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Shamli News: मंडलायुक्त और डीएम से मिले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और 12 सदस्य
Sat, 13 Jul 2024 03:30 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 13 Jul 2024 03:30 AM IST
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शामली कलेक्ट्रेट में डीएम से वार्ता करते जिला पंचायत सदस्य
शामली। जिला पंचायत में विवाद थमने का नाम नही ले रहा है। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मनीष चौहान के नेतृत्व में 12 सदस्यों ने शुक्रवार को सहारनपुर में मंडलायुक्त डाक्टर हरिकेश भास्कर यशोद और शामली में डीएम रविंद्र सिंह से मुलाकात की और कहा कि शासन को भेजी गई कार्ययोजना में नियमानुसार ही कार्रवाई करें।
दो दिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु गुर्जर ने जिला पंचायत के कुछ सदस्यों के वार्डों में कार्य नहीं करने आरोप लगाया था। शुक्रवार को भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान जिला पंचायत के 12 सदस्यों के साथ सहारनपुर मंडलायुक्त डाक्टर हरिकेश भास्कर यशोद और शामली में डीएम रविंद्र सिंह से मिले। मंडलायुक्त और डीएम को दिए ज्ञापन में अवगत कराया कि जिला पंचायत की वर्ष 2024-25 की जिला पंचायत विकास योजना कार्ययोजना का प्रस्ताव जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पास करके कार्ययोजना तैयार की गई है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है। शासन को इसकी सूचना भेजी जा चुकी है। कहा कि कुछ सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष कार्ययोजना में संशोधन कराना चाहते हैं। ज्ञापन में सदस्यों ने कार्ययोजना संशोधन प्रस्ताव जिला पंचायत बैठक बुलाकर शासनादेशनुसार कराने की मांग की है। मनीष चौहान का कहना है कि उन्हें जिला पंचायत के 12 सदस्य,पांच ब्लाक प्रमुख और एक एमएलसी का समर्थन प्राप्त है। ज्ञापन देने वालों में जिला पंचायत सदस्य नफीसा डोली, बबली,शर्मिष्ठा, सीमा, विनोद कुमार,अनिल कुमार, शैफाली चौहान आदि शामिल रहे।
यह था मामला
बीती 28 जून शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष मधु गुर्जर ने डीएम रविंद्र सिंह के सामने पेश होकर सुरक्षा कर्मी और गाड़ी नहीं दिए जाने और उनके कार्य में हस्तक्षेप रोकने की शिकायत की थी, जिसके बाद राजनैतिक क्षेत्रों में हलचल मच गई थी।एसपी अभिषेक ने तुरंत ही जिला पंचायत अध्यक्षा को नया सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करा दिया था। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नईम अख्तर ने अपनी गाडी को जिला पंचायत अध्यक्ष को उपलब्ध कराई थी। उधर, एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनीष चौहान ने जिला पंचायत सदस्यों के साथ बैठक कर जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य नेताओं के प्रति आक्रोश जताया था। कहा था कि जिला पंचायत अध्यक्षा को हर सुविधा दी जा रही है मगर कुछ नेता उन्हें बहका रहे हैं। वह गलत आरोप लगा रही। मामले को लेकर एमएलसी वीरेंद्र भी सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले थे। इसके बाद लखनऊ में पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, सदर विधायक प्रसन्न चौधरी और जिला पंचायत अध्यक्ष मधु गुर्जर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से मिले थे और अपना पक्ष रखा था । सीएम ने जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया है। मधु का एक पत्र भी वायरल हुआ था,जिसमें उसने कुछ जिला पंचायत सदस्यों के वार्ड में विकास कार्य नहीं कराने का आरोप लगाया था।
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मेरा नाम जबरदस्ती लिया जा रहा : विधायक
रालोद विधायक प्रसन्न चौधरी का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के हनन का मामला पूर्व सांसद ने उठाया था। अब मेरा नाम इस मामले में जबरदस्ती लिया जा रहा है। यह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है। बिना नाम लिए कहा कि जो जनप्रतिनिधि नहीं है, उन्हें इस मामले में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी का कहना है कि यदि कोई कार्य योजना बन गई है तो जिला पंचायत अध्यक्ष उसे संसोधित करा सकते हैं। उसे अधिकार प्राप्त होता है।
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दो दिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु गुर्जर ने जिला पंचायत के कुछ सदस्यों के वार्डों में कार्य नहीं करने आरोप लगाया था। शुक्रवार को भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान जिला पंचायत के 12 सदस्यों के साथ सहारनपुर मंडलायुक्त डाक्टर हरिकेश भास्कर यशोद और शामली में डीएम रविंद्र सिंह से मिले। मंडलायुक्त और डीएम को दिए ज्ञापन में अवगत कराया कि जिला पंचायत की वर्ष 2024-25 की जिला पंचायत विकास योजना कार्ययोजना का प्रस्ताव जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पास करके कार्ययोजना तैयार की गई है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है। शासन को इसकी सूचना भेजी जा चुकी है। कहा कि कुछ सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष कार्ययोजना में संशोधन कराना चाहते हैं। ज्ञापन में सदस्यों ने कार्ययोजना संशोधन प्रस्ताव जिला पंचायत बैठक बुलाकर शासनादेशनुसार कराने की मांग की है। मनीष चौहान का कहना है कि उन्हें जिला पंचायत के 12 सदस्य,पांच ब्लाक प्रमुख और एक एमएलसी का समर्थन प्राप्त है। ज्ञापन देने वालों में जिला पंचायत सदस्य नफीसा डोली, बबली,शर्मिष्ठा, सीमा, विनोद कुमार,अनिल कुमार, शैफाली चौहान आदि शामिल रहे।
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यह था मामला
बीती 28 जून शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष मधु गुर्जर ने डीएम रविंद्र सिंह के सामने पेश होकर सुरक्षा कर्मी और गाड़ी नहीं दिए जाने और उनके कार्य में हस्तक्षेप रोकने की शिकायत की थी, जिसके बाद राजनैतिक क्षेत्रों में हलचल मच गई थी।एसपी अभिषेक ने तुरंत ही जिला पंचायत अध्यक्षा को नया सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करा दिया था। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नईम अख्तर ने अपनी गाडी को जिला पंचायत अध्यक्ष को उपलब्ध कराई थी। उधर, एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनीष चौहान ने जिला पंचायत सदस्यों के साथ बैठक कर जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य नेताओं के प्रति आक्रोश जताया था। कहा था कि जिला पंचायत अध्यक्षा को हर सुविधा दी जा रही है मगर कुछ नेता उन्हें बहका रहे हैं। वह गलत आरोप लगा रही। मामले को लेकर एमएलसी वीरेंद्र भी सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले थे। इसके बाद लखनऊ में पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, सदर विधायक प्रसन्न चौधरी और जिला पंचायत अध्यक्ष मधु गुर्जर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से मिले थे और अपना पक्ष रखा था । सीएम ने जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया है। मधु का एक पत्र भी वायरल हुआ था,जिसमें उसने कुछ जिला पंचायत सदस्यों के वार्ड में विकास कार्य नहीं कराने का आरोप लगाया था।
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मेरा नाम जबरदस्ती लिया जा रहा : विधायक
रालोद विधायक प्रसन्न चौधरी का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के हनन का मामला पूर्व सांसद ने उठाया था। अब मेरा नाम इस मामले में जबरदस्ती लिया जा रहा है। यह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है। बिना नाम लिए कहा कि जो जनप्रतिनिधि नहीं है, उन्हें इस मामले में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी का कहना है कि यदि कोई कार्य योजना बन गई है तो जिला पंचायत अध्यक्ष उसे संसोधित करा सकते हैं। उसे अधिकार प्राप्त होता है।