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Shamli News: जिले में बढ़ा नशे का कारोबार, युवा नशे की गिरफ्त में

Sat, 01 Jun 2024 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sat, 01 Jun 2024 12:27 AM IST
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Drug trade increased in the district, youth are in the grip of drugs.
शामली। जिले में नशे का कारोबार बढ़ा है। नशा करने वाले युवाओं की बढ़ती संख्या इसकी गवाही दे रही है। सुल्फे के अलावा हेरोइन के नशे के अलावा अंग्रेजी, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक दवाइयों को भी युवा नशे के रूप में प्रयोग कर रहे हैं। जिला अस्पताल में बनाए गए मनकक्ष में नशा करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां 30 से अधिक युवाओं का नशा छुड़वाने में विभागीय अधिकारी कामयाब रहे जबकि 100 से अधिक का उपचार चल रहा है।
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केस-1
शामली शहर के रहने वाला 30 वर्षीय युवक सुल्फा का नशा करता था। साथ ही होम्योपैथिक दवाइयों को इंजेक्शन में लेकर नशा करने लगा। स्थिति ज्यादा खराब होने पर पीड़ित का मनमक्ष में इलाज चल रहा है। अब हालत में कुछ हद तक सुधार है।
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केस-2
क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले बीए के छात्र का मनकक्ष में उपचार चल रहा है। काउंसिलिंग करने पर पता चला है कि दोस्तों के साथ एक बार नशे का इंजेक्शन लिया था, इसके बाद उसे लत पड़ गई। अब भांग, नशीली दवाइयों को इंजेक्शन में प्रयोग करता है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारी कुछ हद तक युवक का नशा छुड़वा चुके हैं।
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केस-3
शामली शहर के रहने वाला युवक हेरोइन, सुल्फा का नशा करता था। चार माह तक मन कक्ष में उपचार चला। अब युवक ठीक है। ये तीन मामले तो उदाहरण भर मात्र है। हर माह मन कक्ष में 30 से 35 मामले पहुंच रहे हैं।

20 से लेकर 35 साल के अधिक युवा
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डाॅ. अतुल बंसल, मनोचिकित्सक डाॅ. उर्वशी और आशा आर्य ने बताया कि मनकक्ष में नशा करने वाले सबसे अधिक 20 से लेकर 35 साल की उम्र के युवा पहुंच रहे हैं। 100 से अधिक का उपचार, काउंसलिंग चल रही है।
अभिभावकों को अलर्ट रहना जरूरी
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डाॅ. अतुल बंसल के अनुसार नशे की लत से दूर रखने के लिए अभिभावकों की भूमिका अहम रहती है। इसमें अभिभावक बच्चों की गतिविधियों पर नियमित ध्यान दें। नशीली चीजों की मांग को गंभीरता से लें। बिना वजह पैसे की मांग पर ध्यान दें। अपने बच्चों से नियमित संवाद करके उनकी समस्याएं सुलझाने की कोशिश करें। बच्चों से भी दोस्ताना व्यवहार रखे।


हेरोइन या अन्य नशा करने से होने वाली शारीरिक समस्याएं

डोज न लेने पर शरीर में जबरदस्त दर्द होना

शरीर का टूटना, काम करने की हिम्मत न होना

नाक और मुंह से नियमित पानी चलना

कमजोरी महसूस करना


लक्षण

बाथरूम में सिरिंज व अन्य नशे की दवाइयों का मिलना

देरी से उठना, चिड़चिड़ापन बढ़ना

पीड़ित का परिवार से दूरी बनाना

खाना कम खाना, व्यवहार में बदलाव आना


सामूहिक इंजेक्शन से हैपेटाइटिस, एचआईवी का खतरा

युवाओं में इंजेक्शन के माध्यम से सामूहिक तौर पर हेरोइन का नशा लेने से उनमें हैपेटाइटिस बी, सी, एचआईवी सहित अन्य संक्रमित बीमारियों का खतरा रहता है। चिकित्सकों ने नशा नहीं करने की अपील की है।

जिलेभर में चलाया जा रहा जागरुकता अभियान
डॉ. अतुल बंसल ने बताया कि नशे नहीं करने के प्रति जागरूक करने के लिए जिलेभर में अभियान चलाया जा रहा है। मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों में जाकर भी नशा पीड़ितों को तलाश कर उपचार कराया जाता है।

समय-समय पर नशा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। एक साल में 100 से अधिक नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। जल्द ही फिर से अभियान चलाया जाएगा।
अभिषेक, एसपी शामली
नशीली दवाइयों की बिक्री करने वाले कई मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। फिर से अभियान चलाया जाएगा। बिक्री करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - निधि पांडेय, ड्रग इंस्पेक्टर, शामली

नोट : यदि आप या फिर आपका कोई जानने वाला किसी तरह के मानसिक रोग से ग्रस्त है तो हमें मोबाइल नंबर 9548521732 पर सवाल लिखकर व्हाट्सएप पर भेजें। मनोचिकित्सक, काउंसलर के माध्यम से समाधान का प्रयास किया जाएगा।
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