फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Even if there is bloodshed, the meter will not be allowed to be installed on the tube wells

चाहे हो जाए खून-खराबा, नलकूपों पर नहीं लगने देंगे मीटर

Sat, 04 Jun 2022 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2022 12:30 AM IST
विज्ञापन
Even if there is bloodshed, the meter will not be allowed to be installed on the tube wells
शामली कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसानों की बैठक में बोलते बाबा श्याम सिंह। - फोटो : SHAMLI
शामली। प्रशासनिक और विद्युत निगम के अधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट में हुई बैठक में किसानों ने दो टूक एलान कर दिया कि किसी भी हालत में नलकूपों पर मीटर नहीं लगने देंगे। चाहे खून-खराबा क्यों न हो जाए। यदि विद्युत निगम ने किसी किसान के नलकूप पर जबरन मीटर लगाए तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
विज्ञापन

बैठक नलकूपों पर मीटर लगाने में सहयोग करने के लिए बुलाई गई थी, लेकिन किसानों ने सहयोग करने से साफ इनकार कर दिया। गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिंह बहावड़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एडीएम संतोष कुमार, एसडीएम बृजेश कुमार सिंह व विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता रामकुमार ने किसानों को नलकूपों पर मीटर लगाने के फायदे गिनाए। कहा कि सरकार किसानों के हित के लिए यह कार्य कर रही है। मीटर लगने से बिलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बिल पहले की तरह ही आएंगे। लेकिन किसानों ने अधिकारियों की कोई बात नहीं मानी।
विज्ञापन

बैठक में बाबा शौकेंद्र ने एलान कर दिया कि चाहे खून खराबा हो जाए, नलकूपों पर किसी कीमत पर मीटर लगने नहीं लगने देंगे। बैठक एक्सईएन प्रथम राजपाल रघुवंशी, द्वितीय ब्रह्मपाल के साथ बिजली विभाग के अधिकारी और बाबा महिपाल, किसान संजीव राठी, विदेश मलिक, कपिल खाटियान, देशपाल राणा, पप्पू मलिक, ईश्वर फौजी, देवराज पहलवान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विद्युत निगम में व्याप्त है भ्रष्टाचार
बाबा श्याम सिंह बहावड़ी ने कहा कि नलकूपों पर मीटर लगाने का शासनादेश 2021 का है। जबकि चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली का एलान किया था। यदि मीटर लगाने का शासनादेश 2022 को हो तो किसान मीटर लगवा लेंगे। गांवों में बकाएदारों के कनेक्शन काटने का अभियान चलाया जा रहा है। फिर पैसे लेकर उन्हें जोड़ा भी जा रहा है। कई घरों में बिजली चोरी पकड़ी जाती है। ज्यादातर मामलों में बिजली चोरी करने वालों को छोड़ दिया जाता है। गांव में एबीसी बंच कंडक्टर लाइन खींची जाए, जिससे चोरी रूकेगी। हम चोरी करने वालों के समर्थन में नहीं हैं।

गन्ने की पर्ची ले लो, मिल से करा लो भुगतान
भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा कि विद्युत निगम के अधिकारी किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं। मीटर लगाने के लिए शासनादेश जारी होने का हवाला दे रहे हैं। लेकिन शासनादेश तो गन्ना भुगतान को लेकर भी जारी हुआ था। उस पर अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं होते। किसानों के गन्ने का भुगतान चीनी मिलों पर बकाया है। ऐसे में गरीब किसान बिजली का बिल कैसे जमा करेगा। विद्युत निगम को यदि बिल जल्दी लेना है, तो किसान अपने गन्ने की पर्ची दे देंगे। किसी भी हालत में किसानों के नलकूपों पर मीटर लगने नहीं दिए जाएंगे। यदि कोई किसान सहमत है तो निगम शपथ पत्र लेकर मीटर लगा दे। लेकिन किसी किसान ने जबरन मीटर लगाने की शिकायत की तो उसकी लड़ाई लड़ी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed