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मैं तो ठेकेदारी करता हूं, मुझे नौकरी नहीं चाहिए
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शामली। श्रमिकों को रोजगार दिलाने की संशोधित सूची जिला उद्योग केंद्र द्वारा इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन को भेज दी है। सूची में 2671 नाम शामिल हैं। सूची में दिए गए श्रमिकों के मोबाइल नंबरों पर जब आईआईए के एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बात की। कुछ ने बताया कि वह तो मध्यप्रदेश में ठेकेदारी करते हैं, तो किसी ने अपनी अच्छी दुकान बताकर काम करने से ही साफ मना कर दिया। कइयों के मोबाइल नंबर ही नहीं मिले। अब इस समस्या को उद्यमी काफी परेशान हैं और उन्होंने डीएम के समक्ष ये मसला उठाने की तैयार कर ली है। पेश है रिपोर्ट...
मैं तो ठेकेदार हूं नौकरी का इरादा नहीं
कैराना निवासी अनीस का नाम सूची में था। उसे फोन लगाया गया तो उसने बताया कि उसे कोई नौकरी नहीं चाहिए। वह वह तो कटनी (मध्यप्रदेश) में ठेकेदारी कर रहा है। अच्छा काम चल रहा है। यदि आपको को कंट्रेक्शन का काम कराना है तो बताइये। उसका जवाब सुनकर आईआईए अध्यक्ष भी आश्चर्यचकित रह गए।
दुकान बढ़िया चल रही, मुझे नहीं नौकरी की जरूरत
बनत कस्बा निवासी नूर मोहम्मद के नाम के आगे दिए गए मोबाइल पर बात की गई तो फोन को उसके भाई ने उठाया। भाई ने नूर मोहम्म्द का नंबर दिया। उस नंबर पर बात की गई उसने बताया कि बनत कस्बे में लोहे की जाली, जाल आदि बनाने की दुकान है। तीन साल से अधिक समय से वह दुकान कर रहा है। काम अच्छा चल रहा है । उसे कोई नौकरी नहीं चाहिए।
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मै तो काम कर रहा हूं
शामली निवासी आफिस के मोबाइल नंबर पर बात की। उसने बताया कि वो तो मुजफ्फरनगर में काम कर रहा है। उसने नौकरी की जरूरत नहीं है। ये सुनकर भी आईआईए अध्यक्ष हैरान रह गएद्घ उन्होंने बताया कि इस मसले को डीएम के समक्ष रखा जाएगा।
इनके मोबाइल मिले ही नहीं
बनत निवासी अफजल का मोबाइल कवरेज एरिया से बाहर बता रहा था। थानाभवन के अहसान अली के मोबाइल पर रिंग ही नहीं जा रही थी। इसके अलावा अजय कुमार अमित कुमार का नंबर नहीं लग रहा था। अमित कुमार का मोबाइल ही बंद मिला। सूची में कुछ लोगों का पता दर्ज नहीं है।
कोट
जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से 10 जून को 715 प्रवासी श्रमिकों की एक सूची भेजकर इन लोगों को रोजगार देने की अपील की गई थी, लेकिन उस सूची में लिखे मोबाइल नंबर प्रधानों के थे, कुछ गलत थे। उन्होंने दूसरी सूची देने को कहा गया। जिस पर अब जिला उद्योग केेंद्र के द्वारा संशोधित सूची दी गई है। इसमें रैंडम 10 लोगों को फोन किया गया। तीन ने तो कहा कि उनका अच्छा काम चल रहा हे। उन्हें नौकरी की जरूरत नहीं है। इस समस्या को अब जिलाधिकारी के समक्ष उठाएंगे।
- अशोक मित्तल, अध्यक्ष इंडियन इंडस्ट्रीज एसोशिएयन
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मैं तो ठेकेदार हूं नौकरी का इरादा नहीं
कैराना निवासी अनीस का नाम सूची में था। उसे फोन लगाया गया तो उसने बताया कि उसे कोई नौकरी नहीं चाहिए। वह वह तो कटनी (मध्यप्रदेश) में ठेकेदारी कर रहा है। अच्छा काम चल रहा है। यदि आपको को कंट्रेक्शन का काम कराना है तो बताइये। उसका जवाब सुनकर आईआईए अध्यक्ष भी आश्चर्यचकित रह गए।
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दुकान बढ़िया चल रही, मुझे नहीं नौकरी की जरूरत
बनत कस्बा निवासी नूर मोहम्मद के नाम के आगे दिए गए मोबाइल पर बात की गई तो फोन को उसके भाई ने उठाया। भाई ने नूर मोहम्म्द का नंबर दिया। उस नंबर पर बात की गई उसने बताया कि बनत कस्बे में लोहे की जाली, जाल आदि बनाने की दुकान है। तीन साल से अधिक समय से वह दुकान कर रहा है। काम अच्छा चल रहा है । उसे कोई नौकरी नहीं चाहिए।
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मै तो काम कर रहा हूं
शामली निवासी आफिस के मोबाइल नंबर पर बात की। उसने बताया कि वो तो मुजफ्फरनगर में काम कर रहा है। उसने नौकरी की जरूरत नहीं है। ये सुनकर भी आईआईए अध्यक्ष हैरान रह गएद्घ उन्होंने बताया कि इस मसले को डीएम के समक्ष रखा जाएगा।
इनके मोबाइल मिले ही नहीं
बनत निवासी अफजल का मोबाइल कवरेज एरिया से बाहर बता रहा था। थानाभवन के अहसान अली के मोबाइल पर रिंग ही नहीं जा रही थी। इसके अलावा अजय कुमार अमित कुमार का नंबर नहीं लग रहा था। अमित कुमार का मोबाइल ही बंद मिला। सूची में कुछ लोगों का पता दर्ज नहीं है।
कोट
जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से 10 जून को 715 प्रवासी श्रमिकों की एक सूची भेजकर इन लोगों को रोजगार देने की अपील की गई थी, लेकिन उस सूची में लिखे मोबाइल नंबर प्रधानों के थे, कुछ गलत थे। उन्होंने दूसरी सूची देने को कहा गया। जिस पर अब जिला उद्योग केेंद्र के द्वारा संशोधित सूची दी गई है। इसमें रैंडम 10 लोगों को फोन किया गया। तीन ने तो कहा कि उनका अच्छा काम चल रहा हे। उन्हें नौकरी की जरूरत नहीं है। इस समस्या को अब जिलाधिकारी के समक्ष उठाएंगे।
- अशोक मित्तल, अध्यक्ष इंडियन इंडस्ट्रीज एसोशिएयन