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साइबर के शातिर ने धोखाधड़ी कर दिव्यांग के खाते से निकाली रकम
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साइबर ठगों ने दिव्यांग के खाते से निकाली रकम
शामली। साइबर ठगाें ने दिव्यांग के बैंक खाते से 1600 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने साइबर सेल को इस मामले में शिकायत की है।
बाबरी थानाक्षेत्र के गांव भंदौड़ा निवासी संजीव शर्मा ने बताया कि उसने कुछ दिन पहले बीएसएनएल कंपनी का सिम लिया था, जो रेंज न होने के कारण चल नहीं रहा था। उसने मोबाइल से सिम निकालकर अपने पास रख लिया और निजी कंपनी के पुराने सिम को मोबाइल में लगा दिया। इसके बाद उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि केवाईसी पूरी न होने के कारण सिम बंद कर दिया गया है। उसमें दिए नंबर पर केवाईसी पूरी करने के लिए कॉल करने के लिए कहा। उसने फोन किया तो उस समय रिसीव नहीं हुआ। आधे घंटे बाद कॉल आई कि केवाईसी पूरी न होने के कारण सिम बंद करना बताया। दोबारा चालू कराने के लिए 10 रुपये से रिचार्ज करने और आधार कार्ड, पैनकार्ड, एटीएम व्हाट्सएप से मंगा लिए। कुछ समय बाद ही उसने खाता चैक किया तो उसमें 1600 रुपये निकले हुए मिले।
इसके बाद अगले दिन फिर सुबह कॉल कर बताया कि वह उसकी 200 रुपये प्रतिदिन की इनकम करा सकता है। इसके लिए उन्हें डाकघर का एप डाउनलोड कर अपनी केवाईसी नजदीकी डाकघर में करानी होगी और उनके बताए हुए मोबाइल नंबर डलवाना होगा। इसके बाद से धोखाधड़ी का शक हुआ। पीड़ित ने साइबर सेल से कार्रवाई कर खाते से निकाली गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
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शामली। साइबर ठगाें ने दिव्यांग के बैंक खाते से 1600 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने साइबर सेल को इस मामले में शिकायत की है।
बाबरी थानाक्षेत्र के गांव भंदौड़ा निवासी संजीव शर्मा ने बताया कि उसने कुछ दिन पहले बीएसएनएल कंपनी का सिम लिया था, जो रेंज न होने के कारण चल नहीं रहा था। उसने मोबाइल से सिम निकालकर अपने पास रख लिया और निजी कंपनी के पुराने सिम को मोबाइल में लगा दिया। इसके बाद उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि केवाईसी पूरी न होने के कारण सिम बंद कर दिया गया है। उसमें दिए नंबर पर केवाईसी पूरी करने के लिए कॉल करने के लिए कहा। उसने फोन किया तो उस समय रिसीव नहीं हुआ। आधे घंटे बाद कॉल आई कि केवाईसी पूरी न होने के कारण सिम बंद करना बताया। दोबारा चालू कराने के लिए 10 रुपये से रिचार्ज करने और आधार कार्ड, पैनकार्ड, एटीएम व्हाट्सएप से मंगा लिए। कुछ समय बाद ही उसने खाता चैक किया तो उसमें 1600 रुपये निकले हुए मिले।
इसके बाद अगले दिन फिर सुबह कॉल कर बताया कि वह उसकी 200 रुपये प्रतिदिन की इनकम करा सकता है। इसके लिए उन्हें डाकघर का एप डाउनलोड कर अपनी केवाईसी नजदीकी डाकघर में करानी होगी और उनके बताए हुए मोबाइल नंबर डलवाना होगा। इसके बाद से धोखाधड़ी का शक हुआ। पीड़ित ने साइबर सेल से कार्रवाई कर खाते से निकाली गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
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