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अस्पतालों में विंटर डायरिया, नजला, खांसी के बढ़े मरीज
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शामली सीएचसी में बीमार बच्ची को लेकर बैठी महिला
- फोटो : SHAMLI
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शामली। शीत लहर चलने से अस्पतालों में विंटर डायरिया, नजला, जुकाम व खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बच्चों में ब्रोंकोलाइटिस के केस भी अस्पताल में आ रहे हैं। वैसे तो ठंड से सभी उम्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन बच्चों पर ज्यादा असर पड़ता है । ठंड के मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौसम में जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
पहाड़ों पर बर्फ पड़ने से पिछले तीन दिन से शीत लहर चल रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अचानक बढ़ी ठंड व शीतलहर से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि अस्पताल में लगभग 550 नए मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें अधिकतर मरीज ठंड लगने के आ रहे हैं। नजला, जुकाम, खांसी के मरीज ज्यादा है। वायरल बुखार के केस भी आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उपकार मलिक ने बताया कि ठंड लगने से बीमार मरीजों की संख्या बढ़ी है। सर्दी से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
निजी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वेदभानू मलिक ने बताया कि ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चों में विंटर डायरिया और ब्रोंकोलाइटिस के अलावा नजला, जुकाम व खांसी के केस ज्यादा आ रहे हैं। इनसे बचाव के लिए ठंड से बचने वाले सभी तरह के तरीके अपनाने चाहिए। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि वैसे तो दिसंबर से फरवरी तक हेल्दी सीजन माना जाता है यानि इन महीनों में बीमारियां कम होती है, लेकिन ठंड लगने से लोगों को निमोनिया, जुकाम, खांसी आदि की समस्या हो जाती है। जिला अस्पताल की ओपीडी रोजाना 100 मरीज आ रहे हैं, उनमें अधिकतर सर्दी, जुुकाम व खांसी के मरीज होते हैं। इसलिए ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतें।
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ठंड से इस तरह करें बचाव
- सर्दी से बचाव के लिए गरम ऊनी कपड़े पहनें।
- सुबह शाम ज्यादा सर्दी होने के कारण अनावश्यक घर से न निकलें।
- ठंडे पेय पदार्थ और खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
- तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
- ठंडे पानी में बार-बार भीगने से बचें। गीले कपड़े न पहनें।
- ठंड लगने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
- डायरिया होने पर ओआरएस का घोल लेना शुरू करें।
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पहाड़ों पर बर्फ पड़ने से पिछले तीन दिन से शीत लहर चल रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अचानक बढ़ी ठंड व शीतलहर से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि अस्पताल में लगभग 550 नए मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें अधिकतर मरीज ठंड लगने के आ रहे हैं। नजला, जुकाम, खांसी के मरीज ज्यादा है। वायरल बुखार के केस भी आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उपकार मलिक ने बताया कि ठंड लगने से बीमार मरीजों की संख्या बढ़ी है। सर्दी से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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निजी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वेदभानू मलिक ने बताया कि ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चों में विंटर डायरिया और ब्रोंकोलाइटिस के अलावा नजला, जुकाम व खांसी के केस ज्यादा आ रहे हैं। इनसे बचाव के लिए ठंड से बचने वाले सभी तरह के तरीके अपनाने चाहिए। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि वैसे तो दिसंबर से फरवरी तक हेल्दी सीजन माना जाता है यानि इन महीनों में बीमारियां कम होती है, लेकिन ठंड लगने से लोगों को निमोनिया, जुकाम, खांसी आदि की समस्या हो जाती है। जिला अस्पताल की ओपीडी रोजाना 100 मरीज आ रहे हैं, उनमें अधिकतर सर्दी, जुुकाम व खांसी के मरीज होते हैं। इसलिए ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतें।
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ठंड से इस तरह करें बचाव
- सर्दी से बचाव के लिए गरम ऊनी कपड़े पहनें।
- सुबह शाम ज्यादा सर्दी होने के कारण अनावश्यक घर से न निकलें।
- ठंडे पेय पदार्थ और खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
- तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
- ठंडे पानी में बार-बार भीगने से बचें। गीले कपड़े न पहनें।
- ठंड लगने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
- डायरिया होने पर ओआरएस का घोल लेना शुरू करें।

शामली सीएचसी में इलाज कराने के लिए महिलाओं की लगी लाइन- फोटो : SHAMLI

शामली सीएचसी में जांच करते चिकित्सक- फोटो : SHAMLI

शामली सीएचसी में जांच करते चिकित्सक- फोटो : SHAMLI