कवायद शुरू: 162.62 करोड़ की योजनाओं से होगा शामली जिले का विकास, विभागों से मांगे गए परिव्यय बजट
सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर वर्ष 2022-23 की जिला योजना 162.62 करोड़ की तैयार की जाएगी।
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उत्तर प्रदेश के शामली जिले के 162.62 करोड़ की जिला योजना वर्ष 2022-23 बनाने की कवायद शुरू हो गई है। वर्ष 2022-23 की जिला योजना में लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम्य विकास समेत महत्वपूर्ण विभाग का बड़ा बजट तैयार किया जाएगा।
सीडीओ शंभूनाथ तिवारी के निर्देश पर 36 विभागों से जिला योजना के लिए बजट का प्रस्ताव मांगे गए है। विभागों से प्रस्ताव आने के बाद जिला योजना की आगामी बैठक डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में इस माह आयोजित करके अंतिम रुप दिया जाएगा।
मंगलवार को विकास भवन सभागार में सीडीओ शंभूनाथ तिवारी की अध्यक्षता में जिले के सभी विभागों के अफसरों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें जिला योजना 2022-23 तैयार करने के लिए उपस्थित विभागों से बजट तैयार करने के लिए प्रस्ताव मांगे गए। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर वर्ष 2022-23 की जिला योजना 162.62 करोड़ की तैयार की जाएगी।
सीडीओ ने बताया कि विभागों के अफसरों से जिला योजना 2022-23 के लिए परिव्यय आने के बाद डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में आगामी बैठक होगी। जिसमें विभागों की परिव्यय रिपोर्ट आने के बाद प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक में बजट प्रस्ताव पारित करके शासन को भेजा जाएगा।
बैठक में डीडीओ प्रमोद कुमार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त शैलेंस व्यास, जिला अर्थ एवं सांख्यकी अधिकारी लक्ष्मी देवी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रेम सिंह, सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल, जिला पशु चिकित्साधिकारी यशवंत सिंह, नलकूप विभाग के अभियंता समेत तमाम विभागों के अफसर मौजूद रहे।
मनरेगा का 1622.21 लाख का परिव्यय
जिला योजना में 28 लाख कृषि, गन्ना विकास, 1009.95 लाख रुपये,पशुपालन का 132.17 लाख रुपये, वन विभाग का 372.17 लाख, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 1100.00 लाख रुपये, मनरेगा 1622.21 लाख रुपये, लोक निर्माण विभाग के तहत नवीन ग्रामीण सड़कों का निर्माण 1359.09 लाख रुपये, प्राथमिक शिक्षा 1092.46 लाख रुपये, माध्यमिक शिक्षा का 879.00 लाख रुपये, ग्रामीण आवास का 508.80 लाख रुपये का परिव्यय रखा जाएगा। दूसरे विभागों से भी जिला योजना का परिव्यय मांगा गया है।
जिले में प्रभारी मंत्री की नियुक्ति का इंतजार
सरकार गठन के बाद जिले में प्रभारी मंत्री की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पिछली सरकार में जिले के प्रभारी मंत्री के रुप में अनुपमा जायसवाल, अजीत सिंह पाल रहे चुके है। माना जा रहा है इसी माह प्रभारी मंत्री तय हो जाएंगे।