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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Smash or revenge, murder mystery soldier complicating

लूट या रंजिश, सिपाही मर्डर की गुत्थी उलझी

Fri, 15 Jan 2016 01:20 AM IST
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला Updated Fri, 15 Jan 2016 01:20 AM IST
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मुजफ्फरनगर। बिजनौर में तैनात सिपाही रमन चौधरी की हत्या की कहानी के पीछे का सच क्या है, यह जानने में पुलिस को पसीना आ गया है। पुलिस की जांच दो ही बिंदुओं पर फोकस है। पहला लूट का प्रयास और दूसरा रंजिशन मर्डर। फिलहाल दोनों की लाइनें लगभग बंद नजर आ रही है। अगर लूट के लिए हत्या हुई तो कातिल सिपाही की बाइक, मोबाइल और अन्य सामान क्यों छोड़ गए? और अगर हत्या रंजिशन है तो परिवार के लोग इस बारे में मुंह क्यों नहीं खोल रहे। फिलहाल हत्या के कारणों की जांच में पुलिस जुटी हुई है।
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शामली के सिंभालका गांव का मूल निवासी रमन चौधरी चार साल पहले पुलिस में भर्ती हुआ था। उसकी पोस्टिंग बरेली के नवाबगंज थाने में थी। पिछले साल अक्टूबर में उसने अपना ट्रांसफर बिजनौर करा लिया था। पुलिस के मुताबिक रमन को अपेंडिक्स के दर्द की शिकायत थी। जिसका उसे आपरेशन कराना था। रमन ने विभाग को दिए अवकाश प्रार्थना पत्र में भी इसी बीमारी का जिक्र किया है।
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 दो साल पहले ही रमन की प्रीति नाम की एक लड़की से शादी हुई थी। फिलहाल उसका एक बेटा भी है। बुधवार दोपहर सिपाही छुट्टी लेकर बाइक से ही घर के लिए निकल पड़ा। शाम पांच बजे के आसपास पत्नी प्रीति ने रमन को फोन किया तो उसने बताया कि वह जल्द ही घर पहुंचने वाला है, फिलहाल वह मुजफ्फरनगर के पास है। इसके बाद परिवार के लोग उसका इंतजार करने लगे।
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 छह बजे के आसपास प्रीति ने दोबारा कॉल की तो फोन नहीं उठा। घरवाले चिंतित हो गए। वह लगातार कॉल करते रहे। काफी देर बाद कॉल रिसीव हुई तो जसोई गांव के एक किसान ने फोन उठाया। किसान ने बताया कि उसे यह फोन धौलरा गांव के चिरवा टिल्ला मंदिर के पास से पड़ा मिला है।  प्रीति ने किसान को पूरी बात बताई तो किसान ने सुबह फ़ोन लौटने  की बात कही।

 परिजन सुबह ही तितावी पहुंचे और किसी अनहोनी की आशंका में रमन की तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने उनसे फोन पर संपर्क कर बुढ़ीना के जंगल में लाश मिलने की इत्तला दी। परिजनों के पहुंचने पर लाश की शिनाख्त रमन के रूप में हो गई। रमन पर धारदार हथियार से वार करने के साथ ही सिर में गोली भी मारी गई थी।


अहम सवाल यही है कि सिपाही की हत्या लूट के लिए हुई थी तो उसकी बाइक, मोबाइल और जेब में अन्य सामान क्यों छोड़ दिया गया। पुलिस का भी मानना है कि जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया है, उससे सुई रंजिश की ओर घूम रही हैं। परिजनों की मानें तो उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है और वह हत्या के पीछे के कारण को भी नहीं बता पा रहे हैं।

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