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भुगतान और गन्ने के दाम में फंसा किसान

Tue, 10 Dec 2019 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2019 12:09 AM IST
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Farmers stuck in payment and cane price
शामली। पहले से ही चीनी मिलों द्वारा बकाया गन्ना भुगतान नहीं करने और अब वाजिब गन्ना मूल्य घोषित न होने से किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। जिसके बाद भाकियू सहित अन्य किसान संगठन केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में जुट गया है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन गन्ने की समस्याओं को लेकर शामली गन्ना समिति कार्यालय में मंगलवार से धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह के अनुसार शामली में चीनी मिलों पर नए और पिछले पेराई सत्र में मिलाकर किसानों का जिले की चीनी मिलों पर 345 करोड़ रुपये बकाया हो गया है। जिसमें 154 करोड़ पिछले पेराई सत्र और 191 करोड़ 83 लाख रुपये नए पेराई सत्र का मिलाकर मिलों पर 345 करोड़ किसानों का बकाया हो गया है। जिले की चीनी मिलो का पेराई सत्र एक नवंबर से शुरू हो गया था। थानाभवन चीनी मिल एक नवंबर, शामली मिल पांच नवंबर और ऊन मिल का गत नौ नवंबर को पेराई सत्र चालू हो गया है। गत एक माह नौ दिन में जिले की चीनी मिलें 63 लाख एक हजार क्विंटल गन्ने की खरीद कर चुकी है। नए पेराई सत्र के गन्ना मूल्य के अनुसार 191 करोड़ 83 लाख रुपये चीनी मिलों पर किसानों का गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है। पिछले सत्र वर्ष 2018-19 का जिले की चीनी मिलों पर 154 करोड़ लाख रुपये बकाया है। उन्होंने बताया कि किसानों का पुराना गन्ना भुगतान चीनी मिलों से 31 दिसंबर तक किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है। नए सत्र का गन्ना भुगतान नए साले में शुरू कराया जाएगा।
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बकाया भुगतान न होने पर आंदोलन होगा
शामली। भाकियू नेता सतपाल पहलवान का कहना है कि चीनी मिलों छुटपुट बकाया गन्ना भुगतान किए जाने किसानों का खर्च पूरा नहीं हो पा रहा है। सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है। किसान बकाया भुगतान को लेकर 11 दिसंबर को आंदोलन करेंगे। भाकियू से जुड़े बाबा सूरजमल का कहना है कि मौजूदा दौर में बकाया भुगतान न होने से किसान तंग आ चुका है। वह इस बार आरपार की लड़ाई लड़ेगा। वहीं, धर्मवीर निर्वाल कहना है कि गन्ना उत्पादन लागत के अनुरूप गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी की उम्मीद थी। गन्ना मूल्य न बढ़ने से किसानों की आय पर असर पड़ेगा।
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गन्ने की समस्याओं को लेकर आंदोलन आज से शुरू
शामली। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मुंडेट, जिलाध्यक्ष रणधीर सल्फा का कहना कि गन्ने की समस्याओं को लेकर संगठन किसान मजदूर जागरण सत्याग्रह शामली गन्ना समिति प्रांगण में सुबह दस बजे शुरू करेगी। संगठन जूना कटौती बंद करने, गन्ना क्रय केंद्रों से गन्ना ढुलाई किराया बंद करने, घटतौली रोकने हेतु गन्ना प्रतिनिधि डेलीगेट को संपूर्ण अधिकार दिए जाने, शामली चीनी मिल द्वारा 75 हजार क्विंटल प्रतिदिन के अनुरूप पेराई कराने, समिति के गोदामों से खाद के कट्टे तौल कर दिए जाने की माग करेंगे।
वर्ष 2018- 19 जिले की चीनी मिलों का आंकड़ा
मिलें - बकाया भुगतान किया करोड़ रुपये
शामली- 58 करोड़--- 291 करोड़ रुपये।
ऊन - 30 करोड़-- 236 करोड़ रुपये ।
थानाभवन- 65 करोड़- 382 करोड़ रुपये।
कुल बकाया - 154 करोड़ 909 करोड़ रुपये।
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जिले की चीनी मिलों का नए पेराई सत्र का आंकड़ा
मिले---- गन्ना ख्ररीद लाख क्विंटल----- चीनी का उत्पादन
शामली- 17.41- 1.11 लाख क्विंटल।
ऊन- 15.67- 1.02968 लाख क्विंटल।
थानाभवन- 39.93 - 2.43 लाख क्विंटल।
कुल गन्ना खरीद - 63.01 लाख क्विंटल- 4.56 लाख क्विंटल
नोट : सभी आंकड़े सात दिसंबर 2019
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