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संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल से मरीज परेशान
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 11 Sep 2016 01:18 AM IST
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सीएमओ कार्यालय पर धरना देती संविदा कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (संविदा) कर्मचारी संघ का धरना प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। संविदा कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना दिया। वहीं, आशाएं भी अपनी मांगों को लेकर इनके साथ धरने पर बैठ र्गइं। शनिवार को फार्मेसिस्टों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया।
सीएमओ कार्यालय के बाहर डॉक्टर हुमायूं खान, डॉक्टर योगेंद्र कुमार, फईम सिद्दीकी, डॉक्टर शौर्य मलिक, मुकेश, अश्वनी कुमार, रूपेंद्र सिंह, लवीश तोमर, संदीप कुमार, आलोक कुमार, डॉक्टर अमरीश, डॉक्टर विवेक कुमार, साजिद खान और अतुल गर्ग धरने पर बैठे रहे।
उन्होंने बताया कि जॉब सिक्योरिटी के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराया जाए, एक्स कैडर के अनुरूप सेवानिवृत्ति की उम्र का निर्धारण किया जाए, नियमित नियुक्तियों में संविदा कर्मचारियों को वरियता देते हुए समायोजित किया जाए।
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आउट सोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को डीएचएस (जिला स्वास्थ्य समिति) के माध्यम से भर्ती कराया जाए। आशाओं को निश्चित मानदेय एवं कर्मचारी का दर्जा दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाएगा, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी चार दिन से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। प्रदेश सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उधर, कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं, जिसके कारण मरीजों को परेशानी हुई।
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सीएमओ कार्यालय के बाहर डॉक्टर हुमायूं खान, डॉक्टर योगेंद्र कुमार, फईम सिद्दीकी, डॉक्टर शौर्य मलिक, मुकेश, अश्वनी कुमार, रूपेंद्र सिंह, लवीश तोमर, संदीप कुमार, आलोक कुमार, डॉक्टर अमरीश, डॉक्टर विवेक कुमार, साजिद खान और अतुल गर्ग धरने पर बैठे रहे।
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उन्होंने बताया कि जॉब सिक्योरिटी के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराया जाए, एक्स कैडर के अनुरूप सेवानिवृत्ति की उम्र का निर्धारण किया जाए, नियमित नियुक्तियों में संविदा कर्मचारियों को वरियता देते हुए समायोजित किया जाए।
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आउट सोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को डीएचएस (जिला स्वास्थ्य समिति) के माध्यम से भर्ती कराया जाए। आशाओं को निश्चित मानदेय एवं कर्मचारी का दर्जा दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाएगा, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी चार दिन से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। प्रदेश सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उधर, कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं, जिसके कारण मरीजों को परेशानी हुई।