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Shamli News: अंतरराष्ट्रीय वेटलैंड दिवस पर प्रवासी पक्षियों की जानकारी

Fri, 03 Feb 2023 09:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Fri, 03 Feb 2023 09:38 AM IST
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Information on Migratory Birds on International Wetland Day
राना की मामौर झील में तैरती स्वदेशी जल मुर्गी
शामली, कैराना। अंतरराष्ट्रीय वेटलैंड दिवस पर वन विभाग की ओर से आयोजित बर्ड फेस्टिवल के दौरान मामौर झील के किनारे मदरसा व स्कूली छात्र-छात्राओं को हजारों मील दूर से उड़ान भरकर आने वाले प्रवासी पक्षियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान झील पर मौजूद स्वदेशी पक्षियों से भी उन्हें रूबरू कराया गया।
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बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय वेटलैंड दिवस मनाया गया। वन विभाग की ओर से मामौर झील के किनारे बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर के डीके पब्लिक स्कूल और गांव के मदरसे के 42 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। वन दारोगा आदित्य शर्मा व वन रक्षक विपिन कुमार ने अंतरराष्ट्रीय वेटलैंड दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वेटलैंड उसी क्षेत्र को कहा जाता है जहां प्राकृतिक रूप से लाखों लीटर पानी पूरे साल संचित होता है। ऐसे स्थान पर सर्दी शुरू होते ही सितंबर से साइबेरियन, ब्राजील, आस्ट्रेलिया, मंगोलिया व अन्य देशों से हजारों मील उड़ान भरकर हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं। सर्दी के शुरू में आने वाले ये पक्षी मौसम में गर्माहट शुरू होते ही वापस जाने लगते हैं।
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उन्होंने कहा कि नई पीढि़यों को स्वदेशी पक्षियों के साथ ही विदेशी पक्षियों के बारे में भी जानकारी देने के उद्देश्य से बर्ड फेस्टिवल किया गया है, ताकि भविष्य में पक्षियों का भी संरक्षण हो सके। छात्र-छात्राओं को झील पर मौजूद स्वदेशी जलमुर्गी, सफेद मुर्गा, काली टटीरी आदि भी दिखाई गई, जो पानी में तैर रही थी। बाद में बच्चों को खाने के पैकेट भी वितरित किए गए। इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य कमलेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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झील पर नहीं बन सका बर्ड सेंक्चुअरि
मामौर झील पर करीब छह वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम एनपी सिंह ने बर्ड सेंक्चुअरि के रूप में सुंदरीकरण कराए जाने के प्रयास किए थे। उस समय मंडलायुक्त भी यहां निरीक्षण पर पहुंचे थे, लेकिन बजट के अभाव में यहां आज तक बर्ड सेंक्चुरी नहीं बन सकी है। इसके अलावा मामौर झील के गंदे पानी से निजात दिलाने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है। प्लांट निर्माण होने में अभी कई माह और लगेंगे।

राना की मामौर झील में तैरती स्वदेशी जल मुर्गी

राना की मामौर झील में तैरती स्वदेशी जल मुर्गी

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