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गन्ने की पत्ती न जलाएं, मल्चर का प्रयोग करें
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शामली दिल्ली रोड स्थित सिटी ग्रीन मैरिज होम में जनपद स्तरीय किसान मेले में आयोजित गोष्टी में विच?
- फोटो : SHAMLI
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शामली। कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत जनपदीय स्तरीय रबी गोष्ठी और किसान मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने धान की पराली, गन्ने की पत्ती और फसल के अवशेष को न जलाते हुए आधुनिक कृषि यंत्रों द्वारा मिट्टी में मिलाकर मृदा जीवांश, कार्बन की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया।
बुधवार को दिल्ली रोड स्थित सिटी ग्रीन बैंक्वेट हाल में कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा नेता प्रसन्न चौधरी, जिला पंचायत सदस्य देशराज सिंह भनेड़ा उपनिदेशक कृषि शिवकुमार केसरी, जिला कृषि अधिकारी हरीशंकर सिंह ने दीप प्रज्वलित करके किया। उप कृषि निदेशक कृषि डॉ. शिव कुमार केसरी ने बताया कि धान की पराली एवं गन्ना पत्ती, फसल अवशेष को न जलाकर आधुनिक कृषि यंत्रों मल्चर, हैप्पी सीडर, रोडरी सलेशर, पैडी स्ट्राचापर, एमबी प्लाऊ, आदि द्वारा मिट्टी में मिलाकर कंपोस्टिंग कर मृदा में जीवांश कार्बन की उपलब्धता बढ़ाना होगा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर सिंह ने जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी दी। 31 दिसंबर तक गेहूं एवं सरसों फसल हेतु बीमा प्रीमियम अपने से संबंधित बैंक जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड बना है। प्रीमियम जमा कराकर बीमा कराएं।
शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. ओंकार सिंह द्वारा आधुनिक फसलों, जीवामृत तैयार करने, सहफसली खेती, सूक्ष्म पोषक तत्व प्रबंधन, आम में पुष्प गुच्छ, डाईबैक बीमारियों पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक द्वारा इन सीटू तथा एक्स सीटू के बारे में समझाते हुए फसल अवशेषों का प्रबंधन कृषि यंत्रों मल्चर, हैप्पी सीडर, रोडरी सलेशर, पैडी स्ट्राचापर, एमबीप्लाऊ व बैक्टिरिया वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने गेहूं की देरी से की जाने वाली बुआई की प्रजातियों की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र शामली के अध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार द्वारा जैविक खेती के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। हरी खाद का प्रयोग अधिक से अधिक करने, गेहूं प्रजातियों की समयानुसार बुवाई करने तथा फसल बीमा योजना को प्रोत्साहित करने हेतु प्रगति शील कृषकों को बीमा कंपनी द्वारा दिए गए छाता वितरण किए गए।
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किसान मेले में मल्चर माचिस और कृषि यंत्रों का प्रदर्शन
शामली। जनपदीय स्तरीय रबी गोष्ठी और किसान मेले में मल्चर माचिस और कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से गन्ने की पत्तियों पर स्प्रे करके मल्चर चलाकर गन्ने की पत्ती मिट्टी में मिलाने का प्रदर्शन दिखाया।
बुधवार को जनपदीय स्तरीय रबी गोष्ठी और किसान मेले में स्वंय सहायता समूह, पशुपालन विभाग, फसल बीमा और राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के तहत कई कंपनियों द्वारा खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयों के स्टाल लगाए। स्टाल में किसानों ने पहुंचकर खाद- बीज, यंत्र से की जानकारी लेने के लिए पहुंचे। संचालन भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. नीरजा सिंह ने किया। मौके पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार, अमित मलिक, मांगेराम, बिजेंद्र मलिक, यशपाल मलिक, अंकुर राठौर आदि रहे।
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बुधवार को दिल्ली रोड स्थित सिटी ग्रीन बैंक्वेट हाल में कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा नेता प्रसन्न चौधरी, जिला पंचायत सदस्य देशराज सिंह भनेड़ा उपनिदेशक कृषि शिवकुमार केसरी, जिला कृषि अधिकारी हरीशंकर सिंह ने दीप प्रज्वलित करके किया। उप कृषि निदेशक कृषि डॉ. शिव कुमार केसरी ने बताया कि धान की पराली एवं गन्ना पत्ती, फसल अवशेष को न जलाकर आधुनिक कृषि यंत्रों मल्चर, हैप्पी सीडर, रोडरी सलेशर, पैडी स्ट्राचापर, एमबी प्लाऊ, आदि द्वारा मिट्टी में मिलाकर कंपोस्टिंग कर मृदा में जीवांश कार्बन की उपलब्धता बढ़ाना होगा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर सिंह ने जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी दी। 31 दिसंबर तक गेहूं एवं सरसों फसल हेतु बीमा प्रीमियम अपने से संबंधित बैंक जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड बना है। प्रीमियम जमा कराकर बीमा कराएं।
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शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. ओंकार सिंह द्वारा आधुनिक फसलों, जीवामृत तैयार करने, सहफसली खेती, सूक्ष्म पोषक तत्व प्रबंधन, आम में पुष्प गुच्छ, डाईबैक बीमारियों पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक द्वारा इन सीटू तथा एक्स सीटू के बारे में समझाते हुए फसल अवशेषों का प्रबंधन कृषि यंत्रों मल्चर, हैप्पी सीडर, रोडरी सलेशर, पैडी स्ट्राचापर, एमबीप्लाऊ व बैक्टिरिया वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने गेहूं की देरी से की जाने वाली बुआई की प्रजातियों की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र शामली के अध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार द्वारा जैविक खेती के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। हरी खाद का प्रयोग अधिक से अधिक करने, गेहूं प्रजातियों की समयानुसार बुवाई करने तथा फसल बीमा योजना को प्रोत्साहित करने हेतु प्रगति शील कृषकों को बीमा कंपनी द्वारा दिए गए छाता वितरण किए गए।
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किसान मेले में मल्चर माचिस और कृषि यंत्रों का प्रदर्शन
शामली। जनपदीय स्तरीय रबी गोष्ठी और किसान मेले में मल्चर माचिस और कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से गन्ने की पत्तियों पर स्प्रे करके मल्चर चलाकर गन्ने की पत्ती मिट्टी में मिलाने का प्रदर्शन दिखाया।
बुधवार को जनपदीय स्तरीय रबी गोष्ठी और किसान मेले में स्वंय सहायता समूह, पशुपालन विभाग, फसल बीमा और राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के तहत कई कंपनियों द्वारा खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयों के स्टाल लगाए। स्टाल में किसानों ने पहुंचकर खाद- बीज, यंत्र से की जानकारी लेने के लिए पहुंचे। संचालन भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. नीरजा सिंह ने किया। मौके पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार, अमित मलिक, मांगेराम, बिजेंद्र मलिक, यशपाल मलिक, अंकुर राठौर आदि रहे।

शामली दिल्ली रोड स्थित सिटी ग्रीन मैरिज होम में जनपद स्तरीय किसान मेले में आयोजित गोष्टी में भाग - फोटो : SHAMLI

शामली दिल्ली रोड स्थित सिटी ग्रीन मैरिज होम में जनपद स्तरीय किसान मेले में आयोजित गोष्टी में किस?- फोटो : SHAMLI