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जिले को कृषि विज्ञान केंद्र की जरूरत

Wed, 10 Jan 2018 11:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली Updated Wed, 10 Jan 2018 11:44 PM IST
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District needs agricultural science center
possitive news - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जिले में कृषि मृदा प्रयोगशाला तो है, तो जिंक आयरन, मैग्नीशियन, कापर आदि बड़ी जांच के लिए सहारनपुर मंडल मुख्यालय पर जाना पड़ता है। जिला मुख्यालय पर कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना हो जाए तो खेती, फसलों की शोध और जांच की सुविधा मिल सकती है।
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 कृषि बहुल शामली जिला मुख्यालय घोषित हुए छह साल गुजर चुके हैं, कृषि प्रयोगशाला के नाम पर नाइट्रोजन फास्फोरस पोटाश और पीएच इसी की जांच करने की सुविधा है। मगर एएएस यानी आटोमेटिक एब्जोक्शन स्पेक ट्रोफोटो मीटर यानी जिंक आयरन मैग्नीशियन कापर बोरान आदि जांच करने की सुविधा उपलब्ध न होने से इनको सहारनपुर मंडल मुख्यालय भेजा जाता है।
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कृषि विभाग के अफसरों के मुुताबिक जिला मुख्यालय पर कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना होने के बाद मृदा व फसलों की जांच उपलब्ध हो जाने के बाद एएएस जिंक आयरन मैग्नीशियन कापर बोरान आदि सभी बड़ी जांच की सुविधा किसानों को उपलब्ध हो जाएगी। कृषि, पशुपालन उद्यान विभाग से संबंधी वैज्ञानिक उपलब्ध हो जाएंगे। मृदा कीट, रोग आदि कृषि समस्याओं को निस्तारण के लिए बहु विभागीय टीम उपलब्ध होगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ हरीशंकर चौधरी ने बताया कि जिले में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए जिला मुख्यालय पर जलालपुर गांव में 8.5 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव शासन को चला गया है।
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भारत सरकार से एक टीम शामली मुख्यालय पर डेढ़ साल पूर्व भूमि का निरीक्षण करके केंद्र व प्रदेश सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज चुकी है। उत्तरप्रदेश व भारत सरकार से कृषि विज्ञान केंद्र की भूमि के संबंध में रिपोर्ट ओके हो चुुकी है। शासन को कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना लिए बजट व स्टाफ के लिए तैनाती आवश्यक है।


उधर, उपनिदेशक कृषि रामवीर कटारा ने बताया कि जिले में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना होने से वैज्ञानिकों की उपलब्धता के आधार पर जलवायु के आधार पर किसान फसलों की पैदावार कर सकेगा। फसलों की शोध की व्यवस्था होगी। कृषि, पशुपालन, उद्यान जैसे विभाग में किसानों में जागरूकता आएगी। 2017-18 मृदा परीक्षण के नमूने का लक्ष्य 14 हजार 719 का लक्ष्य मिला है। जिसमें 31 दिसंबर तक 12 हजार 407 नमूने किसानों के लिए गए हैं।
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