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Shamli News: बारिश के बाद संक्रामक रोगों का बढ़ा खतरा, बरतें सावधानी
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- जलभराव होने से मच्छरजनित रोग फैलने की आशंका
- जिले में इस साल अब तक मिल चुके मलेरिया के 18 केस
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बारिश के बाद जलभराव होने से संक्रामक और मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। जिले में पहले से वायरल बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज ज्यादा हैं। अब मलेरिया, डेंगू व अन्य संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में रविवार को तेज बारिश हुई। बारिश के बाद जगह-जगह पर जलभराव की स्थिति बन गई है। जलभराव होने से तेजी से मच्छर पनपने की आशंका बन गई है। अभी तक अस्पतालों में वायरल बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे थे। बारिश होने से त्वचा संबंधी रोगों के अलावा टायफाइड, उल्टी, दस्त व पेट संबंधी संक्रामक रोगों के साथ ही मलेरिया, डेंगू बुखार, कालाजार, पीलिया व दिमागी बुखार आदि मच्छरजनित रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। इस साल में मई माह तक पांच माह में लगभग 15720 स्लाइड की जांच में मलेरिया के 18 केस सामने आ चुके हैं। हालांकि डेंगू का कोई मामला अभी सामने नहीं आया है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया इस मौसम में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई के अलावा खानपान का ध्यान रखें और मच्छर काटने से बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। इसमें लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है, इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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मलेरिया के लक्षण:
- तेज सिर दर्द होना, उल्टी होना।
- ठंड के साथ तेज बुखार होना।
- कमजोरी महसूस देना।
- ज्यादा थकान महसूस देना।
डेंगू के लक्षण:
- ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार होना।
- सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।
- आंखों के पिछले भाग में दर्द होना।
- भूख कम लगना व जी मिचलाना।
- शरीर में ज्यादा कमजोरी होना।
- मुंह का स्वाद खराब होना।
- शरीर पर लाल रंग के चक्कते होना।
बचाव:
- घर के आसपास गड्ढे व अन्य स्थानों पर जलभराव न होने दें।
- अपने घर व आसपास साफ-सफाई रखें।
- जलभराव रोकने को गड्ढों को मिट्टी से भरें।
- नाले व नालियों में सप्ताह में दो बार जला हुआ मोबिल ऑयल, मिट्टी का तेल या कीटनाशक का छिड़काव करें।
- शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
- चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।
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- जिले में इस साल अब तक मिल चुके मलेरिया के 18 केस
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बारिश के बाद जलभराव होने से संक्रामक और मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। जिले में पहले से वायरल बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज ज्यादा हैं। अब मलेरिया, डेंगू व अन्य संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में रविवार को तेज बारिश हुई। बारिश के बाद जगह-जगह पर जलभराव की स्थिति बन गई है। जलभराव होने से तेजी से मच्छर पनपने की आशंका बन गई है। अभी तक अस्पतालों में वायरल बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे थे। बारिश होने से त्वचा संबंधी रोगों के अलावा टायफाइड, उल्टी, दस्त व पेट संबंधी संक्रामक रोगों के साथ ही मलेरिया, डेंगू बुखार, कालाजार, पीलिया व दिमागी बुखार आदि मच्छरजनित रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। इस साल में मई माह तक पांच माह में लगभग 15720 स्लाइड की जांच में मलेरिया के 18 केस सामने आ चुके हैं। हालांकि डेंगू का कोई मामला अभी सामने नहीं आया है।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया इस मौसम में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई के अलावा खानपान का ध्यान रखें और मच्छर काटने से बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। इसमें लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है, इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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मलेरिया के लक्षण:
- तेज सिर दर्द होना, उल्टी होना।
- ठंड के साथ तेज बुखार होना।
- कमजोरी महसूस देना।
- ज्यादा थकान महसूस देना।
डेंगू के लक्षण:
- ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार होना।
- सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।
- आंखों के पिछले भाग में दर्द होना।
- भूख कम लगना व जी मिचलाना।
- शरीर में ज्यादा कमजोरी होना।
- मुंह का स्वाद खराब होना।
- शरीर पर लाल रंग के चक्कते होना।
बचाव:
- घर के आसपास गड्ढे व अन्य स्थानों पर जलभराव न होने दें।
- अपने घर व आसपास साफ-सफाई रखें।
- जलभराव रोकने को गड्ढों को मिट्टी से भरें।
- नाले व नालियों में सप्ताह में दो बार जला हुआ मोबिल ऑयल, मिट्टी का तेल या कीटनाशक का छिड़काव करें।
- शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
- चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।