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खादर में गोलियां चलीं
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Mon, 21 Mar 2016 12:18 AM IST
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Sand mining mafia
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली के कांधला में यमुना नदी से इस्सोपुरटील क्षेत्र में अवैध रेत खनन बड़ा बवाल करा सकता है। शनिवार रात खनन को लेकर ग्रामीणों और खनन माफिया आमने सामने आ गए।
दोनों ओर से फायरिंग भी हुई। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंची, मगर वहां कोई नहीं मिला। गांव इस्सोपुरटील यमुना नदी किनारे काफी समय से रेत माफिया द्वारा अवैध रेत खनन किया जा रहा है।
अक्सर खनन माफिया के गुटों में वर्चस्व कायम करने को लेकर फायरिंग होती है। इसकी वजह से आसपास के गांव वाले परेशान रहते हैं। ग्रामीणों ने पूर्व में चेतावनी दी थी कि यदि पुलिस प्रशासन ने अवैध रेत खनन बंद नहीं कराया, तो वे खुद ही मोर्चा खोल देंगे।
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इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की और अवैध रेत खनन भी बदस्तूर जारी रहा। हालत यह हो गई कि पॉकलेन मशीन और जेसीबी लगाकर रेत खनन किया जाने लगा।
शनिवार रात गांव इस्सोपुर टील और डुंडुखेड़ा के ग्रामीणों ने खनन स्थल पर पहुंचकर रेत खनन का विरोध किया। आरोप है कि खनन माफिया ने अपने सहयोगियों से ग्रामीणों पर फायरिंग करा दी।
सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी और खनन माफिया का मुकाबला करने इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों और खनन माफिया के बीच फायरिंग की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उधर, थानाध्यक्ष नरेश कुमार यादव ने बताया कि खनन की सूचना पर मौके से पॉकलेन मशीन, जेसीबी, रेत से भरा ट्रक और एक बाइक कब्जे में ली गई है।
खनन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। वहीं, खनन माफिया का दावा है कि वह तो यमुना नदी किनारे स्टाक वाला रेत उठवा रहे हैं, खनन नहीं किया जा रहा है। प्रशासन से स्टाक के रेत को उठवाने का ठेका कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया गया है।
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दोनों ओर से फायरिंग भी हुई। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंची, मगर वहां कोई नहीं मिला। गांव इस्सोपुरटील यमुना नदी किनारे काफी समय से रेत माफिया द्वारा अवैध रेत खनन किया जा रहा है।
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अक्सर खनन माफिया के गुटों में वर्चस्व कायम करने को लेकर फायरिंग होती है। इसकी वजह से आसपास के गांव वाले परेशान रहते हैं। ग्रामीणों ने पूर्व में चेतावनी दी थी कि यदि पुलिस प्रशासन ने अवैध रेत खनन बंद नहीं कराया, तो वे खुद ही मोर्चा खोल देंगे।
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इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की और अवैध रेत खनन भी बदस्तूर जारी रहा। हालत यह हो गई कि पॉकलेन मशीन और जेसीबी लगाकर रेत खनन किया जाने लगा।
शनिवार रात गांव इस्सोपुर टील और डुंडुखेड़ा के ग्रामीणों ने खनन स्थल पर पहुंचकर रेत खनन का विरोध किया। आरोप है कि खनन माफिया ने अपने सहयोगियों से ग्रामीणों पर फायरिंग करा दी।
सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी और खनन माफिया का मुकाबला करने इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों और खनन माफिया के बीच फायरिंग की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उधर, थानाध्यक्ष नरेश कुमार यादव ने बताया कि खनन की सूचना पर मौके से पॉकलेन मशीन, जेसीबी, रेत से भरा ट्रक और एक बाइक कब्जे में ली गई है।
खनन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। वहीं, खनन माफिया का दावा है कि वह तो यमुना नदी किनारे स्टाक वाला रेत उठवा रहे हैं, खनन नहीं किया जा रहा है। प्रशासन से स्टाक के रेत को उठवाने का ठेका कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया गया है।