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भड़ी गांव में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
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चौसाना क्षेत्र के गांव भड़ी में युमना का जलस्तर बढ़ने के बाद ईख की फसल में भरा पानी।
- फोटो : SHAMLI
भड़ी गांव में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
चौसाना। भड़ी गांव में यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ना और चारे की फसल नष्ट हो गई। कुछ किसानों ने फसल को बर्बाद होने से बचाने के लिए काट लिया ताकि पशुओं के चारे का इस्तेमाल किया जा सके। किसानों का कहना है कि लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है और फसल बर्बाद होने से किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है।
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बाद हथिनी कुंड बैराज से पानी को छोड़ा जा रहा है, जिससे यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से तटबंधों के टूटने का खतरा बढ़ गया है। लक्ष्मीपुरा, भड़ी, साल्हापुर, मंगलोरा, नाई नंगला के किसानों की फसल यमुना के तेज बहाव में बह गई। किसानों का कहना है कि अधिकांश फसल गन्ना, चारा और धान की फसल थी, जिससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। चारे और गन्ने की कुछ फसल को किसान यमुना के तेज बहाव से बचा रहे हैं, जिससे उसका इस्तेमाल किया जा सके।
किसान यमुना के तेज बहाव में अपनी जान को जोखिम में डालकर अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं। बताया गया कि सोहनपाल की 2 बीघा, मैनपाल की 3 बीघा, फूलमती की एक बीघा, योगेश की 6 बीघा, कर्मवीर की 5 बीघा, प्रदीप की 20 बीघा, महावीर की 4 बीघा, सुनील का 5 बीघा, कूड़ाराम का 10 बीघा, शमशेर का 9 बीघा, इकबाल का 9 बीघा, गुलजार का 7 बीघा, तौफीक का 20 बीघा, घसीटा का 10 बीघा, सराजू, नूरा व बशीर की 44 बीघा, जफरू व उसके भाइयों की 40 बीघा गन्ने की फसल नष्ट हो गई। फूलकुमार की दो बीघा ज्वार नरेंद्र की 15 बीघा गन्ना व ज्वार, शीला की 15 बीघा गन्ना व ज्वार नष्ट हुई है।
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पांच लाख का कर्ज कैसे होगा चुकता, किसान परेशान
चौसाना। इस वर्ष बरसात में यमुना नदी का जल स्तर सामान्य रहने से लोगों को नुकसान का कम अनुमान था, लेकिन पिछले सप्ताह हुई बारिश से पहाड़ों से आने वाले पानी ने यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ा दिया, जिससे अकेले नाईनंगला के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई। रोते हुए किसान जफरू बताया कि 44 बीघा गन्ने की फसल उगाई थी। बैंक से पांच लाख का कर्ज लिया हुआ है। गन्ने की फसल से उम्मीद थी कि अच्छी निकलेगी लेकिन यमुना में सब बह गई। अब कर्ज कैसे चुकाया जाएगा।
बड़ी-बड़ी ठोकरों से टकराकर तेज हो रहा बहाव
हरियाणा के खेतों में यमुना से बचाव के लिए बड़ी-बड़ी ठोकरों को निर्माण किया गया है, जिसके कारण यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी ठोकरों से टकराकर तेज गति से बह रहा है और भड़ी के क्षेत्र में फसलों और ठोकरों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे किसान काफी परेशान है।
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चौसाना। भड़ी गांव में यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ना और चारे की फसल नष्ट हो गई। कुछ किसानों ने फसल को बर्बाद होने से बचाने के लिए काट लिया ताकि पशुओं के चारे का इस्तेमाल किया जा सके। किसानों का कहना है कि लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है और फसल बर्बाद होने से किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है।
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बाद हथिनी कुंड बैराज से पानी को छोड़ा जा रहा है, जिससे यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से तटबंधों के टूटने का खतरा बढ़ गया है। लक्ष्मीपुरा, भड़ी, साल्हापुर, मंगलोरा, नाई नंगला के किसानों की फसल यमुना के तेज बहाव में बह गई। किसानों का कहना है कि अधिकांश फसल गन्ना, चारा और धान की फसल थी, जिससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। चारे और गन्ने की कुछ फसल को किसान यमुना के तेज बहाव से बचा रहे हैं, जिससे उसका इस्तेमाल किया जा सके।
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किसान यमुना के तेज बहाव में अपनी जान को जोखिम में डालकर अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं। बताया गया कि सोहनपाल की 2 बीघा, मैनपाल की 3 बीघा, फूलमती की एक बीघा, योगेश की 6 बीघा, कर्मवीर की 5 बीघा, प्रदीप की 20 बीघा, महावीर की 4 बीघा, सुनील का 5 बीघा, कूड़ाराम का 10 बीघा, शमशेर का 9 बीघा, इकबाल का 9 बीघा, गुलजार का 7 बीघा, तौफीक का 20 बीघा, घसीटा का 10 बीघा, सराजू, नूरा व बशीर की 44 बीघा, जफरू व उसके भाइयों की 40 बीघा गन्ने की फसल नष्ट हो गई। फूलकुमार की दो बीघा ज्वार नरेंद्र की 15 बीघा गन्ना व ज्वार, शीला की 15 बीघा गन्ना व ज्वार नष्ट हुई है।
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पांच लाख का कर्ज कैसे होगा चुकता, किसान परेशान
चौसाना। इस वर्ष बरसात में यमुना नदी का जल स्तर सामान्य रहने से लोगों को नुकसान का कम अनुमान था, लेकिन पिछले सप्ताह हुई बारिश से पहाड़ों से आने वाले पानी ने यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ा दिया, जिससे अकेले नाईनंगला के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई। रोते हुए किसान जफरू बताया कि 44 बीघा गन्ने की फसल उगाई थी। बैंक से पांच लाख का कर्ज लिया हुआ है। गन्ने की फसल से उम्मीद थी कि अच्छी निकलेगी लेकिन यमुना में सब बह गई। अब कर्ज कैसे चुकाया जाएगा।
बड़ी-बड़ी ठोकरों से टकराकर तेज हो रहा बहाव
हरियाणा के खेतों में यमुना से बचाव के लिए बड़ी-बड़ी ठोकरों को निर्माण किया गया है, जिसके कारण यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी ठोकरों से टकराकर तेज गति से बह रहा है और भड़ी के क्षेत्र में फसलों और ठोकरों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे किसान काफी परेशान है।

चौसाना क्षेत्र के गांव भड़ी में युमना का जलस्तर बढ़ने के बाद ईख की फसल काटकर ले जाते किसान।- फोटो : SHAMLI

चौसाना क्षेत्र के गांव भड़ी में युमना का जलस्तर बढ़ने के बाद अपनी बर्बाद फसल को देखकर भावुक होता ?- फोटो : SHAMLI

चौसाना क्षेत्र के गांव भड़ी में युमना का जलस्तर बढ़ने के बाद ईख की फसल को काटते किसान।- फोटो : SHAMLI