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रैन बसेरों में मुसाफिरों के ठहरने के इंतजाम
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शामली खाली पडा रोडवेज बस अडडे का रैन बसेरा
- फोटो : SHAMLI
रैन बसेरों में मुसाफिरों के ठहरने के इंतजाम
शामली। नगरपालिका द्वारा चलाए जा रहे रैन बेसरा में मुसाफिरों के लिए ठहरने का इंतजाम किया गया है। शहर में चलाए जा रहे रैन बसेरों में पहुंचकर मुसाफिर रात बिता रहे है। उनके लिए रजाई ओर गद्दों की व्यवस्था की गई है।
सोमवार को बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई है। ठंड बढ़ने के साथ ही लोग शाम होते ही लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश शुरू कर देते हैं। नगरपालिका शामली द्वारा पिछले महीने दिसंबर माह में पालिका सभागार में और रोडवेज बस स्टैंड पर रैन बसेरा चालू किया गया है। सोमवार रात आठ से साढ़े आठ बजे तक रैन बसेरों की पड़ताल की गई। नगरपालिका परिसर में रैन बसेरा में 15 गद्दे और 15 लिहाफ की व्यवस्था मिली। यहां पर एक महिला लोनी निवासी सविता दो छोटे बच्चों के साथ रैन बसेरा में मिली। यहां मौजूद कर्मचारी वसीम ने बताया कि अभी तक करीब 126 लोग रैन बसेरा में आकर रात बिता चुके हैं। यहां पर ठहरने, नहाने, शौचालय और पानी की व्यवस्था है। अगर किसी मुसाफिर को भोजन की जरूरत है तो वह उपलब्ध करा दिया जाता है। साढ़े आठ बजे रोडवेज बस स्टैंड रैन बसेरा खुला हुआ था। वहां भी 15 गद्दों और 15 रजाई की व्यवस्था पाई गई। यहां पर उस समय कोई मुसाफिर नहीं मिला। पालिका कर्मचारी शशिकांत ने बताया कि अभी तक यहां पर 119 लोग आकर रात बिता चुके है। इनमें से पांच लोगों को खाना खिलाया गया है। अधिकांश यात्री सोने के लिए आते है। उनसे खाने के लिए पूछा जाता है, लेकिन उनका कहना होता है कि वह बाहर से खाना खाकर आए है। उन्होंने बताया कि यहां ठहरने, नहाने शौचालय और पानी की व्यवस्था है।
रैन बसेरों में मुसाफिरों के लिए ठहरने, नहाने और शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था है। अगर किसी मुसाफिर को खाने की जरूरत है तो उसे खाना भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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-सुरेंद्र सिंह, ईओ नगरपालिका शामली।
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शामली। नगरपालिका द्वारा चलाए जा रहे रैन बेसरा में मुसाफिरों के लिए ठहरने का इंतजाम किया गया है। शहर में चलाए जा रहे रैन बसेरों में पहुंचकर मुसाफिर रात बिता रहे है। उनके लिए रजाई ओर गद्दों की व्यवस्था की गई है।
सोमवार को बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई है। ठंड बढ़ने के साथ ही लोग शाम होते ही लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश शुरू कर देते हैं। नगरपालिका शामली द्वारा पिछले महीने दिसंबर माह में पालिका सभागार में और रोडवेज बस स्टैंड पर रैन बसेरा चालू किया गया है। सोमवार रात आठ से साढ़े आठ बजे तक रैन बसेरों की पड़ताल की गई। नगरपालिका परिसर में रैन बसेरा में 15 गद्दे और 15 लिहाफ की व्यवस्था मिली। यहां पर एक महिला लोनी निवासी सविता दो छोटे बच्चों के साथ रैन बसेरा में मिली। यहां मौजूद कर्मचारी वसीम ने बताया कि अभी तक करीब 126 लोग रैन बसेरा में आकर रात बिता चुके हैं। यहां पर ठहरने, नहाने, शौचालय और पानी की व्यवस्था है। अगर किसी मुसाफिर को भोजन की जरूरत है तो वह उपलब्ध करा दिया जाता है। साढ़े आठ बजे रोडवेज बस स्टैंड रैन बसेरा खुला हुआ था। वहां भी 15 गद्दों और 15 रजाई की व्यवस्था पाई गई। यहां पर उस समय कोई मुसाफिर नहीं मिला। पालिका कर्मचारी शशिकांत ने बताया कि अभी तक यहां पर 119 लोग आकर रात बिता चुके है। इनमें से पांच लोगों को खाना खिलाया गया है। अधिकांश यात्री सोने के लिए आते है। उनसे खाने के लिए पूछा जाता है, लेकिन उनका कहना होता है कि वह बाहर से खाना खाकर आए है। उन्होंने बताया कि यहां ठहरने, नहाने शौचालय और पानी की व्यवस्था है।
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रैन बसेरों में मुसाफिरों के लिए ठहरने, नहाने और शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था है। अगर किसी मुसाफिर को खाने की जरूरत है तो उसे खाना भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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-सुरेंद्र सिंह, ईओ नगरपालिका शामली।