{"_id":"647c8fb72ff612336608ba04","slug":"influenced-by-spiritual-knowledge-2146-people-received-naam-deeksha-shamli-news-c-26-1-smrt1056-3940-2023-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: अध्यात्मिक ज्ञान से प्रभावित होकर 2146 लोगों ने प्राप्त की नाम दीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: अध्यात्मिक ज्ञान से प्रभावित होकर 2146 लोगों ने प्राप्त की नाम दीक्षा
विज्ञापन
-सतलोक आश्रम में भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन, कई प्रदेशों से पहुंचे थे भक्त
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। वेदखेड़ी स्थित सतलोक आश्रम में समागम के समापन पर परमेश्वर के सद अमर ग्रंथ के अखंड पाठ की वाणी का भोग लगा। तीन दिन तक चले कबीर प्रकट दिवस पर समागम में कई राज्यों से लाखों श्रद्धालुओं ने अमर वाणी का लाभ उठाया। तीसरे दिन भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हो गया। अध्यात्मिक ज्ञान से प्रभावित होकर 2146 लोगों ने नाम दीक्षा प्राप्त की।
रविवार को सतलोक आश्रम में चले पूर्ण ब्रह्म कबीर साहब के 626वें प्रकट दिवस के अवसर पर चले तीन दिवसीय समागम के समापन अवसर पर परमेश्वर के सद अमर ग्रंथ के अखंड पाठ की वाणी का भोग लगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, चंडीगढ़ आदि प्रदेशों से लगभग दो लाख साध संगत ने समागम में आकर अमर वाणी का लाभ उठाया। क्षेत्र के लोगों ने भी खुले भंडारे का आनंद लिया। सतलोक आश्रम में आने वाले भक्तों को घर के लिए भी देशी घी के लड्डू का प्रसाद दिया गया। प्रदेश कोऑर्डिनेटर हरदेश दास ने बताया कि सतलोक आश्रम में संत रामपाल महाराज के आदेश अनुसार खाने, पीने, ठहरने, स्नान आदि की निशुल्क व्यवस्था की जाती है। समागम के दूसरे दिन रक्तदान शिविर लगाया गया था, जिसमें 200 यूनिट रक्तदान किया गया और 51 दहेज रहित विवाह का आयोजन आश्रम की तरफ से किया गया। उन्होंने बताया कि कबीर का प्रकट दिवस का आयोजन संत रामपाल महाराज के सानिध्य में भारत में 10 जगह किया जाता है। बताया कि नेपाल देश में भी इसी तरह कबीर का प्रकट दिवस का आयोजन किया गया है। इस आयोजन पर संत रामपाल महाराज के अध्यात्मिक ज्ञान से प्रभावित होकर 2146 लोगों ने नाम दीक्षा प्राप्त की। आगामी आयोजन 6 से 8 सितंबर को किया जाएगा।
विज्ञापन
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। वेदखेड़ी स्थित सतलोक आश्रम में समागम के समापन पर परमेश्वर के सद अमर ग्रंथ के अखंड पाठ की वाणी का भोग लगा। तीन दिन तक चले कबीर प्रकट दिवस पर समागम में कई राज्यों से लाखों श्रद्धालुओं ने अमर वाणी का लाभ उठाया। तीसरे दिन भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हो गया। अध्यात्मिक ज्ञान से प्रभावित होकर 2146 लोगों ने नाम दीक्षा प्राप्त की।
रविवार को सतलोक आश्रम में चले पूर्ण ब्रह्म कबीर साहब के 626वें प्रकट दिवस के अवसर पर चले तीन दिवसीय समागम के समापन अवसर पर परमेश्वर के सद अमर ग्रंथ के अखंड पाठ की वाणी का भोग लगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, चंडीगढ़ आदि प्रदेशों से लगभग दो लाख साध संगत ने समागम में आकर अमर वाणी का लाभ उठाया। क्षेत्र के लोगों ने भी खुले भंडारे का आनंद लिया। सतलोक आश्रम में आने वाले भक्तों को घर के लिए भी देशी घी के लड्डू का प्रसाद दिया गया। प्रदेश कोऑर्डिनेटर हरदेश दास ने बताया कि सतलोक आश्रम में संत रामपाल महाराज के आदेश अनुसार खाने, पीने, ठहरने, स्नान आदि की निशुल्क व्यवस्था की जाती है। समागम के दूसरे दिन रक्तदान शिविर लगाया गया था, जिसमें 200 यूनिट रक्तदान किया गया और 51 दहेज रहित विवाह का आयोजन आश्रम की तरफ से किया गया। उन्होंने बताया कि कबीर का प्रकट दिवस का आयोजन संत रामपाल महाराज के सानिध्य में भारत में 10 जगह किया जाता है। बताया कि नेपाल देश में भी इसी तरह कबीर का प्रकट दिवस का आयोजन किया गया है। इस आयोजन पर संत रामपाल महाराज के अध्यात्मिक ज्ञान से प्रभावित होकर 2146 लोगों ने नाम दीक्षा प्राप्त की। आगामी आयोजन 6 से 8 सितंबर को किया जाएगा।
विज्ञापन