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20 साल से बुटराड़ा में संचालित थी पटाखा फैक्टरी
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शामली : बाबरी पुलिस की गिरफ्त में पटाखा फैक्टरी संचालक रिजवान।
- फोटो : SHAMLI
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20 साल से बुटराड़ा में संचालित थी पटाखा फैक्टरी
शामली, बाबरी। बुटराड़ा गांव में पटाखा फैक्टरी 20 वर्ष से संचालित थी। आरोपी रिजवान उर्फ पप्पू पुत्र महमूद ने अनवर पुत्र जफर की जगह किराए पर ले रखी थी। रिजवान के पास 15 किग्रा बारूद से फुलझड़ी बनाने का लाइसेंस था। लेकिन विस्फोट के बाद वहां जिस तरह बड़ी मात्रा में अन्य पटाखे मिले उससे जाहिर है फैक्टरी में वर्षों से फुलझड़ी बनाने की आड़ में अन्य पटाखे भी बड़े पैमाने पर अनाधिकृत रूप से बनाए जाते होंगे। लेकिन इतने वर्ष तक स्थानीय पुलिस-प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह हैरान करने वाली बात है। जबकि फैक्टरी में जिले के गांव बाबरी, बंतीखेड़ा, हिरनवाड़ा के अलावा मुजफ्फरनगर क्षेत्र से भी मजदूर काम करने आते थे। सोमवार को फैक्टरी में हुए विस्फोट में महिला वीरमति की मौत के बाद यहां चल रहे इस अनाधिकृत कार्य का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी फैक्टरी संचालक रिजवान उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद मंगलवार को जेल भेज दिया। वीरमति के भाई की तहरीर पर बाबरी पुलिस ने फैक्टरी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सबूत मिटाने की कोशिश की
धमाके के बाद फैक्टरी में मौजूद मजदूर वहां से भाग खड़े हुए थे। जबकि आरोपी फैक्टरी संचालक रिजवान ने वीरमति के शव टुकड़े एकत्र कर उन्हें बोरे में भरकर पास ही एक ईख के खेत में फेंक दिए थे। वीरमति के घर पर एकत्र लोगों में चर्चा थी कि रिजवान ने उसका शव छिपाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। यदि मौके पर मांस के लोथेड़े न मिलते तो वह अपने मंसूबे में कामयाब हो जाता। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट में मारी गई वीरमति का शव मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा। जिस पर एक बार परिजनों में चीख-पुकार मच गई। वीरमति की तीनों पुत्रियां रोते-रोते बार-बार बेसुध हो रही थी। परिजनों व ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें संभाला। विस्फोट के चलते शव के इतने टुकड़े हो गए थे कि लोगों की हिम्मत देखने तक की नहीं हुई। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया है।
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शामली, बाबरी। बुटराड़ा गांव में पटाखा फैक्टरी 20 वर्ष से संचालित थी। आरोपी रिजवान उर्फ पप्पू पुत्र महमूद ने अनवर पुत्र जफर की जगह किराए पर ले रखी थी। रिजवान के पास 15 किग्रा बारूद से फुलझड़ी बनाने का लाइसेंस था। लेकिन विस्फोट के बाद वहां जिस तरह बड़ी मात्रा में अन्य पटाखे मिले उससे जाहिर है फैक्टरी में वर्षों से फुलझड़ी बनाने की आड़ में अन्य पटाखे भी बड़े पैमाने पर अनाधिकृत रूप से बनाए जाते होंगे। लेकिन इतने वर्ष तक स्थानीय पुलिस-प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह हैरान करने वाली बात है। जबकि फैक्टरी में जिले के गांव बाबरी, बंतीखेड़ा, हिरनवाड़ा के अलावा मुजफ्फरनगर क्षेत्र से भी मजदूर काम करने आते थे। सोमवार को फैक्टरी में हुए विस्फोट में महिला वीरमति की मौत के बाद यहां चल रहे इस अनाधिकृत कार्य का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी फैक्टरी संचालक रिजवान उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद मंगलवार को जेल भेज दिया। वीरमति के भाई की तहरीर पर बाबरी पुलिस ने फैक्टरी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सबूत मिटाने की कोशिश की
धमाके के बाद फैक्टरी में मौजूद मजदूर वहां से भाग खड़े हुए थे। जबकि आरोपी फैक्टरी संचालक रिजवान ने वीरमति के शव टुकड़े एकत्र कर उन्हें बोरे में भरकर पास ही एक ईख के खेत में फेंक दिए थे। वीरमति के घर पर एकत्र लोगों में चर्चा थी कि रिजवान ने उसका शव छिपाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। यदि मौके पर मांस के लोथेड़े न मिलते तो वह अपने मंसूबे में कामयाब हो जाता। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट में मारी गई वीरमति का शव मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा। जिस पर एक बार परिजनों में चीख-पुकार मच गई। वीरमति की तीनों पुत्रियां रोते-रोते बार-बार बेसुध हो रही थी। परिजनों व ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें संभाला। विस्फोट के चलते शव के इतने टुकड़े हो गए थे कि लोगों की हिम्मत देखने तक की नहीं हुई। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया है।
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