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एक्सपायरी कीटनाशक से नष्ट हो गई धान की फसल
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:44 AM IST
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कलक्ट्रेट में एडीएम से शिकायत करता खेड़ी करमू का परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
शामली में ठेके पर जमीन लेकर धान की फसल बुवाई करने वाले परिवार पर मुसीबत टूट पड़ी। धान में लगे सफेद मच्छर की रोकथाम के लिए खरीदा गया कीटनाशक एक्सपायरी होने के कारण साढ़े छह बीघा धान की फसल नष्ट हो गई।
बृहस्पतिवार को गांव खेड़ीकरमू निवासी रामपाल ने परिवार सहित अपर जिलाधिकारी भरतजी पांडेय से मुलाकात कर इसकी शिकायत की। रामपाल ने बताया कि उसका परिवार ठेके पर जमीन लेकर खेती करता है। साढ़े छह बीघा में उसने धान की फसल लगाई थी। फसल में सफेद मच्छर रोग फैल गया, जिसकी रोकथाम के लिए शामली के मित्तल ट्रेडर्स से कीटनाशक खरीदकर छिड़काव किया था।
आरोप है कि कीटनाशक छिड़काव करने के बाद फसल नष्ट हो गई। इसके बाद कीटनाशक के बारे में जानकारी कराई, तो पता चला कि वह तो एक्सपायर हो चुका है। पीड़ित परिवार ने अपर जिलाधिकारी से मांग की है कि आरोपी पेस्टीसाइड विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई कराएं तथा उन्हें आर्थिक मुआवजा दिलाया जाए। मामले की जांच के आदेश हुए हैं।
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बृहस्पतिवार को गांव खेड़ीकरमू निवासी रामपाल ने परिवार सहित अपर जिलाधिकारी भरतजी पांडेय से मुलाकात कर इसकी शिकायत की। रामपाल ने बताया कि उसका परिवार ठेके पर जमीन लेकर खेती करता है। साढ़े छह बीघा में उसने धान की फसल लगाई थी। फसल में सफेद मच्छर रोग फैल गया, जिसकी रोकथाम के लिए शामली के मित्तल ट्रेडर्स से कीटनाशक खरीदकर छिड़काव किया था।
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आरोप है कि कीटनाशक छिड़काव करने के बाद फसल नष्ट हो गई। इसके बाद कीटनाशक के बारे में जानकारी कराई, तो पता चला कि वह तो एक्सपायर हो चुका है। पीड़ित परिवार ने अपर जिलाधिकारी से मांग की है कि आरोपी पेस्टीसाइड विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई कराएं तथा उन्हें आर्थिक मुआवजा दिलाया जाए। मामले की जांच के आदेश हुए हैं।
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