदीश प्रसाद एडवोकेट, शांता प्रकाश आर्य ने भी विचार रखे। संचालन नरेश कुमार आर्य ने किया। जगपाल सिंह, कुसुमलता, तनुजा, नेहा, सुधा, सुशील कुमार, आनंद प्रकाश शर्मा, संगीता आदि रहे।
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मोहल्ला रायजादगान स्थित श्री सिद्धपीठ सिद्धेश्वर महादेव मंदिर सूरज कुंड मंदिर की ओर से शोभायात्रा का आयोजन किया गया। मंदिर महंत ब्रह्रमचारी बलबीर शर्मा के द्वारा मां शाकुंभरी की अष्टभुजा प्रतिमा का विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। जिसके पश्चात मां व गणेश भगवान की प्रतिमा को रथ पर विराजमान कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया।
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यात्रा मोहल्ला रायजादगान आर्य समाज मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर मैन बाजार, जैन स्थानक, जैन मंदिर, कांधला कैराना रोड, महिला कॉलेज मार्ग से निकली। कई स्थानों पर यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। जिसके बाद मां की मंगला आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर महंत बलबीर शर्मा ने बताया कि आज यज्ञ अनुष्ठान कर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। रात्रि में जागरण होगा।
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सद्भावना और कल्याण के लिए यज्ञ ः मुजफ्फरनगर। आर्य समाज गांधी कॉलोनी के तत्वावधान में सुभाष नगर में राष्ट्र में शांति, सद्भावना एवं कल्याण के लिए सामवेद परायण यज्ञ किया गया। इस अवसर पर आचार्य विष्णुमित्र वैदिक को गुरुदत्त आर्य ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
आचार्य विष्णुमित्र ने कहा कि वेद ईश्वरीय ज्ञान है। सृष्टि के आदिकाल में परमात्मा ने सब मनुष्यों के कल्याण के लिए संपूर्ण ज्ञान वेदों में दिया। विश्व की संस्कृति, सभ्यता, धर्म एवं ज्ञान विज्ञान के मूल स्रोत वेद हैं। वेदों में आध्यात्मिक, आदि भौतिक और आदि वैदिक चराचर जगत की उत्पत्ति, स्थिति एवं पढ़ने का ज्ञान है।
आर्यरत्न गुरुदत्त आर्य ने कहा वेदानुकूल आचरण से ही संस्कृति की रचना संभव है। यज्ञ, योग हमारी संस्कृति के प्राण हैं। यज्ञ संसार का सबसे श्रेष्ठ कर्म हैं। यज्ञ में गुग्गल, केसर, किशमिश, गिलोय, कपूर, चंदन और गाय के घी से आहुति देने से मनुष्य स्वस्थ, निरोगी और दीर्घायु होकर मोक्ष को प्राप्त करता है। जगदीश प्रसाद एडवोकेट, शांता प्रकाश आर्य ने भी विचार रखे। संचालन नरेश कुमार आर्य ने किया। जगपाल सिंह, कुसुमलता, तनुजा, नेहा, सुधा, सुशील कुमार, आनंद प्रकाश शर्मा, संगीता आदि रहे।