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Shamli News: लावारिस कुत्तों के झुंड ने 8 वर्षीय बालक पर बोला हमला, हालत गंभीर

Sun, 22 Feb 2026 11:44 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:44 PM IST
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dog bite
थानाभवन। क्षेत्र के गांव भैंसानी इस्लामपुर में रविवार को मदरसे जा रहे 8 वर्षीय बालक नवाजिस पर लावारिस कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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रविवार को नवाजिश पुत्र साजिद सुबह मदरसे के लिए घर से निकला था। रास्ते में अचानक लावारिस कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। बच्चे के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों को भगाकर उसे बचाया।
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घायल नवाजिश को तुरंत उपचार के लिए शामली के एक निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे के शरीर पर गहरे घाव हैं और 20 से अधिक टांके लगाए गए हैं। साथ ही कुत्ते के काटने से संक्रमण और रेबीज का खतरा होने के कारण आवश्यक टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।
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बच्चे के पिता साजिद ने आरोप लगाया कि गांव में संचालित मुर्गा काटने वाली दुकानों द्वारा मुर्गियों के अवशेष और पंख खुले में फेंक दिए जाते हैं। इन्हीं अवशेषों के कारण बड़ी संख्या में लावारिस कुत्ते इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सफाई व्यवस्था दुरुस्त होती और मांस विक्रेताओं पर समय रहते निगरानी रखी जाती तो इस तरह का हादसा टाला जा सकता था।


सीएचसी में सीरम की डोज लगाने की नहीं व्यवस्था
शामली। कुत्ते व बंदर यदि किसी मरीज को सिर, गर्दन या सीने पर काटकर गंभीर घायल कर देते हैं तो उन्हें सीरम इंजेक्शन की जरूरत होती है। सीएचसी में सीरम उपलब्ध नहीं है। हालांकि, जिला अस्पताल में डोज उपलब्ध है।


नगर निकायों में कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था नहीं
नगरपालिका व नगर पंचायतों में लावारिस कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण लावारिस कुत्तों के झुंड सड़कों से लेकर गलियों में घूमते रहते हैं और आते जाते लोगों पर हमला कर रहे हैं। पालिका में पालतू कुत्तों के पंजीकरण की भी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण डॉ. आसिफ, हसरत अहमद, रागीब, मन्नू सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में लावारिस कुत्तों को पकड़वाने के लिए अभियान चलाया जाए तथा मांस विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि वे खुले में अवशेष न फेंकें।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
हर रोज 150 को काट रहे कुत्ते

शामली। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हर रोज जिले में 150 से लेकर 180 को कुत्ते काट रहे हैं। हालांकि पिछले पांच दिन से अस्पतालों में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचने वालों की संख्या बढ़ी है।

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कोट



जिला अस्पताल और जिले की सभी सीएचसी पर एंटी रेबीज के इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। अस्पतालों में ये इंजेक्शन निशुल्क लगाए जाते हैं।
-डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ
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