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पेशे की गरिमा ही भूल गए चिकित्सक
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 12 Aug 2016 12:23 AM IST
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मरीज के लिए चिकित्सकों को बुलाने के लिए राते बिलखते तीमारदार।
- फोटो : अमर उजाला
शामली में बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे थाना बाबरी के गांव हाथी करौदा निवासी जगवीर घर से खेत पर जा रहा था। मुजफ्फरनगर-शामली मार्ग पर एक वाहन की टक्कर से वह घायल हो गया। परिजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे।
उधर, सीएचसी में राज्य कर्मचारी हड़ताल पर थे। जोश में चिकित्सक और फार्मेसिस्ट अपना फर्ज ही भूल गए। एक घंटे तक मरीज सीएचसी में तड़पता रहा। परिजन कभी सीएचसी प्रभारी के पास जाते, कभी इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डाक्टर के पास, लेकिन किसी ने भी घायल का उपचार नहीं किया।
किसान की हालत बिगड़ने पर उसके साथ आई महिलाएं रोती बिलखती रहीं, लेकिन चिकित्सकों का दिल नहीं पसीजा। बाद में किसान के परिजन उसे निजी चिकित्सक के यहां ले गए और उसका उपचार कराया।
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उधर, सीएचसी में राज्य कर्मचारी हड़ताल पर थे। जोश में चिकित्सक और फार्मेसिस्ट अपना फर्ज ही भूल गए। एक घंटे तक मरीज सीएचसी में तड़पता रहा। परिजन कभी सीएचसी प्रभारी के पास जाते, कभी इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डाक्टर के पास, लेकिन किसी ने भी घायल का उपचार नहीं किया।
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किसान की हालत बिगड़ने पर उसके साथ आई महिलाएं रोती बिलखती रहीं, लेकिन चिकित्सकों का दिल नहीं पसीजा। बाद में किसान के परिजन उसे निजी चिकित्सक के यहां ले गए और उसका उपचार कराया।
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