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पुलिस के सर्विलांस पर सौ से ज्यादा नंबर
अमर उजाला / ब्यूरो/ शामली
Updated Fri, 02 Dec 2016 01:19 AM IST
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शामली। नाभा जेल ब्रेक कराने के मास्टर माइंड पलविंदर उर्फ पिंदा से बरामद चार मोबाइल फोन के नंबरों की सीडीआर में सौ से ज्यादा नंबर संदिग्ध माने जा रहे हैं। इन नंबरों को सर्विलांस और अन्य माध्यमों से पुलिस छानबीन करने में लगी हुई है। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनमें से कितने नंबरों पर शामली और आसपास के इलाके में संपर्क साधा गया था।
पंजाब के जालंधर जिले के गांव निहालूगढ़ निवासी पलविंदर उर्फ पिंदा को 27 नवंबर की शाम कैराना में गिरफ्तार किया गया था। पलविंदर और उसके साथी ड्रग्स माफिया प्रेमा ने 27 नवंबर की सुबह ही पंजाब की नाभा जेल ब्रेक कराकर खालसा लिबरेशन फ्रंट के चीफ हरमिंदर उर्फ मिन्टू सहित छह लोगों को फरार करा दिया था। फरारी में 14 बदमाश शामिल थे, जो चार कारों से फरार हुए थे।
फरार होने के बाद पलविंदर ने अपनी फार्च्यूनर से ड्रग्स माफिया प्रेमा सहित चार लोगों को पानीपत में मुनक चौक के पास छोड़ा था। इसके बाद पलविंदर देहरादून जाने की फिराक में था, लेकिन कैराना में उसे गिरफ्तार कर चार मोबाइल फोन, नाभा जेल से लूटी गई एसएलआर के अलावा तीन बंदूक, दो वायरलेस सैट तथा 444 कारतूस बरामद किए गए थे।
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बरामद चारों मोबाइल फोन ड्यूल सिम वाले थे, जिनमें छह सिम कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे थे। छानबीन में जुटी पुलिस ने उक्त छह सिमकार्ड की कॉल डिटेल निकलवाई, जिसके बाद करीब 127 नंबर ऐसे पाए गए हैं, जिन पर सबसे ज्यादा बार बातचीत हुई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उनमें से कितने नंबर शामली जिले से संबंधित हैं। क्योंकि ड्रग्स माफिया प्रेमा ने पंजाब के बाद वेस्ट यूपी में ड्रग्स का कारोबार संचालित करने के लिए बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी पलविंदर को सौंप दी थी। वहीं, शामली जिले के कैराना और झिंझाना में ड्रग्स माफियाओं की जड़े काफी गहरी हैं।
नशीले पदार्थों की खेप इन क्षेत्रों में पंजाब से आती रही है। इसके चलते पुलिस को आशंका है कि ड्रग्स माफिया प्रेमा और पलविंदर से इस क्षेत्र के लोग भी परोक्ष रूप से जुड़े रहे हों। वहीं, इसको लेकर खुफिया एजेंसियां भी जांच करने में जुटी हैं। अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पलविंदर से बरामद मोबाइल फोन में इस्तेमाल सिम कार्डों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
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पंजाब के जालंधर जिले के गांव निहालूगढ़ निवासी पलविंदर उर्फ पिंदा को 27 नवंबर की शाम कैराना में गिरफ्तार किया गया था। पलविंदर और उसके साथी ड्रग्स माफिया प्रेमा ने 27 नवंबर की सुबह ही पंजाब की नाभा जेल ब्रेक कराकर खालसा लिबरेशन फ्रंट के चीफ हरमिंदर उर्फ मिन्टू सहित छह लोगों को फरार करा दिया था। फरारी में 14 बदमाश शामिल थे, जो चार कारों से फरार हुए थे।
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फरार होने के बाद पलविंदर ने अपनी फार्च्यूनर से ड्रग्स माफिया प्रेमा सहित चार लोगों को पानीपत में मुनक चौक के पास छोड़ा था। इसके बाद पलविंदर देहरादून जाने की फिराक में था, लेकिन कैराना में उसे गिरफ्तार कर चार मोबाइल फोन, नाभा जेल से लूटी गई एसएलआर के अलावा तीन बंदूक, दो वायरलेस सैट तथा 444 कारतूस बरामद किए गए थे।
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बरामद चारों मोबाइल फोन ड्यूल सिम वाले थे, जिनमें छह सिम कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे थे। छानबीन में जुटी पुलिस ने उक्त छह सिमकार्ड की कॉल डिटेल निकलवाई, जिसके बाद करीब 127 नंबर ऐसे पाए गए हैं, जिन पर सबसे ज्यादा बार बातचीत हुई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उनमें से कितने नंबर शामली जिले से संबंधित हैं। क्योंकि ड्रग्स माफिया प्रेमा ने पंजाब के बाद वेस्ट यूपी में ड्रग्स का कारोबार संचालित करने के लिए बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी पलविंदर को सौंप दी थी। वहीं, शामली जिले के कैराना और झिंझाना में ड्रग्स माफियाओं की जड़े काफी गहरी हैं।
नशीले पदार्थों की खेप इन क्षेत्रों में पंजाब से आती रही है। इसके चलते पुलिस को आशंका है कि ड्रग्स माफिया प्रेमा और पलविंदर से इस क्षेत्र के लोग भी परोक्ष रूप से जुड़े रहे हों। वहीं, इसको लेकर खुफिया एजेंसियां भी जांच करने में जुटी हैं। अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पलविंदर से बरामद मोबाइल फोन में इस्तेमाल सिम कार्डों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।