फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Farmers increased as soon as Samman Nidhi scheme started

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू होते ही बढ़ी

Thu, 16 Jan 2020 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2020 12:06 AM IST
विज्ञापन
Farmers increased as soon as Samman Nidhi scheme started
सम्मान निधि योजना शुरू होते ही बढ़ गए किसान
विज्ञापन

रोहित अग्रवाल
शामली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू होते ही जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ने लगी है। योजना के शुरू होने से पहले कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों की संख्या 1.07 लाख थी जो अब बढ़कर 1.23 लाख तक पहुंच गई है। इसकी कई वजह मानी जा रही हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत दिसंबर 2018 में हुई थी। उस वक्त जनपद में कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 1.07 लाख थी, लेकिन एक ही साल में ये आंकड़ा बढ़कर 1.23 लाख पहुंच गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 1.23 किसानों का डाटा उपलब्ध है। एक साल में जिले में 16 हजार किसानों का पंजीकरण बढ़ा है। कृषि उपनिदेशक का कहना है कि योजना के बाद किसानों में जागरूकता बढ़ी है। इस क्षेत्र में किसान परिवार में अधिकांशत: जमीन घर के बड़े (पिता या माता) के नाम ही होती है। पूरी जमीन का एक ही वारिस होता है, इसलिए उसे एक ही किसान माना जाता है। वही किसान विभाग में पंजीकृत होता है, लेकिन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रत्येक किसान को मिलता है, इसलिए देखा जा रहा है कि किसान परिवारों में जमीन के कई हिस्से होने लगे हैं। पिता या माता अपने बच्चों में जमीन का बंटवारा करने लगे हैं। जो जमीन पहले एक ही किसान के नाम थी अब वही जमीन कई लोगों में बंटने लगी है, ताकि सभी को योजना का लाभ मिल सके।
विज्ञापन

किसानों की संख्या बढ़ने की दूसरी वजह ये भी है कि किसान अब अपना रजिस्ट्रेशन भी कृषि विभाग में कराने लगे हैं, क्योंकि सम्मान निधि के अलावा कृषि विभाग की अधिकांश योजनाओं का लाभ भी किसान को तभी मिलता है, जब विभाग में उसका रजिस्ट्रेशन हो। अधिकारियों को उम्मीद है कि ये संख्या अभी ओर बढ़ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए काफी लाभकारी है। इसके शुरू होने के बाद जागरूक हुए किसान रजिस्ट्रेशन कराने लगे हैं। निधि के लिए जमीनों को भी परिवार के सदस्यों में बांटने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। जिससे किसान परिवारों की संख्या बढ़ रही है। - शिवकुमार केसरी, कृषि उपनिदेशक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed